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Mohali News: स्कूल शिक्षा विभाग अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बांटेगा मुफ्त पाठ्य पुस्तकें

Sun, 24 Dec 2023 02:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Dec 2023 02:19 AM IST
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School Education Department will distribute free text books to Scheduled Caste students.
मोहाली। पंजाब सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने स्कूल शिक्षा विभाग को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें सौंपने का फैसला कर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा बोर्ड के खजाने पर होने वाले बोझ से हमेशा के लिए छुटकारा दिला दिया है। सामाजिक शिक्षा विभाग पर करीब 350 करोड़ का बकाया होने के बाद पंजाब सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने यह फैसला लिया है। शिक्षा बोर्ड सेवानिवृत्त अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह मान और बोर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के महासचिव सुखचैन सिंह सैनी ने एक संयुक्त प्रेस बयान के माध्यम से बताया कि अनुसूचित जाति के छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें (कक्षा 1 से 10वीं के लिए) एक राज्य प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति के स्कूलों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें प्रदान करना है। छात्रों को अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने में सक्षम बनाने के लिए पुस्तकों की छपाई और उनके फंड का पूरा काम पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) और स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। सामाजिक शिक्षा, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग बिलों की आपूर्ति करता है और विभाग वित्त विभाग से धनराशि प्राप्त करने के बाद बोर्ड को फंड जारी करता है।
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सामाजिक शिक्षा विभाग पर करीब 350 करोड़ का बकाया है, जिससे राजकोष बोर्ड का खजाना चरमरा गया है और कर्मचारियों को वेतन व पेंशन देने में दिक्कतें आ रही हैं। 1992 से अब तक ऐसी फीस का बकाया 51.40 करोड़ रुपये है। इसी तरह 12वीं कक्षा के अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की फीस का भुगतान राज्य सरकार ने शिक्षा बोर्ड को करना होता है। 2016 से अब तक इन फीस का बकाया 13.16 करोड़ रुपये बनता है जो अभी तक शिक्षा बोर्ड को नहीं दिया गया है।
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शिक्षा बोर्ड को मिली राहत

शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सतबीर बेदी आईएएस (सेवानिवृत्त) के प्रयास तब सफल रहे जब स्कूल शिक्षा के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समिति ने निर्णय लिया कि पुस्तकों की छपाई, वितरण और सत्यापन का काम अब शिक्षा विभाग करेगा। मीटिंग में फैसला लिया गया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा अनुसूचित जाति के छात्रों (कक्षा 1 से 10) के लिए मुफ्त पाठ्य पुस्तकों को बेहतर प्रबंधन और उचित निगरानी के लिए शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करना बेहतर होगा।
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इस साल किताबों के लिए रखा दो हजार करोड़ रुपये का बजट

सामाजिक शिक्षा, संस्थागतकरण और अल्पसंख्यक विभाग की मांग को ध्यान में रखते हुए कहा कि इस वर्ष में दो हजार करोड़ रुपये का बजट है। अब तक 90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें से 57.50 करोड़ रुपये पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। 16.25 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी रकम तिमाही पाबंदी के कारण जनवरी में ही 16.25 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। चेयरमैन ने 16.25 करोड़ रुपये की राशि तत्काल जारी करने और तिमाही पाबंदी पर छूट के संबंध में एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि शेष देनदारी को वर्ष 2023-24 के संशोधित व्यय में समायोजित किया जा सकता है। इस अनुसार वर्ष 2024-25 से मलकीयत स्कूल शिक्षा विभाग के पास रहेगी। वर्ष 2024-25 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग, वित्त विभाग से संबंधित हेड ऑफ अकाउंट के तहत स्कूल शिक्षा के लिए मांगे गए बजट की व्यवस्था करेगा। हालांकि विभाग ने 2022-23 तक योजना के तहत बकाया देनदारी के लिए बजट व्यवस्था की जाएगी।
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