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Mohali News: एम्मार सेक्टरों में बिजली संकट, करोड़ों का सबस्टेशन भी नहीं दे रहा राहत
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मोहाली। एम्मार सेक्टरों में बिजली की परेशानी बढ़ती जा रही है। सेक्टर-109 में करोड़ों रुपये की लागत से बना 66 केवी का नया सबस्टेशन से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी। यह अब परेशानी का कारण बन गया है। सेक्टर-109 का यह सबस्टेशन फिलहाल सिर्फ एक 11 केवी ब्रेकर (वीसीबी) के जरिए सेक्टर-108, 109, 106 और 105 को बिजली दे रहा है। अगर किसी एक सेक्टर में कोई फॉल्ट हो जाता है- जैसे हाल ही में सेक्टर-108 में जंपर जल गया था तो पूरे क्षेत्र की बिजली चली जाती है। जब यह सबस्टेशन बनाया गया था, तभी इन सेक्टरों को अलग-अलग ब्रेकर से जोड़ देना चाहिए था, लेकिन एम्मार की लापरवाही के चलते यह काम अधूरा रह गया। अब कंपनी कह रही है कि अगले एक महीने में सेक्टरों को अलग वीसीबी से जोड़ा जाएगा। तब तक लोगों को बार-बार लाइट जाने की समस्या झेलनी पड़ेगी।
कोई जिम्मेदार नहीं, सब एक-दूसरे पर डाल रहे दोष
यह सबस्टेशन अब पीएसपीसीएल के अधीन है। अधिकतर फॉल्ट एम्मार की आंतरिक सिस्टम (एलडी लाइन) में आ रहे हैं। ऐसे में एम्मार और बिजली विभाग एक-दूसरे पर दोष डालते हैं, लेकिन समाधान कोई नहीं करता। जानकारों के मुताबिक 66 केवी या 220 केवी की लाइन में फॉल्ट की संभावना बहुत कम होती है। इस सबस्टेशन की 20 एमवीए क्षमता है जबकि फिलहाल लोड सिर्फ दो एमवीए है, यानी कोई ओवरलोड नहीं है।फिर भी बिजली बार-बार जाना सिर्फ लापरवाही और अधूरे काम की वजह से है।
लोगों का गुस्सा फूटा
बारिश जरूर हुई है, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली है। अक्सर बिजली चली जाकी है, लाइट नहीं होने का मतलब है कि पानी भी नहीं मिलता, कूलर-एसी सब बंद। लाखों में घर खरीदे हैं लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। -रुपिंदरबीर सिंह, निवासी, सेक्टर-108
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हर दो दिन में लाइट गुल हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की तबीयत और घर की सुरक्षा तक पर असर पड़ रहा है। -इकबाल सिंह नागी, निवासी, सेक्टर-108
हमने कई बार एम्मार और बिजली विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। - अजयपाल संधू, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
एम्मार ने दिया भरोसा
आरडब्ल्यूए की तरफ से इस मुद्दे पर एम्मार से बातचीत की गई, जिसमें एम्मार ने कहा कि जल्द ही सभी सेक्टरों को अलग-अलग वीसीबी से जोड़ा जाएगा और एचटी केबल का काम जल्दी पूरा किया जाएगा।
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कोई जिम्मेदार नहीं, सब एक-दूसरे पर डाल रहे दोष
यह सबस्टेशन अब पीएसपीसीएल के अधीन है। अधिकतर फॉल्ट एम्मार की आंतरिक सिस्टम (एलडी लाइन) में आ रहे हैं। ऐसे में एम्मार और बिजली विभाग एक-दूसरे पर दोष डालते हैं, लेकिन समाधान कोई नहीं करता। जानकारों के मुताबिक 66 केवी या 220 केवी की लाइन में फॉल्ट की संभावना बहुत कम होती है। इस सबस्टेशन की 20 एमवीए क्षमता है जबकि फिलहाल लोड सिर्फ दो एमवीए है, यानी कोई ओवरलोड नहीं है।फिर भी बिजली बार-बार जाना सिर्फ लापरवाही और अधूरे काम की वजह से है।
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लोगों का गुस्सा फूटा
बारिश जरूर हुई है, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली है। अक्सर बिजली चली जाकी है, लाइट नहीं होने का मतलब है कि पानी भी नहीं मिलता, कूलर-एसी सब बंद। लाखों में घर खरीदे हैं लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। -रुपिंदरबीर सिंह, निवासी, सेक्टर-108
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हर दो दिन में लाइट गुल हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की तबीयत और घर की सुरक्षा तक पर असर पड़ रहा है। -इकबाल सिंह नागी, निवासी, सेक्टर-108
हमने कई बार एम्मार और बिजली विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। - अजयपाल संधू, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
एम्मार ने दिया भरोसा
आरडब्ल्यूए की तरफ से इस मुद्दे पर एम्मार से बातचीत की गई, जिसमें एम्मार ने कहा कि जल्द ही सभी सेक्टरों को अलग-अलग वीसीबी से जोड़ा जाएगा और एचटी केबल का काम जल्दी पूरा किया जाएगा।