बात फूलों की : अब महाराष्ट्र के गुलाबों से महकेगा मोहाली का रोज गार्डन, 150 किस्मों के 1500 पौधे लगेंगे
- मोहाली के रोज गार्डन में लगाए जाएंगे महाराष्ट्र से मंगवाए गए गुलाब
- गार्डन में डेढ़ सौ किस्मों के विभिन्न रंगों वाले पंद्रह सौ पौधे लगाए जाएंगे
- प्राइवेट कंपनी संभालेगी पौधों की देखरेख का जिम्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली के फेज-3बी1 में स्थापित रोज गार्डन अब महाराष्ट्र के गुलाबों की खुशबू से महकेगा। गार्डन में डेढ़ सौ किस्मों के विभिन्न रंगों वाले पंद्रह सौ पौधे लगाए जाएंगे, जो महाराष्ट्र से मंगवाए जा रहे हैं। यह सारा काम इसी माह के आखिर तक पूरा करने की योजना बनाई गई है। पौधों की देखरेख का जिम्मा प्राइवेट कंपनी संभालेगी।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने शनिवार को पौधा लगाकर इस मुहिम को शुरू किया। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि आने वाले समय में यहां भी रोज फेस्टिवल करवाया जाए। साथ ही अपने शहर को इंटरनेशनल स्तर पर पहचान दिलाई जाए।
जानकरी के मुताबिक रोज गार्डन शहर के प्रमुख पार्कों में से है। यहां पर पहले ही नगर निगम द्वारा गुलाब के पौधे और आकर्षक फव्वारे लगाए गए हैं लेकिन यहां पर लगी गुलाबों की सारी किस्में काफी पुरानी हो गई हैं। ऐसे में नगर निगम की योजना था कि इस गार्डन को नई लुक दी जाए। इससे पहले गार्डन में आकर्षक लैंड स्केपिंग से लेकर जॉगिग ट्रैक, ओपन एयर जिम व बच्चों के लिए स्पेशल कॉर्नर तक स्थापित किए गए थे। इसके बाद अब गुलाब के पौधे लगाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
पहले चरण में पांच सौ पौधे मंगवाए गए। अगले दो चरणों मे हजार पौधे मंगवाकर लगाए जाएंगे। इस मौके मंत्री के राजनीतिक सलाहकार व मार्केट कमेटी खरड़ के चेयरमैन हरकेश चंद शर्मा मच्छली कलां, पार्षद कुलजीत सिंह बेदी, जतिन्द्र सिंह भट्टी, अनमोल भाटी, एक्सईएन जसपाल सिंह टिवाणा और एसडीओ सुखविन्द्र सिंह हाजिर थे।
पांच साल है एक पौधे की जिंदगी, खूबसूरती बेमिसाल
नगर निगम की तरफ से महाराष्ट्र के पुणे से गुलाब के पौधे रोज गार्डन के लिए मंगवाए जा रहे हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि महाराष्ट्र के गुलाब के फूल काफी अच्छे माने जाते हैं। विदेशों में भी इनकी काफी डिमांड है। एक पौधे का जीवन कम से कम पांच साल तक रहता है।
साथ ही अगर इसका बिजनेस किया जाए तो यह मुनाफे का भी सौदा है। यह पौधे लगाने के बाद नगर निगम को हर साल पौधे लगाने के लिए खर्च नहीं करना पड़ेगा। वहीं, अन्य गार्डन के लिए भी नगर निगम यहां से पौधे तैयार कर पाएगा।
हर पौधे की पता लगेगी कहानी, स्वच्छता का देंगे संदेश
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की कोशिश यह है कि जो पौधे गार्डन में लगाए जाएंगे उसके साथ उस फूल की किस्म व उसकी विशेषता के बारे में बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही सारा गार्डन पूरी तरह से प्लास्टिक फ्री रहेगा। गार्डन के अंदर स्वच्छ भारत का संदेश देते हुए होर्डिंग भी लगाए जाएंगे।