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कार में बच्ची रोते देख मची दहशत, शीशा तोड़ निकाला बाहर
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लांडरां। गांव मनौली में उस समय दहशत मच गई। जब एक व्यक्ति अपनी सोई हुई बच्ची को स्कूल के पास कार खड़ी कर बाजार से सामान खरीदने चला गया। इस दौरान बच्ची की नींद खुल गई और वह रोने लगी। इसी बीच बच्ची की आवाज सुनकर लोग इकट्ठा हो गए। जब आधा घंटे इंतजार करने के बाद भी बच्ची के पिता नहीं आए तो लोगों ने कार का शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला।
इससे पहले गांववासियों ने गांव के दोनों गुरुद्वारों से एनाउंसमेंट करवाई। फिर भी किसी के नहीं आने पर सोहाना थाना को सूचित किया। तुरंत सोहाना थाना के प्रभारी बर्मा सिंह ने एएसआई बीर चंद को मौके पर भेजा। इस बीच बच्ची का पिता बाजार से सामान लेकर कार के पास पहुंचा तो गांववासियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बीच में पड़कर उसे बचाया। मौके पर पहुंची पुलिस को उसने बताया कि वह बाजार में घर का सामान लेने चला गया था। दुकानदार के पास भीड़ होने के कारण उसे ज्यादा समय लगा।
बच्ची के पिता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह संगरूर के स्थायी निवासी हैं और अभी गांव चिल्ला में किराए पर रहते हैं। वह इंडियन इंस्टीयूटट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में नौकरी करता है। उसकी पत्नी किसान मंडी में सब्जी बेचने गई हुई थी जिस कारण वह बच्ची को अपने साथ कार में लेकर आया था। सोहाना पुलिस ने पूरी शिनाख्त करने के बाद बच्ची को उसके सुपुर्द कर दिया और आगे से ऐसी गलती न करने की बात कही।
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इससे पहले गांववासियों ने गांव के दोनों गुरुद्वारों से एनाउंसमेंट करवाई। फिर भी किसी के नहीं आने पर सोहाना थाना को सूचित किया। तुरंत सोहाना थाना के प्रभारी बर्मा सिंह ने एएसआई बीर चंद को मौके पर भेजा। इस बीच बच्ची का पिता बाजार से सामान लेकर कार के पास पहुंचा तो गांववासियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बीच में पड़कर उसे बचाया। मौके पर पहुंची पुलिस को उसने बताया कि वह बाजार में घर का सामान लेने चला गया था। दुकानदार के पास भीड़ होने के कारण उसे ज्यादा समय लगा।
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बच्ची के पिता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह संगरूर के स्थायी निवासी हैं और अभी गांव चिल्ला में किराए पर रहते हैं। वह इंडियन इंस्टीयूटट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में नौकरी करता है। उसकी पत्नी किसान मंडी में सब्जी बेचने गई हुई थी जिस कारण वह बच्ची को अपने साथ कार में लेकर आया था। सोहाना पुलिस ने पूरी शिनाख्त करने के बाद बच्ची को उसके सुपुर्द कर दिया और आगे से ऐसी गलती न करने की बात कही।
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