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बिजली घर के निर्माण का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने हाईवे किया जाम, नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Tue, 13 Sep 2016 09:33 AM IST
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फरेन्दा थाने का घेराव करती गांव की महिलाएं व अन्य लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पावरकाम बलटाना में बिजली घर बना रहा है। इसका दलित परिवार के लोगों ने विरोध किया। प्रदर्शनकारियों को कॉलोनी के मेन गेट पर ताला लगा दिया। अधिकारियों को काम करने वाली जगह तक पहुंचने नहीं दिया। अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। इसके बाद पुलिस ने लोगों को एक तरफ किया और कालोनी के मेन गेट पर लगे ताले को खुलवा दिय्रा। इस पर दलित परिवार को लोग भड़क गए और उन्होंने अधिकारियों पर पथराव कर दिया।
इसके बाद जैसे-तैसे पावरकाम के अधिकारी अंदर जा सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर काउंसिल प्रशासन व जीरकपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
बता दें कि गत 21 अगस्त को पावरकाम ने बिजली घर का निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की थी। उस समय भी लोगों ने इसका विरोध किया था। इस दौरान यह कहकर काम को बंद कर दिया था कि वह अदालत से निर्माण कार्य पर स्टे आर्डर लेकर आए हैं। नहीं तो यहां दोबारा से काम शुरू कर दिया जाएगा।
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धोखे से पावरकाम को जमीन बेचने का आरोप
जरनैल सिंह, रणजीत सिंह, प्रकाश सिंह, रविंदरपाल सिंह, निर्मल सिंह, गुरजीत सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर पावरकाम बिजली घर बनाने की तैयारी में वह वर्ष 1985 में जमींदारों ने गरीब परिवारों को अलॉट की गई थी। अधिकतर हिस्से में दलित परिवार के लोगों घर बना रखे हैं। शेष जमीन साझे के कार्यों के लिए छोड़ दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्ष 2000 में गांव बलटाना को नगर काउंसिल में शामिल किया गया। इसके बाद काउंसिल के अधिकारियों ने दलित परिवार के लोगों को अलॉट जमीन में से 2 एकड़ जमीन पावरकाम विभाग को बेच दी। लोगों ने कहा कि नगर काउंसिल की इस धोखाधड़ी की उन्हें भनक नहीं लगी।
मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस जमीन का मामला विचाराधीन है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जमीन के कब्जे और उस पर चल रहे निर्माण कार्य का स्टेट्स-को के आदेश जारी कर किए थे। वहीं, हाईकोर्ट के स्टेट्स-को के आदेश जारी होने के बावजूद पावरकाम इस जमीन पर निर्माण कार्य कर रहा है।
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इसके बाद जैसे-तैसे पावरकाम के अधिकारी अंदर जा सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर काउंसिल प्रशासन व जीरकपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
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बता दें कि गत 21 अगस्त को पावरकाम ने बिजली घर का निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की थी। उस समय भी लोगों ने इसका विरोध किया था। इस दौरान यह कहकर काम को बंद कर दिया था कि वह अदालत से निर्माण कार्य पर स्टे आर्डर लेकर आए हैं। नहीं तो यहां दोबारा से काम शुरू कर दिया जाएगा।
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धोखे से पावरकाम को जमीन बेचने का आरोप
जरनैल सिंह, रणजीत सिंह, प्रकाश सिंह, रविंदरपाल सिंह, निर्मल सिंह, गुरजीत सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर पावरकाम बिजली घर बनाने की तैयारी में वह वर्ष 1985 में जमींदारों ने गरीब परिवारों को अलॉट की गई थी। अधिकतर हिस्से में दलित परिवार के लोगों घर बना रखे हैं। शेष जमीन साझे के कार्यों के लिए छोड़ दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्ष 2000 में गांव बलटाना को नगर काउंसिल में शामिल किया गया। इसके बाद काउंसिल के अधिकारियों ने दलित परिवार के लोगों को अलॉट जमीन में से 2 एकड़ जमीन पावरकाम विभाग को बेच दी। लोगों ने कहा कि नगर काउंसिल की इस धोखाधड़ी की उन्हें भनक नहीं लगी।
मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस जमीन का मामला विचाराधीन है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जमीन के कब्जे और उस पर चल रहे निर्माण कार्य का स्टेट्स-को के आदेश जारी कर किए थे। वहीं, हाईकोर्ट के स्टेट्स-को के आदेश जारी होने के बावजूद पावरकाम इस जमीन पर निर्माण कार्य कर रहा है।