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अदालत की अवहेलना करने पर एक्सईएन का वेतन अटैच करने के आदेश

Fri, 01 Jul 2022 01:48 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 01:48 AM IST
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Order to attach the salary of XEN for disobeying the court
मोहाली। जिला अदालत ने जीरकपुर पावरकॉम विभाग के एक्सईएन एचएस ओबराय को बिजली मीटर जारी करने के अदालत द्वारा दिए निर्देशों का पालन न करने के आरोप में वेतन अटैच करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने पावरकॉम विभाग चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर को आदेशों का पालन न करवाने के एवज में पांच जुलाई को अदालत में जवाब दायर करने के लिए कहा है।
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मैसर्ज एमएम बिल्डर्स (ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट) ने 10 मार्च 2022 में जीरकपुर पावरकॉम विभाग के पास मीटर के लिए आवेदन दिया था। इसके लिए विभाग की शर्तों के मुताबिक दस्तावेजों के साथ सरकारी फीस जमा करवा दी। दूसरी ओर एक्सईएन ने कनेक्शन के एवज में 50 लाख रुपये का शोरूम रिश्वत के रूप में मांगी लेकिन बिल्डर ने देने से मना कर दिया। शोरूम न देने के बाद एक्सईएन ने इंफोर्समेंट विंग में झूठी शिकायत देकर प्रोजेक्ट में छापेमारी करवाकर बिजली चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए डेढ़ करोड़ रुपये जुर्माना लगवा दिया। इसके साथ पुलिस ने थाने में बिल्डर के खिलाफ बिजली चोरी की शिकायत देकर केस तक दर्ज करवा दिया। वहीं इसे लेकर बिल्डर ने विभाग के आलाधिकारियों को मामले की शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने एक्सईएन एचएस ओबराय की हरकत को गलत करार देते हुए डेढ़ करोड़ रुपये की जुर्माना राशि को रद्द कर किया और साथ ही पुलिस थाने में दर्ज करवाई शिकायत तक वापस ले ली।
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प्रोजेक्ट में शोरूम खरीदने वालों पर भी रंजिशन किया जुर्माना
बिल्डर से रंजिश निकालने के लिए एक्सईएन ने उसके प्रोजेक्ट में शोरूम खरीदकर काम करने वालों को परेशान करना शुरू कर दिया। इस दौरान स्काई जंपर नामक कंपनी ने बिजली विभाग के पास मीटर के लिए आवेदन दिया। एक्सईएन ओबरॉय ने वहां भी मीटर लगाने के बजाय इंफोर्समेंट विंग को शिकायत देकर बिजली चोरी के आरोप में 7 लाख रुपये जुर्माना कर दिया। दूसरी ओर बिजली विभाग एक्सईएन की हरकतों से परेशान होकर एमएम बिल्डर्स ने मामले को लेकर केस जिला अदालत में दायर किया। इसकी सुनवाई में अदालत ने स्काई जंपर को मीटर कनेक्शन की 50 प्रतिशत रकम अदालत में जमा करवाकर बिजली विभाग को मीटर जारी करने के निर्देश पारित किए। दूसरी ओर एक्सईएन ओबरॉय ने मीटर के बजाय स्काई जंपर को 2 लाख रुपये टैक्स के रूप में विभाग के पास जमा करवाने के लिए कहा जिसे आवेदनकर्त्ता ने जमा करवा दिया। इसके बावजूद मीटर जारी नहीं किया गया और अभी भी स्काई जंपर व बिल्डर बिजली कनेक्शन न होने के चलते जनरेटरों से अपना काम चला रहे हैं।
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