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लालड़ू में दो गोशालाएं, फिर भी मौत बनकर घूम रहे लावारिस पशु
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लालड़ू। इलाके में दो गोशाला होने के बाद भी लावारिस पशु मौत बनकर घूम रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न देने से लोग डर के साए में जी रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण यहां पिछले वर्ष एक व्यक्ति की मौत हो गई थी व कई व्यक्ति जख्मी भी हो चुके हैं।
गौरतलब है कि गांव मगरा में 32 एंकड़ और लालड़ू में 5 एकड़ में गोशालाएं बनी होने के बावजूद सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है। लावारिस पशु किसी भी समय उग्र रूप धारण कर लोगों पर हमला कर जख्मी कर देते हैं। बाजारों, मोहाल्लों में झुंड बनाकर घूम रहे लावारिस पशुओं के कारण बूढ़े, बच्चे व महिलाएं घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। मुख्य मार्ग पर भी लावारिस पशुओं के कारण राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में कई बार लोक भलाई संस्था सहित स्थानीय लोग महिंद्र सिंह काला, चंद्रपाल, परमजीत सिंह, बलराज, बलकार सिंह, धर्मेंद्र, दलबीर सिंह नगर काउंसिल अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी उचित कदम नहीं उठा रहे।
बता दें कि पूर्व पशुपालन व डेयरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू व पूर्व डीसी ने कई बार गांव मगरा गोशाला का दौरा कर पशुओं को उठाने वाला वाहन उपलब्ध करवाकर जल्द ही लावारिस पशुओं से निजात दिलवाने का वादा किया था, जो एक वर्ष बाद भी अधूरा है।
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पिछले वर्ष 27 जुलाई को मोटरसाइकिल पर जा रहे 30 वर्षीय बजिंद्र कुमार के सामने अचानक लावारिस पशु आने के कारण हुए हादसे में बजिंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा मंजीत कौर पत्नी सोहन सिंह लालड़ू मंडी जिसको लावारिस पशु ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था और अस्पताल में करीब 60-70 टांके लगवाने पड़े थे। इसके अलावा छोटू, लज्जा राम, अजमेर सिंह, भिंदी, जय देव भट्टी, निखिल सहित हाईवे से गुजर रहे कई राहगीर इन पशुओं का शिकार बन चुके हैं। इसके अलावा घर के सामने बैठे दो बुजुर्ग लावारिस पशुओं के हमले से बुरी तरह से जख्मी हो गए थे।
इस संदर्भ में नगर काउंसिल लालड़ू के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पहले से अब लावारिस पशुओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति लावारिस पशु छोड़ता पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि गांव मगरा में 32 एंकड़ और लालड़ू में 5 एकड़ में गोशालाएं बनी होने के बावजूद सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है। लावारिस पशु किसी भी समय उग्र रूप धारण कर लोगों पर हमला कर जख्मी कर देते हैं। बाजारों, मोहाल्लों में झुंड बनाकर घूम रहे लावारिस पशुओं के कारण बूढ़े, बच्चे व महिलाएं घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। मुख्य मार्ग पर भी लावारिस पशुओं के कारण राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में कई बार लोक भलाई संस्था सहित स्थानीय लोग महिंद्र सिंह काला, चंद्रपाल, परमजीत सिंह, बलराज, बलकार सिंह, धर्मेंद्र, दलबीर सिंह नगर काउंसिल अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी उचित कदम नहीं उठा रहे।
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बता दें कि पूर्व पशुपालन व डेयरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू व पूर्व डीसी ने कई बार गांव मगरा गोशाला का दौरा कर पशुओं को उठाने वाला वाहन उपलब्ध करवाकर जल्द ही लावारिस पशुओं से निजात दिलवाने का वादा किया था, जो एक वर्ष बाद भी अधूरा है।
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पिछले वर्ष 27 जुलाई को मोटरसाइकिल पर जा रहे 30 वर्षीय बजिंद्र कुमार के सामने अचानक लावारिस पशु आने के कारण हुए हादसे में बजिंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा मंजीत कौर पत्नी सोहन सिंह लालड़ू मंडी जिसको लावारिस पशु ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था और अस्पताल में करीब 60-70 टांके लगवाने पड़े थे। इसके अलावा छोटू, लज्जा राम, अजमेर सिंह, भिंदी, जय देव भट्टी, निखिल सहित हाईवे से गुजर रहे कई राहगीर इन पशुओं का शिकार बन चुके हैं। इसके अलावा घर के सामने बैठे दो बुजुर्ग लावारिस पशुओं के हमले से बुरी तरह से जख्मी हो गए थे।
इस संदर्भ में नगर काउंसिल लालड़ू के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पहले से अब लावारिस पशुओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति लावारिस पशु छोड़ता पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।