{"_id":"61afc39cc98b2111a7757d1d","slug":"police-stopped-ssa-employees-going-to-besiege-cm-residence-mohali-news-pkl435352627","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम आवास घेरने जा रहे एसएसए मुलाजिमों को पुलिस ने रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम आवास घेरने जा रहे एसएसए मुलाजिमों को पुलिस ने रोका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरड़। सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मील कार्यालय के मुलाजिमों की ओर से मंगलवार को अनाज मंडी खरड़ में रैली करने के बाद मुख्यमंत्री के खरड़ स्थित आवास की ओर मार्च शुरू किया गया। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन कर रहे मुलाजिमों को रास्ते में रोका गया। साथ ही 9 दिसंबर को सवा 12 बजे मुख्यमंत्री के दफतर में मुख्यमंत्री के स्पेशल प्रमुख सचिव के साथ मीटिंग तय करवाई गई। इस अवसर पर सर्व शिक्षा अभियान/ मिड डे मील कार्यालय के कर्मचारी यूनियन पंजाब के नेता आशीष जुलाहा, विकास कुमार, प्रवीन शर्मा, हरप्रीत सिंह, दविंदरजीत आदि ने कहा कि कर्मचारी अब चुप नहीं बैठेंगे।
इससे पहले मुलाजिमों ने बताया कि हम अक्सर सुनते हैं कि विधानसभा में अगर कोई कार्यवाही होती है तो उसे पत्थर की लकीर माना जाता है। लेकिन पंजाब के कच्चे मुलाजिमों के साथ दूसरी बार विधान सभा की ओर से धोखा किया गया है। दिसंबर 2016 में पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर अकाली भाजपा सरकार की ओर से कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का एक्ट पास किया गया था। लेकिन इस एक्ट को लागू नहीं किया गया और अब पांच साल बाद पंजाब की कांग्रेस सरकार की ओर से 11 नवंबर को विधानसभा में नया एक्ट पास करते हुए 36 हजार मुलाजिमों को पक्का करने की घोषणा की गई है। लेकिन बड़े दु:ख की बात है कि 27 दिन बीत जाने के बावजूद भी यह एक्ट विभागों को नहीं भेजा गया है। कर्मचारी जब भी अधिकारियों को मिलते हैं तो उच्च अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि अगर हमारे पास सरकार का अधिवेशन आएगा तो उसके अनुसार ही कार्यवाही होगी। यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है, इसलिए इसके विरोध में मुलाजिमों की ओर से शिक्षा भवन के बाहर शुरू किया गया पक्का धरना आज 15वें दिन भी जारी रहा।
वहीं पंजाब के कच्चे मुलाजिमों को स्थायी करने का वादा कांग्रेस पार्टी की ओर से 2017 के चुनाव के दौरान किया गया था। लेकिन साढे़ चार साल का समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिर्फ बातों में ही निकाल दिया गया। चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने पहले दिन ही कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का बयान जारी किया था और कार्यवाही करते हुए 9 नवंबर को मुख्यमंत्री चन्नी की ओर से 36 हजार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की घोषणा कर दी गई थी और 11 नवंबर को विधानसभा में बिल पास किया गया था। लेकिन 27 दिन का समय बीत जाने पर भी एक्ट नोटिफाई करके विभागों को नहीं भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले मुलाजिमों ने बताया कि हम अक्सर सुनते हैं कि विधानसभा में अगर कोई कार्यवाही होती है तो उसे पत्थर की लकीर माना जाता है। लेकिन पंजाब के कच्चे मुलाजिमों के साथ दूसरी बार विधान सभा की ओर से धोखा किया गया है। दिसंबर 2016 में पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर अकाली भाजपा सरकार की ओर से कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का एक्ट पास किया गया था। लेकिन इस एक्ट को लागू नहीं किया गया और अब पांच साल बाद पंजाब की कांग्रेस सरकार की ओर से 11 नवंबर को विधानसभा में नया एक्ट पास करते हुए 36 हजार मुलाजिमों को पक्का करने की घोषणा की गई है। लेकिन बड़े दु:ख की बात है कि 27 दिन बीत जाने के बावजूद भी यह एक्ट विभागों को नहीं भेजा गया है। कर्मचारी जब भी अधिकारियों को मिलते हैं तो उच्च अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि अगर हमारे पास सरकार का अधिवेशन आएगा तो उसके अनुसार ही कार्यवाही होगी। यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है, इसलिए इसके विरोध में मुलाजिमों की ओर से शिक्षा भवन के बाहर शुरू किया गया पक्का धरना आज 15वें दिन भी जारी रहा।
विज्ञापन
वहीं पंजाब के कच्चे मुलाजिमों को स्थायी करने का वादा कांग्रेस पार्टी की ओर से 2017 के चुनाव के दौरान किया गया था। लेकिन साढे़ चार साल का समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिर्फ बातों में ही निकाल दिया गया। चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने पहले दिन ही कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का बयान जारी किया था और कार्यवाही करते हुए 9 नवंबर को मुख्यमंत्री चन्नी की ओर से 36 हजार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की घोषणा कर दी गई थी और 11 नवंबर को विधानसभा में बिल पास किया गया था। लेकिन 27 दिन का समय बीत जाने पर भी एक्ट नोटिफाई करके विभागों को नहीं भेजा गया है।
विज्ञापन