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कोरोना काल में स्कूलों की फीस वसूली के खिलाफ उतरे अभिभावक
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फीस बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन करते अभिभावक। -संवाद
- फोटो : MOHALI
खरड़। कोरोना महामारी के दौरान प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूली जा रही फीस माफ करने को लेकर शुक्रवार को अविभावकों ने सरकारी रेस्ट हाऊस के बाहर खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर रोष प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर समाजसेवी हरजीत सिंह पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार को एक अध्यादेश पारित कर प्राइवेट स्कूलों को फीस माफ करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। क्योंकि कोरोना महामारी के कारण 70 प्रतिशत लोग बेरोजगार हो चुके हैं, जिनके पास न कामकाज है और न ही कमाई का कोई साधन है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों में अविभावक अपने बच्चों की फीस भरने में असमर्थ हैं। हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में एक तरफा फैसला देकर अविभावकों को चिंता में डाल दिया है। इसके बाद ज्यादातर अविभावक स्कूलों द्वारा भेजे जा रहे फीस जमा करवाने के मैसेज से मानसिक तनाव में हैं।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि अविभावकों की रिव्यू पिटीशन में पूरी फीस माफ करने की अर्जी दायर की जाए और हाईकोर्ट में इन प्राइवेट स्कूलों की बैलेंसशीटें भी पेश करवाई जाएं, ताकि इन स्कूलों के घाटे में जाने के दावों की पोल खुल सके। उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के बारे में कहा कि ज्यादातर बच्चों के पास फोन और इंटरनेट सुविधा नहीं है। इस कारण बच्चों को पढ़ने में बहुत मुश्किल आ रही है। उन्होंने मांग की है कि सरकार लोगों की मजबूरी और आर्थिक तंगी को समझते हुए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में पूरी फीस माफ का समर्थन करे, ताकि पंजाब के लोगों को प्राइवेट स्कूलों की धक्केशाही के तनाव से बचाया जा सके।
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इस अवसर पर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पुनीत बंसल ने पहुंच कर अविभावकों से मांग पत्र लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि यह मांग पत्र डीसी मोहाली द्वारा सरकार को भेजा जाएगा।
इस मौके पर पर सतवीर सिंह, अमन मावी, भूपिंदर शर्मा, अमरीक सिंह हैप्पी, सतनाम भंगू, अमित शर्मा, गोल्डी बाठ, निशा सरपंच, संदीप सैनी, एडवोकेट बलराज संधू, नरेश, गुरपाल सिंह, अवतार सिंह, हरमिंदर सिंह, इकबाल सिंह, गुरजीत सिंह, हरदीप सिंह, रविंदर सिंह, संदीप सिंह, गुरप्रताप सिंह और मनप्रीत सिंह समेत बड़ी संख्या में बच्चों के अविभावक मौजूद थे।
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इस अवसर पर समाजसेवी हरजीत सिंह पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार को एक अध्यादेश पारित कर प्राइवेट स्कूलों को फीस माफ करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। क्योंकि कोरोना महामारी के कारण 70 प्रतिशत लोग बेरोजगार हो चुके हैं, जिनके पास न कामकाज है और न ही कमाई का कोई साधन है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों में अविभावक अपने बच्चों की फीस भरने में असमर्थ हैं। हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में एक तरफा फैसला देकर अविभावकों को चिंता में डाल दिया है। इसके बाद ज्यादातर अविभावक स्कूलों द्वारा भेजे जा रहे फीस जमा करवाने के मैसेज से मानसिक तनाव में हैं।
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उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि अविभावकों की रिव्यू पिटीशन में पूरी फीस माफ करने की अर्जी दायर की जाए और हाईकोर्ट में इन प्राइवेट स्कूलों की बैलेंसशीटें भी पेश करवाई जाएं, ताकि इन स्कूलों के घाटे में जाने के दावों की पोल खुल सके। उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के बारे में कहा कि ज्यादातर बच्चों के पास फोन और इंटरनेट सुविधा नहीं है। इस कारण बच्चों को पढ़ने में बहुत मुश्किल आ रही है। उन्होंने मांग की है कि सरकार लोगों की मजबूरी और आर्थिक तंगी को समझते हुए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में पूरी फीस माफ का समर्थन करे, ताकि पंजाब के लोगों को प्राइवेट स्कूलों की धक्केशाही के तनाव से बचाया जा सके।
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इस अवसर पर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पुनीत बंसल ने पहुंच कर अविभावकों से मांग पत्र लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि यह मांग पत्र डीसी मोहाली द्वारा सरकार को भेजा जाएगा।
इस मौके पर पर सतवीर सिंह, अमन मावी, भूपिंदर शर्मा, अमरीक सिंह हैप्पी, सतनाम भंगू, अमित शर्मा, गोल्डी बाठ, निशा सरपंच, संदीप सैनी, एडवोकेट बलराज संधू, नरेश, गुरपाल सिंह, अवतार सिंह, हरमिंदर सिंह, इकबाल सिंह, गुरजीत सिंह, हरदीप सिंह, रविंदर सिंह, संदीप सिंह, गुरप्रताप सिंह और मनप्रीत सिंह समेत बड़ी संख्या में बच्चों के अविभावक मौजूद थे।