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उद्योगों को राहत, अब निगम नहीं पीएसआईईसी करेगा नक्शे पास
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मोहाली। वीआईपी सिटी में नई औद्योगिक इकाइयां बनने के काम में अब तेजी आने की उम्मीद है। पंजाब सरकार ने मोहाली नगर निगम से औद्योगिक इमारतों के नक्शे पास करने की जिम्मेदारी वापस लेकर पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) को सौंप दी है। साथ ही कोरोना काल के चलते औद्योगिक इमारतों के निर्माण के लिए छह माह का अतिरिक्त समय भी दिया गया है।
मोहाली इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन कई महीने से सरकार से नक्शे पास करवाने में आ रही परेशानियों व औद्योगिक इमारतों के निर्माण में करोना काल के चलते आई बाधा को लेकर संपर्क में थी। इसके लिए पंजाब के उद्योग मंत्री श्याम सुंदर अरोड़ा के साथ उद्योगपतियों की बैठकें भी हुईं। इसके बाद पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों की समस्याओं को देखते हुए नक्शे पास करने का काम नगर निगम से वापस लेने का फैसला लिया।
दरअसल, मोहाली शहर की तरह ही यहां के उद्योगों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया गया है। मोहाली में रिहायशी व व्यापारिक इमारतों के नक्शे पास करने का काम गमाडा करता है, वहीं मोहाली की औद्योगिक इमारतों के नक्शे पास करने का जिम्मा पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम यानी पीएसआईईसी का था।
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दो साल पहले निगम को मिली थी जिम्मेदारी
करीब दो साल पहले पंजाब सरकार ने औद्योगिक इमारतों के नक्शे पास करने की जिम्मेदारी मोहाली नगर निगम को सौंप दी थी। तभी से यहां उद्योगों के नक्शे पास करने का काम लटकता आ रहा था। इसकी मुख्य वजह नगर निगम के पास औद्योगिक समझ वाले मूलभूत ढांचे का न होना भी रहा। इसके चलते इस दौरान लगभग 60 औद्योगिक इमारतों के नक्शे नगर निगम के पास लंबे समय तक फंसे रहे। अगर नगर निगम समय पर इन इमारतों के नक्शे पास कर देता तो इनमें से अधिकांश औद्योगिक इकाइयां अब तक उत्पादन भी शुरू कर चुकी होतीं। निगम की धीमी चाल के चलते जहां एक ओर उद्योगपतियों को नुकसान उठाना पड़ा, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों के शुरू न हो पाने से रोजगार के अवसर भी घटे। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर मोहाली के उद्योगपति सरकार से नक्शे पास करने का काम निगम से वापस लेने की मांग कर रहे थे। अब पंजाब सरकार ने इस फैसला लेते हुए नगर निगम से नक्शे पास करने की जिम्मेदारी वापस लेकर पीएसआईईसी को फिर से सौंप दी है।
नगर निगम रहा विफल
वीआईपी सिटी की औद्योगिक इकाइयों के नक्शे पास करने का अहम काम मोहाली नगर निगम को करीब दो साल पहले सौंपा गया था। निगम के सामने समस्या यह थी कि उसकी बिल्डिंग ब्रांच नाममात्र की है। इस ब्रांच में भी अधिकतर कर्मचारी नियमित नहीं हैं। तीन साल से निगम में नई भर्तियां भी नहीं हुई हैं। उस पर औद्योगिक इमारतों के नक्शों की समझ रखने वाला स्टाफ भी निगम के पास नहीं था, जिसके चलते पहले व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने में समस्याएं आती रहीं। फिर इस समस्या को दूर करने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किए गए, तो यहां भी दिक्कत आने लगी। औद्योगिक इमारतों के नक्शों की फाइल काफी भारी होने के कारण निगम की साइट पर अपलोड ही नहीं होती थी। प्लॉट खरीदने के बाद लंबे समय तक नक्शा पास न होने से उद्योगपति पर आर्थिक बोझ पड़ना शुरू हो जाता था।
कोरोना से प्रभावित हुए काम
कोरोना काल के चलते हर तरह का काम प्रभावित हुआ। इसका असर औद्योगिक इकाइयों की इमारतों के निर्माण पर भी पड़ा। इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने औद्योगिक इमारतों के निर्माण के लिए छह माह का अतिरिक्त समय देने का भी फैसला किया। इससे उन उद्योगपतियों को राहत मिली, जिनकी समय वैधता खत्म हो रही थी। औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट खरीदने के बाद तीन साल के भीतर इमारत का निर्माण करना होता है। नक्शे पास होने में हो रही देरी व कोरोना काल के चलते मोहाली के उद्योगपति परेशान थे। इन उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने इन्हें निर्माण करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
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मोहाली इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन कई महीने से सरकार से नक्शे पास करवाने में आ रही परेशानियों व औद्योगिक इमारतों के निर्माण में करोना काल के चलते आई बाधा को लेकर संपर्क में थी। इसके लिए पंजाब के उद्योग मंत्री श्याम सुंदर अरोड़ा के साथ उद्योगपतियों की बैठकें भी हुईं। इसके बाद पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों की समस्याओं को देखते हुए नक्शे पास करने का काम नगर निगम से वापस लेने का फैसला लिया।
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दरअसल, मोहाली शहर की तरह ही यहां के उद्योगों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया गया है। मोहाली में रिहायशी व व्यापारिक इमारतों के नक्शे पास करने का काम गमाडा करता है, वहीं मोहाली की औद्योगिक इमारतों के नक्शे पास करने का जिम्मा पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम यानी पीएसआईईसी का था।
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दो साल पहले निगम को मिली थी जिम्मेदारी
करीब दो साल पहले पंजाब सरकार ने औद्योगिक इमारतों के नक्शे पास करने की जिम्मेदारी मोहाली नगर निगम को सौंप दी थी। तभी से यहां उद्योगों के नक्शे पास करने का काम लटकता आ रहा था। इसकी मुख्य वजह नगर निगम के पास औद्योगिक समझ वाले मूलभूत ढांचे का न होना भी रहा। इसके चलते इस दौरान लगभग 60 औद्योगिक इमारतों के नक्शे नगर निगम के पास लंबे समय तक फंसे रहे। अगर नगर निगम समय पर इन इमारतों के नक्शे पास कर देता तो इनमें से अधिकांश औद्योगिक इकाइयां अब तक उत्पादन भी शुरू कर चुकी होतीं। निगम की धीमी चाल के चलते जहां एक ओर उद्योगपतियों को नुकसान उठाना पड़ा, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों के शुरू न हो पाने से रोजगार के अवसर भी घटे। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर मोहाली के उद्योगपति सरकार से नक्शे पास करने का काम निगम से वापस लेने की मांग कर रहे थे। अब पंजाब सरकार ने इस फैसला लेते हुए नगर निगम से नक्शे पास करने की जिम्मेदारी वापस लेकर पीएसआईईसी को फिर से सौंप दी है।
नगर निगम रहा विफल
वीआईपी सिटी की औद्योगिक इकाइयों के नक्शे पास करने का अहम काम मोहाली नगर निगम को करीब दो साल पहले सौंपा गया था। निगम के सामने समस्या यह थी कि उसकी बिल्डिंग ब्रांच नाममात्र की है। इस ब्रांच में भी अधिकतर कर्मचारी नियमित नहीं हैं। तीन साल से निगम में नई भर्तियां भी नहीं हुई हैं। उस पर औद्योगिक इमारतों के नक्शों की समझ रखने वाला स्टाफ भी निगम के पास नहीं था, जिसके चलते पहले व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने में समस्याएं आती रहीं। फिर इस समस्या को दूर करने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किए गए, तो यहां भी दिक्कत आने लगी। औद्योगिक इमारतों के नक्शों की फाइल काफी भारी होने के कारण निगम की साइट पर अपलोड ही नहीं होती थी। प्लॉट खरीदने के बाद लंबे समय तक नक्शा पास न होने से उद्योगपति पर आर्थिक बोझ पड़ना शुरू हो जाता था।
कोरोना से प्रभावित हुए काम
कोरोना काल के चलते हर तरह का काम प्रभावित हुआ। इसका असर औद्योगिक इकाइयों की इमारतों के निर्माण पर भी पड़ा। इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने औद्योगिक इमारतों के निर्माण के लिए छह माह का अतिरिक्त समय देने का भी फैसला किया। इससे उन उद्योगपतियों को राहत मिली, जिनकी समय वैधता खत्म हो रही थी। औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट खरीदने के बाद तीन साल के भीतर इमारत का निर्माण करना होता है। नक्शे पास होने में हो रही देरी व कोरोना काल के चलते मोहाली के उद्योगपति परेशान थे। इन उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने इन्हें निर्माण करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।