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Mohali News: सिविल अस्पताल में इंफ्लुएंजा के मरीज बढ़े, रोज 55-60 बच्चे पहुंच रहे ओपीडी

Wed, 26 Aug 2026 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:09 AM IST
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Rise in influenza patients at the Civil Hospital; 55-60 children visiting the OPD daily
फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की बाल ओपीडी में लगी है मरीजों की भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की बाल ओपीडी में इंफ्लुएंजा और तेज बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है। रोजाना करीब 55 से 60 बच्चे बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश की शिकायत लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ बच्चों को तेज बुखार होने पर आपातकालीन विभाग में भर्ती करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ साहिल विकास ने बताया कि इंफ्लुएंजा एक मौसमी वायरल संक्रमण है। यह एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैल सकता है। घर या स्कूल में एक बच्चे को संक्रमण होने पर उसके संपर्क में आने वाले अन्य बच्चों में भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इसलिए बच्चों में शुरुआती लक्षण दिखने पर सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने इंफ्लुएंजा के लक्षणों की जानकारी दी। इनमें अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान भी इसके लक्षण हो सकते हैं। कुछ बच्चों में उल्टी या दस्त भी देखे जा सकते हैं। जांच में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या अस्थायी रूप से कम हो सकती है। हालांकि, केवल श्वेत रक्त कोशिकाओं का कम होना इंफ्लुएंजा की पुष्टि नहीं करता।
बच्चों में इंफ्लुएंजा के लक्षण
अचानक तेज बुखार या बहुत अधिक बुखार होने पर सतर्क रहें। लगातार खांसी और गले में खराश भी महत्वपूर्ण लक्षण हैं। नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और शरीर में दर्द भी हो सकता है। बच्चे में अधिक कमजोरी या सुस्ती दिखे तो ध्यान दें। कुछ बच्चों में उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं।
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बचाव और चिकित्सकीय सलाह
इंफ्लुएंजा से बचाव के लिए बच्चों को बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत डालें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। बीमार बच्चे को स्कूल न भेजें और अन्य बच्चों से दूरी बनाए रखें। घर में साफ-सफाई के साथ हवा का पर्याप्त आवागमन रखें। बच्चे को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ दें। तेज बुखार लगातार बना रहे, बच्चा बहुत सुस्त हो या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए।
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