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सनोली, नगला, अड्डा झुग्गियां और छत में प्राॅपर्टी टैक्स लागू
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जीरकपुर। स्थानीय नगर परिषद में सीमा के साथ लगते गांवों को शामिल किया गया था, जिसकी प्रक्रिया 2016 में पूरी हुई। राज्य सरकार ने 2016 में स्थानीय नगर परिषद में शामिल किए गांवों को दिसंबर 2019 तक प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी गई थी। अब इसकी समयसीमा समाप्त हो चुकी है। 2016 में सनोली, नगला, अड्डा झुग्गियां और छत्त गांव को पंचायती प्रबंध से अलग कर नगर परिषद में शामिल किया गया था।
पंचायती प्रबंध के समाप्त होने के बाद बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का जिम्मा नगर परिषद के अधीन हो गया है और शहर के बाकी हिस्सों की तरह यहां भी लोगों को प्रापर्टी टैक्स देना पड़ेगा।
स्थानीय नगर परिषद की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स लागू करने के लिए बीते दिनों भेजे प्रस्ताव को निकाय विभाग ने मंजूरी दे दी है। अब इन गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स लागू हो गया है। इन गांवों के निवासियों को अब जनवरी 2020 से टैक्स जमा करवाना पड़ेगा।
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तीन साल के लिए मिली थी छूट
राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के मद्देनजर साल 2013 में प्रॉपर्टी टैक्स लागू किया था। प्रॉपर्टी टैक्स लागू करने का उद्देश्य इससे एकत्रित होने वाले रुपये को शहरों में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च करना है। निकाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन नए क्षेत्रों को नगर परिषद के अधीन शामिल किया जाता है, उन्हें पहले तीन साल तक प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी जाती है।
कोट्..
2016 में सनोली, नगला, अड्डा झुग्गियां व छत्त गांव में पंचायती प्रबंध को समाप्त कर इन्हें नगर परिषद में शामिल किया गया था। इस दौरान इन क्षेत्रों में तीन साल तक प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी गई थी। समयसीमा समाप्त होने पर विभाग को पत्र लिखकर टैक्स लागू करने की मंजूरी मांगी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद अब जनवरी 2020 से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना पड़ेगा। -संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।
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पंचायती प्रबंध के समाप्त होने के बाद बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का जिम्मा नगर परिषद के अधीन हो गया है और शहर के बाकी हिस्सों की तरह यहां भी लोगों को प्रापर्टी टैक्स देना पड़ेगा।
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स्थानीय नगर परिषद की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स लागू करने के लिए बीते दिनों भेजे प्रस्ताव को निकाय विभाग ने मंजूरी दे दी है। अब इन गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स लागू हो गया है। इन गांवों के निवासियों को अब जनवरी 2020 से टैक्स जमा करवाना पड़ेगा।
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तीन साल के लिए मिली थी छूट
राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के मद्देनजर साल 2013 में प्रॉपर्टी टैक्स लागू किया था। प्रॉपर्टी टैक्स लागू करने का उद्देश्य इससे एकत्रित होने वाले रुपये को शहरों में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च करना है। निकाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन नए क्षेत्रों को नगर परिषद के अधीन शामिल किया जाता है, उन्हें पहले तीन साल तक प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी जाती है।
कोट्..
2016 में सनोली, नगला, अड्डा झुग्गियां व छत्त गांव में पंचायती प्रबंध को समाप्त कर इन्हें नगर परिषद में शामिल किया गया था। इस दौरान इन क्षेत्रों में तीन साल तक प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी गई थी। समयसीमा समाप्त होने पर विभाग को पत्र लिखकर टैक्स लागू करने की मंजूरी मांगी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद अब जनवरी 2020 से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना पड़ेगा। -संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।