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Mohali News: पुलिस के सुरक्षा इंतजाम फेल, कच्चे मुलाजिमों ने घेरी मुख्यमंत्री की कार

Thu, 08 Jun 2023 02:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 02:27 AM IST
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Police's security arrangements failed, raw employees surrounded the Chief Minister's car
खरड़। जच्चा-बच्चा देखभाल केंद्र का उद्घाटन करने के बाद जब मुख्यमंत्री भगवंत मान का काफिला निकलने लगा तो कच्चे मुलाजिमों ने उन्हें घेर लिया। मुख्यमंत्री की कार का घेराव होता देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता दिया, जिसके बाद सीएम का काफिला रवाना हो गया। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह 10:30 बजे जच्चा-बच्चा देखभाल केंद्र पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे लेकिन कच्चा मुलाजिम संघर्ष कमेटी के बैनर तले जलदाय एवं सेनिटेशन और बिजली विभाग समेत अन्य विभागों के कच्चे मुलाजिम मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। केंद्र का उद्घाटन करने के बाद जब मुख्यमंत्री रवाना होने लगे तो कच्चे मुलाजिमों ने अचानक उनके काफिले को घेर लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की काफी कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री खुद उनके धरने में बैठकर कहते थे कि उन्हें पक्का किया जाएगा लेकिन सरकार बनने के बाद वह अपने वादे से मुकर रहे हैं। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में जहां कहीं भी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होगा, वह इसी तरह उनका विरोध करेंगे। जब तक उन्हें वादे के अनुसार पक्का नहीं किया जाता उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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कार्यकर्ताओं को भी कार्यक्रम में नहीं जाने दिया
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना के बाद आसपास के गांव समेत रोपड़, चमकौर साहब, मोरिंडा, कुराली आदि इलाकों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे लेकिन पुलिस और सीएम सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने अधिकतर कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया। इससे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। गांव खानपुर से आए हरप्रीत सिंह ने कहा कि उनके पिता की मौत 2003 में हो गई थी। वह बिजली विभाग में कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद उन्होंने नौकरी लेने के लिए कई बार अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन नौकरी देने के बदले उनसे 50 लाख रुपये की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री को शिकायत देने के लिए यहां आए थे लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया।
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1500 बच्चों का भविष्य खतरे में
मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कई अध्यापक भी पहुंचे थे। इनमें शामिल रमनदीप कौर ने बताया कि वर्ष 2011 में आदर्श मॉडल स्कूल खोला गया था। इसमें करीब 1500 बच्चे पढ़ रहे हैं। यह स्कूल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मोड) के तहत खोला गया था। वर्ष 2019 में इसकी कंपनी बदल गई थी। अब जो कंपनी इस स्कूल को चला रही है वह 12 जून को छोड़कर जा रही है। ऐसे में वहां पर कार्यरत शिक्षकों और पढ़ने वाले 1500 बच्चों का भविष्य खतरे में है। सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। वह पहले भी कई बार मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख चुके हैं। यहां पर भी उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई।
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दुकानें बंद कराई, जताया विरोध
मुख्यमंत्री भगवंत मान जब सिविल अस्पताल खरड़ में जच्चा-बच्चा देखभाल केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे तो पुलिस ने खरड़ अस्पताल रोड स्थित दुकानों को बंद करा दिया, जिसका दुकानदारों ने विरोध किया। कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से उनकी दुकानदारी चौपट हो गई। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस मामले पर चर्चा के लिए जल्द ही व्यापार मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। खरड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अस्पताल रोड स्थित सभी दुकानों को पुलिस ने सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद करा दिया था।
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