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निगम के दावे हवाहवाई, पानी निकासी प्रबंध ठप, कई जगहों पर धंसी जमीन
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फेज-3बी2 में धंसी जमीन के दिखाते पार्षद कुलजीत बेदी।
- फोटो : MOHALI
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मोहाली। चार दिन से हो रही बारिश ने नगर निगम के बरसाती पानी के निकासी प्रबंधों के दावों की पोल खोल दी है। शहर के ज्यादातर इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने से लोग काफी परेशान हैं। कई पार्कों का स्तर नीचा होने से उनमें भी पानी भर गया है, जिसमें मच्छर पनपने से बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। कई इलाकों में सड़कों के किनारे से मिट्टी बहने से जमीन धंस गई है। नगर निगम के दावों में चाहे यहां बरसाती पानी की निकासी की कोई समस्या नहीं है, परंतु जिस शहर के अलग-अलग फेजों और सेक्टरों में सड़कों के किनारे पानी रुकने से साफ है कि दावे हवाहवाई हैं। ऐसे में अभी तो बारिश का मौसम शुरू हुआ है, आने वाले दिनों में शहर वासियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
इन फेजों में धंसी जमीन
फेज-1, 2, फेज-3ए, 3बी2, फेज-4, 5 के अलावा कई स्थानों पर जमीन धंसने के मामले सामने आए हैं। इनका कारण मुख्य तौर पर रोड गलियों या सीवरेज की लाइन में लीकेज होने के कारण मिट्टी का पानी के साथ बह जाना बताया जा रहा है, जिससे सड़कों के किनारों पर जमीन धंस रही है। निगम के अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग फेजों में ऐसे स्थानों की मरम्मत भी कर रहे हैं, परंतु सवाल यह है कि यह काम बरसातों में ही क्यों शुरू किया गया।
निगम अधिकारी करते हैं मनमर्जी : डिप्टी मेयर
जमीन धंसने के मामलों में नगर निगम के डिप्टी मेयर मनजीत सिंह सेठी ने बताया कि निगम अधिकारी मनमर्जी से काम करते हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। फेज-3बी2 के पार्षद कुलजीत बेदी ने बताया कि उनके इलाके में कई जगह जमीन धंस गई है। निगम कर्मचारियों ने इन स्थानों पर मिट्टी डाल कर मुरम्मत भी की है, पर मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना भी प्रकट की गई है, जिससे और भी नुकसान हो सकता है। निगम के आधे अधूरे इंतजामों के कारण बरसातों में लोगों की परेशानी बढ़ना तय है।
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गमाडा के सेक्टरों का हाल सबसे बुरा
गमाडा के अधीन आते सेक्टर-76-80 में रोड गलियों साफ न होने से यहां पानी निकासी की भारी समस्या सामने आ रही है। हर समय पानी जमा रहने से इलाका वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद सुरिंदर सिंह ने बताया कि गमाडा की ओर से पिछले समय में लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से अंदरूनी सड़कें बनवाई गईं थीं और अब लगातार पानी ठहरने से सड़के टूटने का खतरा बना हुआ है। वहीं कई स्थानों पर सड़कों के किनारे मैनहोल के ढक्कन भी नहीं हैं, जहां पर हर समय हादसे का डर बना रहता है। इस मामले में कई बार एसडीओ को शिकायत दी गई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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इन फेजों में धंसी जमीन
फेज-1, 2, फेज-3ए, 3बी2, फेज-4, 5 के अलावा कई स्थानों पर जमीन धंसने के मामले सामने आए हैं। इनका कारण मुख्य तौर पर रोड गलियों या सीवरेज की लाइन में लीकेज होने के कारण मिट्टी का पानी के साथ बह जाना बताया जा रहा है, जिससे सड़कों के किनारों पर जमीन धंस रही है। निगम के अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग फेजों में ऐसे स्थानों की मरम्मत भी कर रहे हैं, परंतु सवाल यह है कि यह काम बरसातों में ही क्यों शुरू किया गया।
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निगम अधिकारी करते हैं मनमर्जी : डिप्टी मेयर
जमीन धंसने के मामलों में नगर निगम के डिप्टी मेयर मनजीत सिंह सेठी ने बताया कि निगम अधिकारी मनमर्जी से काम करते हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। फेज-3बी2 के पार्षद कुलजीत बेदी ने बताया कि उनके इलाके में कई जगह जमीन धंस गई है। निगम कर्मचारियों ने इन स्थानों पर मिट्टी डाल कर मुरम्मत भी की है, पर मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना भी प्रकट की गई है, जिससे और भी नुकसान हो सकता है। निगम के आधे अधूरे इंतजामों के कारण बरसातों में लोगों की परेशानी बढ़ना तय है।
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गमाडा के सेक्टरों का हाल सबसे बुरा
गमाडा के अधीन आते सेक्टर-76-80 में रोड गलियों साफ न होने से यहां पानी निकासी की भारी समस्या सामने आ रही है। हर समय पानी जमा रहने से इलाका वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद सुरिंदर सिंह ने बताया कि गमाडा की ओर से पिछले समय में लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से अंदरूनी सड़कें बनवाई गईं थीं और अब लगातार पानी ठहरने से सड़के टूटने का खतरा बना हुआ है। वहीं कई स्थानों पर सड़कों के किनारे मैनहोल के ढक्कन भी नहीं हैं, जहां पर हर समय हादसे का डर बना रहता है। इस मामले में कई बार एसडीओ को शिकायत दी गई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।