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मोहाली के दो सेक्टरों को रेड जोन में लाने की तैयारी, सात गांवों के लोग उतरे संघर्ष की राह

Mon, 15 Mar 2021 01:52 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Mar 2021 01:52 AM IST
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Preparing to bring two sectors of Mohali into the Red Zone, people from seven villages descended on the path of struggle
मोहाली। पंजाब सरकार ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधीन आने वाले दो सेक्टरों 101 और 103 के मास्टर प्लान में संशोधन कर इनको रेड जोन में बदलने की तैयारी की है। इन दोनों सेक्टरों के साथ लगते करीब सात गांवों के सैकड़ों लोगों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने एतराज गमाडा को सौंप दिए हैं। इसके साथ ही अब वह इस मामले में इलाके के विधायक एवं मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और सांसद मनीष तिवारी से भी मिलेंगे।
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उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी सरकार की ओर से अपना फैसला नहीं बदला जाता है तो वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे। लोगों की दलील है कि रेड जोन में हमेशा ही हैवी इंडस्ट्री आती है। इससे इलाके में पॉल्यूशन का खतरा बढ़ जाएगा और लोग बीमारियों का शिकार होंगे। जो वह किसी भी कीमत पर नहीं होंगे देंगे।
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जानकारी के मुताबिक गमाडा के अधीन आने वाले सेक्टर-101 और 103 गांव दुराली और साथ लगते गांवों की जमीन पर बसे हुए हैं। गमाडा की ओर से उक्त क्षेत्र का विकास मास्टर प्लान के मुताबिक किया जा रहा है। पहले से ही यह सेक्टर इंडस्ट्रियल जोन का हिस्सा थे, लेकिन पहले यह एरिया ग्रीन जोन में आता था। मास्टर प्लान के मुताबिक यह एरिया शहर के बीच में है। इसके साथ ही गमाडा एयरोसिटी, इको सिटी और एरोट्रोलिस सिटी विकसित करने जा रहा है। जबकि गमाडा अब मास्टर प्लान में संशोधन कर इसे रेड जोन में लाने की तैयारी में है। इसके लिए पिछले साल कोरोना काल के दौरान ही मुहिम शुरू हो गई थी। नवंबर, 2020 में गमाडा ने इस संबंध में पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से इस फैसले को लेकर एतराज मांगे थे। जब लोगों को इसका पता लगा तो उन्होंने भी गमाडा को एतराज भेजे थे और साथ ही गमाडा की ओर से की गई निजी सुनवाई में भी इस संबंधी एतराज किया था। इस फैसले से गांव दुराली, सनेटा, सुखगढ़, दैड़ी, बठलाना, चऊ माजरा, रायपुर मनौली में रहने वाले 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित होंगे। इन लोगों का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर यहां पर इंडस्ट्री को नहीं लाने देंगे।
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प्रदूषण के हिसाब से तय होते हैं जोन
जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्री से होने वाले प्रदूषण के हिसाब से उसे विभिन्न वर्गों में बांटा जाता है। इस हिसाब से प्रदूषण इंडेक्स बनाया गया है। इसमें 60 से अधिक प्वाइंट वाली इंडस्ट्री रेड जोन, 41 से 59 वाली रेड जोन, 21 से 40 ग्रीन और 20 तक वाले सफेद जोन में आती है। वहीं, इन वर्गों में भी उप वर्ग होते हैं। जिसमें इंडस्ट्री के कामों के नाम तय होते हैं। जबकि उक्त सेक्टरों के साथ लगते क्षेत्रों में ग्रीन जोन है, ऐसे में उक्त क्षेत्रों को उन जोन में बदलने की बात चल रही है।

गांवों के लोग ऐसे करेंगे संघर्ष
गांव दुराली के सरपंच गुरप्रीत सिंह सोना का कहना है कि वह इस क्षेत्र को कभी भी रेड जोन में नहीं जाने देंगे। इस मामले को मंत्री, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री के सामने तक उठाया जाएगा। वहीं, जरूरत पड़ी तो मोर्चा खोला जाएगा और हाईकोर्ट तक भी मामले को लेकर जाएंगे। इसी तरह स्थानीय निवासी परविंदर सिंह संजू, दर्शन सिंह दुराली, महिंदर सिंह ने बताया कि वह नहीं चाहते हैं कि आने वाले समय में इलाके के लोग बीमारियों का शिकार हो जाएं। हम अपनी ओर से हर संभव प्रयास करेंगे, लेकिन क्षेत्र के मास्टर प्लान को रेड जोन में नहीं जाने देंगे।
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