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Mohali News: प्रिंस का पिता भी गिरफ्तार<bha>;</bha> फर्जी किडनैपिंग की साजिश रचने, पुलिस को गुमराह करने का आरोप
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मोहाली/राजपुरा। लांडरां रोड पर दो दिन पहले पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए बदमाश परमवीर सिंह उर्फ प्रिंस के पिता डॉ. हरपाल सिंह को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि अपराध में बेटे और भतीजे के साथ वह भी बराबर के हिस्सेदार हैं। उनके खिलाफ राजपुरा थाने में नई एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में राजपुरा पुलिस ने डॉ. हरपाल के साथ बेटे परमवीर सिंह उर्फ प्रिंस व बीते शुक्रवार को मोहाली में पकड़े गए बदमाश हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन को भी नामजद किया है। डॉ. हरपाल पर क्षति पहुंचाने के आशय से अपराध का झूठा आरोप लगाने, षडयंत्र रचने, सरकारी काम में विघ्न डालने, पुलिस को गुमराह करने व साजिश के तहत खुद पर
हमला करवाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रिंस का पिता डॉ. हरपाल अच्छी तरह जानता था कि उसका बेटा आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। उसने बेटे व भतीजे के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और पुलिस को गुमराह किया। मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार दूसरा बदमाश कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी कर्मजीत सिंह उर्फ कर्मा डॉ. हरपाल का सगा भतीजा है। वहीं, कर्मा और गांव सैफदीपुर (पटियाला) निवासी बदमाश हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन आपस में रिश्तेदार व अच्छे दोस्त हैं।
आरोप के मुताबिक, 18 नवंबर को आरोपी प्रिंस, हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन और कर्मा तीनों पटियाला में मिले और वहां से राजपुरा स्थित प्रिंस के घर गए। प्रिंस के पिता डॉ. हरपाल सिंह ने उनसे कहा कि पुलिस बार-बार उन्हें फोन करके तंग रही है और प्रिंस के बारे में पूछ रही है। डॉ. हरपाल ने बेटे व भतीजों के साथ मिलकर प्रिंस के झूठी किडनैपिंग की योजना बनाई, जिसके मुताबिक, वह पुलिस को बेटे के अगवा होने की सूचना देगा, जिससे पुलिस प्रिंस के बारे में उससे पूछताछ करना बंद कर देगी और उसे सिक्योरिटी मिल जाएगी। यही नहीं, फिरौती के नाम पर एक करोड़ रुपये के गबन की भी योजना डॉ. हरपाल ने बना डाली।
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योजना के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने हरप्रीत उर्फ मक्खन के विदेशी नंबर से खुद को फोन करवाया। फिर प्रिंस, मक्खन और कर्मा तीनों राजपुरा से डॉ. हरपाल की दूसरी गाड़ी लेकर बनूड़ चले गए। बनूड़ पहुंचकर कर्मा ने हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन के फोन में चल रहे विदेशी नंबर से व्हट्सएप वॉयस मैसेज डॉ. हरपाल को भेजा जिसमें प्रिंस को अगवा करने और उसकी रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। साथ ही ऐसा न करने पर उसके बेटे को गोली मारने की धमकी भी दी गई थी। योजना के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने राजपुरा पुलिस में प्रिंस की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
पुलिस बोली- डॉ. हरपाल पुराना षड्यंत्रकारी, किया गुमराह
पुलिस के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने पुलिस को गुमराह किया कि 18 नवंबर को सुबह सवा 9 बजे उसका बेटा प्रिंस खाना खा रहा था, तभी उसे एक कॉल आई और वह चला गया। इसके बाद करीब सवा दस बजे उसे एक विदेशी नंबर से वॉयस मैसेज मिला जो उसने सवा 11 बजे देखा। मैसेज में कहा गया था कि उसके बेटे प्रिंस अगवा कर लिया गया है और फिरौती के लिए एक करोड़ रुपये देने होंगे। पुलिस के मुताबिक, डॉ. पुराना षड्यंत्रकारी है। उसने 3 सितंबर 2022 की रात करीब 11 बजे अज्ञात शूटरों से अपने ही घर पर गोली चलवाई थी और सुरक्षा लेने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। 14 नवंबर 2022 को उसने डीजीपी पंजाब और एसएचओ सिटी राजपुरा से सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद कहा कि दो दिसंबर 2022 को पौने दस बजे तीन युवकों ने उसे घर आकर धमकाया। फिर 30 जनवरी 2023 को अपनी गाड़ी पर हमला करवाकर अज्ञात पर मामला दर्ज करवाया। अप्रैल 2023 में फिर फॉर्च्यूनर कार से अपनी गाड़ी का पीछा करवाकर पुलिस को शिकायत दी और डीजीपी पंजाब से सिक्योरिटी मांगी और अब 18 नवंबर को बेटे के अगवा होने की झूठी शिकायत दी। पुलिस का यह भी आरोप है कि प्रिंस ने जो स्विफ्ट डिजायर टैक्सी गन प्वाइंट पर लूटी थी, उस पर जाली नंबर प्लेट भी डॉ. हरपाल ने ही लगवाया था।
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आरोप- एक करोड़ रुपये के गबन की थी योजना
पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में डॉ. हरपाल करीब 15 चैरिटेबल डिस्पेंसरियां चला रहा था। संस्था के नाम पर फंड आ रहा था। बेटे को अगवा करवाने की झूठी शिकायत का फायदा उठाकर वह संस्था से कहने वाला था कि अगवा बेटे की रिहाई के लिए उसने एक करोड़ रुपये की रकम किडनैपरों को दे दी है। इस तरह वह संस्था का पैसा खुद हड़पना चाहता था।
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डॉ. हरपाल ने एक दिन पहले ही पुलिस एनकाउंटर पर उठाए थे सवाल
डॉ. हरपाल सिंह ने एक दिन पहले ही मीडिया के समक्ष पेश होकर पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे। कहा था कि बेटे और भतीजे को अवैध रूप से पकड़कर पुलिस ने यह एनकाउंटर किया है और दोनों को जबरन अपराधी करार दे दिया है। डॉ. हरपाल सिंह को आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन के सीआईए को दिए बयान के बाद गिरफ्तार किया गया है।
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एयरपोर्ट रोड से लूटी गई थार बरामद, दो अन्य आरोपी भी गिफ्तार
उधर, मोहाली सीआईए टीम ने आरोपी प्रिंस की निशानदेही पर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गुरमुख उर्फ मंगा व साहिल के रूप में हुई है। इन आरोपियों को सीआईए ने फतेहगढ़ साहिब जिले से पकड़ा। आरोपी परमवीर सिंह उर्फ प्रिंस, हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन, गुरमुख मंगा व साहिल चारों ने मिलकर ढाई महीने पहले एयरपोर्ट रोड से गन प्वाइंट पर थार गाड़ी लूटी थी। पुलिस ने लूटी हुई थार गाड़ी भी रिकवर कर ली है। दोनों आरोपी सेक्टर-68 में किराये के घर पर रह रहे थे। दोनों को सीआईए ने मामले में नामजद कर उन्हें खरड़ कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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हमला करवाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रिंस का पिता डॉ. हरपाल अच्छी तरह जानता था कि उसका बेटा आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। उसने बेटे व भतीजे के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और पुलिस को गुमराह किया। मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार दूसरा बदमाश कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी कर्मजीत सिंह उर्फ कर्मा डॉ. हरपाल का सगा भतीजा है। वहीं, कर्मा और गांव सैफदीपुर (पटियाला) निवासी बदमाश हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन आपस में रिश्तेदार व अच्छे दोस्त हैं।
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आरोप के मुताबिक, 18 नवंबर को आरोपी प्रिंस, हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन और कर्मा तीनों पटियाला में मिले और वहां से राजपुरा स्थित प्रिंस के घर गए। प्रिंस के पिता डॉ. हरपाल सिंह ने उनसे कहा कि पुलिस बार-बार उन्हें फोन करके तंग रही है और प्रिंस के बारे में पूछ रही है। डॉ. हरपाल ने बेटे व भतीजों के साथ मिलकर प्रिंस के झूठी किडनैपिंग की योजना बनाई, जिसके मुताबिक, वह पुलिस को बेटे के अगवा होने की सूचना देगा, जिससे पुलिस प्रिंस के बारे में उससे पूछताछ करना बंद कर देगी और उसे सिक्योरिटी मिल जाएगी। यही नहीं, फिरौती के नाम पर एक करोड़ रुपये के गबन की भी योजना डॉ. हरपाल ने बना डाली।
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योजना के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने हरप्रीत उर्फ मक्खन के विदेशी नंबर से खुद को फोन करवाया। फिर प्रिंस, मक्खन और कर्मा तीनों राजपुरा से डॉ. हरपाल की दूसरी गाड़ी लेकर बनूड़ चले गए। बनूड़ पहुंचकर कर्मा ने हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन के फोन में चल रहे विदेशी नंबर से व्हट्सएप वॉयस मैसेज डॉ. हरपाल को भेजा जिसमें प्रिंस को अगवा करने और उसकी रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। साथ ही ऐसा न करने पर उसके बेटे को गोली मारने की धमकी भी दी गई थी। योजना के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने राजपुरा पुलिस में प्रिंस की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
पुलिस बोली- डॉ. हरपाल पुराना षड्यंत्रकारी, किया गुमराह
पुलिस के मुताबिक, डॉ. हरपाल ने पुलिस को गुमराह किया कि 18 नवंबर को सुबह सवा 9 बजे उसका बेटा प्रिंस खाना खा रहा था, तभी उसे एक कॉल आई और वह चला गया। इसके बाद करीब सवा दस बजे उसे एक विदेशी नंबर से वॉयस मैसेज मिला जो उसने सवा 11 बजे देखा। मैसेज में कहा गया था कि उसके बेटे प्रिंस अगवा कर लिया गया है और फिरौती के लिए एक करोड़ रुपये देने होंगे। पुलिस के मुताबिक, डॉ. पुराना षड्यंत्रकारी है। उसने 3 सितंबर 2022 की रात करीब 11 बजे अज्ञात शूटरों से अपने ही घर पर गोली चलवाई थी और सुरक्षा लेने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। 14 नवंबर 2022 को उसने डीजीपी पंजाब और एसएचओ सिटी राजपुरा से सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद कहा कि दो दिसंबर 2022 को पौने दस बजे तीन युवकों ने उसे घर आकर धमकाया। फिर 30 जनवरी 2023 को अपनी गाड़ी पर हमला करवाकर अज्ञात पर मामला दर्ज करवाया। अप्रैल 2023 में फिर फॉर्च्यूनर कार से अपनी गाड़ी का पीछा करवाकर पुलिस को शिकायत दी और डीजीपी पंजाब से सिक्योरिटी मांगी और अब 18 नवंबर को बेटे के अगवा होने की झूठी शिकायत दी। पुलिस का यह भी आरोप है कि प्रिंस ने जो स्विफ्ट डिजायर टैक्सी गन प्वाइंट पर लूटी थी, उस पर जाली नंबर प्लेट भी डॉ. हरपाल ने ही लगवाया था।
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आरोप- एक करोड़ रुपये के गबन की थी योजना
पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में डॉ. हरपाल करीब 15 चैरिटेबल डिस्पेंसरियां चला रहा था। संस्था के नाम पर फंड आ रहा था। बेटे को अगवा करवाने की झूठी शिकायत का फायदा उठाकर वह संस्था से कहने वाला था कि अगवा बेटे की रिहाई के लिए उसने एक करोड़ रुपये की रकम किडनैपरों को दे दी है। इस तरह वह संस्था का पैसा खुद हड़पना चाहता था।
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डॉ. हरपाल ने एक दिन पहले ही पुलिस एनकाउंटर पर उठाए थे सवाल
डॉ. हरपाल सिंह ने एक दिन पहले ही मीडिया के समक्ष पेश होकर पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे। कहा था कि बेटे और भतीजे को अवैध रूप से पकड़कर पुलिस ने यह एनकाउंटर किया है और दोनों को जबरन अपराधी करार दे दिया है। डॉ. हरपाल सिंह को आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन के सीआईए को दिए बयान के बाद गिरफ्तार किया गया है।
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एयरपोर्ट रोड से लूटी गई थार बरामद, दो अन्य आरोपी भी गिफ्तार
उधर, मोहाली सीआईए टीम ने आरोपी प्रिंस की निशानदेही पर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गुरमुख उर्फ मंगा व साहिल के रूप में हुई है। इन आरोपियों को सीआईए ने फतेहगढ़ साहिब जिले से पकड़ा। आरोपी परमवीर सिंह उर्फ प्रिंस, हरप्रीत सिंह उर्फ मक्खन, गुरमुख मंगा व साहिल चारों ने मिलकर ढाई महीने पहले एयरपोर्ट रोड से गन प्वाइंट पर थार गाड़ी लूटी थी। पुलिस ने लूटी हुई थार गाड़ी भी रिकवर कर ली है। दोनों आरोपी सेक्टर-68 में किराये के घर पर रह रहे थे। दोनों को सीआईए ने मामले में नामजद कर उन्हें खरड़ कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।