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Mohali News: पीपीएस की मांग के लिए नाइपर कर्मचारियों का धरना जारी
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मोहाली। नाइपर के नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की पर्सनल प्रमोशन स्कीम (पीपीएस) लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन वीरवार को 38वें दिन भी जारी रहा। नॉन-टीचिंग स्टाफ के पांच कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों ने असहयोग आंदोलन के जरिए उनका समर्थन किया। कर्मचारियों ने नाइपर की सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग के सामने एकत्र होकर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से पहले से मंजूर पीपीएस को लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि पीपीएस को वर्ष 2003 और दोबारा 2013 में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मंजूरी दी थी, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से प्रमोशन का मामला लंबित है। उनका आरोप है कि योजना लागू नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है।
बॉक्स | पुरानी नीति को अंतरिम रूप से जारी रखने की मांग
कर्मचारियों के अनुसार नाइपर एक्ट के तहत बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को संस्थान के प्रशासनिक और सेवा संबंधी मामलों में अधिकार प्राप्त हैं। उनका कहना है कि 2022 में संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद पहले से मंजूर नीतियों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। कर्मचारियों की मांग है कि सभी नाइपर संस्थानों के लिए नई प्रमोशन नीति औपचारिक रूप से मंजूर होने तक पहले से स्वीकृत पीपीएस को अंतरिम रूप से जारी रखा जाए। प्रदर्शनकारियों ने पीपीएस बहाल करने और नाइपर की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग को लेकर नारे लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि मांग पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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कर्मचारियों का कहना है कि पीपीएस को वर्ष 2003 और दोबारा 2013 में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मंजूरी दी थी, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से प्रमोशन का मामला लंबित है। उनका आरोप है कि योजना लागू नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है।
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बॉक्स | पुरानी नीति को अंतरिम रूप से जारी रखने की मांग
कर्मचारियों के अनुसार नाइपर एक्ट के तहत बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को संस्थान के प्रशासनिक और सेवा संबंधी मामलों में अधिकार प्राप्त हैं। उनका कहना है कि 2022 में संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद पहले से मंजूर नीतियों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। कर्मचारियों की मांग है कि सभी नाइपर संस्थानों के लिए नई प्रमोशन नीति औपचारिक रूप से मंजूर होने तक पहले से स्वीकृत पीपीएस को अंतरिम रूप से जारी रखा जाए। प्रदर्शनकारियों ने पीपीएस बहाल करने और नाइपर की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग को लेकर नारे लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि मांग पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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