Mohali: ट्यूबवेल के बोर में गिरे कुत्ते के तीन बच्चे, 29 घंटे के ऑपरेशन के बावजूद नहीं बचे
कैमरे के जरिए कुत्तों के बच्चों की स्थिति एवं गहराई को जांचा गया और ऑपरेशन तेज किया गया। रात दस बजे तक पैंतीस फुट तक एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई थी लेकिन तभी जमीन धंसने लगी। इस दौरान कुत्ते के बच्चे मिट्टी में दब गए।
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खरड़ के गांव भागोमाजरा में चालीस फुट गहरे बोरवेल में गिरे कुत्ते के तीन बच्चों को बचाने के लिए 29 घंटे तक चला ऑपरेशन शनिवार रात करीब दस बजे तीनों की मौत के साथ बंद हो गया। प्रशासन के साथ एनडीआरफ की टीम ने पिल्लों को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मिट्टी धंसने से उनकी मौत हो गई।
भागोमाजरा गांव में किसी व्यक्ति द्वारा निजी ट्यूबवेल के लिए बोरवेल किया जा रहा था। गुरुवार को उसमें तीन पिल्ले गिर गए। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुक्रवार को समाजसेवी संस्थाएं और कुछ लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पिल्लों को बचाने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मोहाली में कुत्तों के लिए एनजीओ चलाने वाली संस्था की प्रेसिडेंट मीनाक्षी मलिक ने बताया कि शुरुआत में प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली थी। इस पर उन्होंने सांसद मेनका गांधी को फोन किया और उन्हें मामले की जानकारी दी। इसके बाद मेनका गांधी ने एसडीएम खरड़ को फोन कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने को कहा। इसके बाद प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड एवं जेसीबी मशीन बुलाकर कुत्तों को बचाने की कोशिश शुरू की।
कामयाबी नहीं मिलती देख एसडीएम खरड़ ने शनिवार को एनडीआरएफ की टीम को सूचित किया। दोपहर बाद करीब तीन बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और पाइप के जरिए पिल्लों तक ऑक्सीजन पहुंचाई गई। कैमरे के जरिए कुत्तों के बच्चों की स्थिति एवं गहराई को जांचा गया और ऑपरेशन तेज किया गया। रात दस बजे तक पैंतीस फुट तक एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई थी लेकिन तभी जमीन धंसने लगी। इस दौरान कुत्ते के बच्चे मिट्टी में दब गए। इसके बाद ऑपरेशन को बंद करने का एलान कर दिया।
मां से लगा बच्चों के कुएं में गिरने का पता
चश्मदीद लोगों ने बताया कि बोरवेल में गिरे कुत्ते के बच्चों की मां मौके पर घूम रही थी। वह बोरवेल के आसपास ही भोंक रही थी। उसकी इस घबराहट देखकर किसी राहगीर को इस बारे में पता चला। बताया जाता है कि बोरवेल का मुंह केवल 6 इंच चौड़ा था।
मकान मालिक फरार
जिस व्यक्ति के द्वारा यह बोरवेल किया जा रहा था, उसके घर पर ताला लगा हुआ है। पड़ोसियों ने बताया कि मामले के सुर्खियों में आते देख मकान मालिक ताला लगाकर कहीं फरार हो गया है। खरड़ थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि अभी तक मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी व्यक्ति द्वारा कोई शिकायत दी जाती है तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
मौके पर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। एनडीआरएफ की टीम ने करीब सात घंटे तक ऑपरेशन चलाया लेकिन मिट्टी धंसने से ऑपरेशन को रोक दिया गया। कुत्ते के बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया है। रविवार को इस मामले में पुलिस को शिकायत दी जाएगी। साथ ही बोरवेल खोदने वाले आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी। -रविंद्र सिंह, एसडीएम खरड़
मैं खुद मौके पर मौजूद था। शनिवार शाम सात बजे तक लगभग बचाव कार्य का आधा काम कर लिया गया था लेकिन देर रात जब मिट्टी धंसनी शुरू हो गई तो ऑपरेशन को रोक दिया गया। मान लिया गया कुत्ते के बच्चे मर गए हैं। -जसविंदर सिंह, तहसीलदार खरड़