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नए सेक्टरों में पानी के महंगे रेट से मिलेगी राहत
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मोहाली। शहर के नए सेक्टरों के लोगों को जल्द ही पानी के महंगे बिलों से छुटकारा मिल सकता है। अभी निगम की बजाय गमाडा की सप्लाई के कारण लोगों को करीब साढ़े सात रुपये प्रति हजार लीटर अतिरिक्त बिल देना पड़ा रहा है। नगर निगम ने इस संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत नए सेक्टरों के पानी और सीवरेज के सिस्टम को नगर निगम गमाडा से टेकओवर कर लेगा। यह जानकारी वीरवार को हाउस की मीटिंग में नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने दी। इस मौके नगर निगम के इंजीनियर शाखा के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि फाइल उन्होंने आगे बढ़ा दी है। उम्मीद है कि एक महीने में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक वीरवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग शुरू हुई तो नए सेक्टरों के पार्षद बॉबी कंबोज, रजनी गोयल व सतबीर सिंह धनोआ ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनके इलाके के लोगों पर पानी के बिलों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोग उनसे सवाल करते हैं लेकिन वे उन्हें कोई उचित जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसके बाद नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने इस संबंधी इंजीनियर शाखा के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह सारी प्रक्रिया एक महीने में पूरी होगी। इसके बाद मेयर ने जानकारी हाउस को दी तो वे शांत हुए।
नगर निगम व गमाडा के रेटों में 7.60 रुपयेे का है अंतर
जानकारी के मुताबिक भले ही नए सेक्टर नगर निगम के अधीन आ गए है। लेकिन अभी तक सेक्टर-66 से 69, 76 से 80 और एयरोसिटी के एरिया में पानी और सीवरेज का सारा सिस्टम गमाडा के अधीन है। गमाडा एक हजार लीटर पानी का रेट 9.40 रुपये लेता है जबकि नगर निगम का रेट 1.80 रुपये हैं। मतलब गमाडा लोगों से 7.60 रुपये ज्यादा ले रहा है। लोग काफी समय से मांग कर रहे है कि इन इलाकों में नगर निगम के बिल को तुरंत लागू किया जाए।
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2017 में रेट बढ़ने पर लोगों ने शुरू किया था संघर्ष
जानकारी के मुताबिक गमाडा ने 2017 में पानी के रेट बढ़ाए थे। इसके बाद से उक्त लोगों नेे संघर्ष शुरू किया था। इसके बाद नगर निगम ने एक प्रस्ताव बनाकर गमाडा को भेजा था। इस पर गमाडा ने कई ऑब्जेक्शन लगाए। अब नगर निगम ने तय किया है कि जल्दी ही सारी प्रक्रिया पूरी करके गमाडा से तुरंत व्यवस्था को टेकओवर किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक वीरवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग शुरू हुई तो नए सेक्टरों के पार्षद बॉबी कंबोज, रजनी गोयल व सतबीर सिंह धनोआ ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनके इलाके के लोगों पर पानी के बिलों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोग उनसे सवाल करते हैं लेकिन वे उन्हें कोई उचित जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसके बाद नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने इस संबंधी इंजीनियर शाखा के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह सारी प्रक्रिया एक महीने में पूरी होगी। इसके बाद मेयर ने जानकारी हाउस को दी तो वे शांत हुए।
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नगर निगम व गमाडा के रेटों में 7.60 रुपयेे का है अंतर
जानकारी के मुताबिक भले ही नए सेक्टर नगर निगम के अधीन आ गए है। लेकिन अभी तक सेक्टर-66 से 69, 76 से 80 और एयरोसिटी के एरिया में पानी और सीवरेज का सारा सिस्टम गमाडा के अधीन है। गमाडा एक हजार लीटर पानी का रेट 9.40 रुपये लेता है जबकि नगर निगम का रेट 1.80 रुपये हैं। मतलब गमाडा लोगों से 7.60 रुपये ज्यादा ले रहा है। लोग काफी समय से मांग कर रहे है कि इन इलाकों में नगर निगम के बिल को तुरंत लागू किया जाए।
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2017 में रेट बढ़ने पर लोगों ने शुरू किया था संघर्ष
जानकारी के मुताबिक गमाडा ने 2017 में पानी के रेट बढ़ाए थे। इसके बाद से उक्त लोगों नेे संघर्ष शुरू किया था। इसके बाद नगर निगम ने एक प्रस्ताव बनाकर गमाडा को भेजा था। इस पर गमाडा ने कई ऑब्जेक्शन लगाए। अब नगर निगम ने तय किया है कि जल्दी ही सारी प्रक्रिया पूरी करके गमाडा से तुरंत व्यवस्था को टेकओवर किया जाएगा।