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Mohali News: विला का पजेशन नहीं दिया, 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटने होंगे बुकिंग के तीन लाख रुपये

Tue, 28 May 2024 05:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2024 05:56 AM IST
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Possession of the villa not given, three lakh rupees of booking will have to be returned with 9 percent interest
मोहाली। ईडन सिटी खरड़ के बिल्डर ने 105 गज के सिंगल स्टोरी विला के तीन लाख रुपये बुकिंग के लेकर पांच साल तक पजेशन तो दूर निर्माण भी शुरू नहीं किया। वर्ष 2020 में शिकायतकर्ता ने यहां विला बुक करवाया था। निर्माण देखा तो डेवलपमेंट जीरो नजर आई। यह मामला उपभोक्ता अदालत में विचाराधीन था जिस पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत ने बिल्डर पर जुर्माना लगाया है।
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उपभोक्ता विभाग ने सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता वहां रहना चाहता था लेकिन बिल्डर ने वहां डेवलपमेंट का काम पूरा नहीं किया, जिस कारण उन्हें वैध पजेशन नहीं मिला। डेवलपमेंट का काम न होने पर शिकायतकर्ता ने बिल्डर को कई बार कहा लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। नतीजतन, इस मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बिल्डर को जमा की गई तारीखों से 3 लाख रुपये की जमा राशि पर 9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित पैसे वापस करने होंगे।
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उन्होंने कहा कि यह राशि उसे 30 दिनों के भीतर देनी होगी। ऐसा न करने पर वास्तविक वापसी तक राशि पर 12 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज लगेगा। उपभोक्ता अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि बिल्डर को शिकायतों को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के साथ-साथ मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 25 हजार रुपये की राशि का भुगतान भी करना होगा। हिमाचल के जिला कांगड़ा के गांव मतियाल खुर्द (तहसील ब्रिजनाथ) की रहने वाली रजनी देवी ने गुरु तेग बहादुर नगर शिवजोत खरड़ में सहज बिल्डर के पास 5 नवंबर 2020 को ईडन सिटी में 105 गज सिंगल स्टोरी विला नंबर 108बी बुक करवाया था।
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शिकायतकर्ता का आरोप था कि विला का सौदा 29 लाख रुपये में हुआ था। बिल्डर ने बुकिंग व टोकन मनी के तौर पर उससे 3 लाख रुपये लिए थे, जबकि बाकी 26 लाख रुपये का भुगतान रजिस्ट्री के समय किया जाना था। बुकिंग के समय बिल्डर ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था कि यूनिट का निर्माण किया जाएगा और अक्तूबर 2020 तक कब्जा दे दिया जाएगा। बिल्डर ने पांच साल तक प्रोजेक्ट पर कभी कोई काम नहीं किया, खासकर की शिकायतकर्ता की यूनिट पर। जब भी शिकायतकर्ता ने उनसे संपर्क किया तो बिल्डर ने कोई उचित जवाब नहीं दिया। पीड़ित महिला ने 28 मई 2023 को उपभोक्ता अदालत में बिल्डर के खिलाफ याचिका दायर की थी।
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