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जीरकपुर : नक्शों की फाइलें अब जल्द होंगी पास, एमई मुकेश राय से वापस लिया बिल्डिंग ब्रांच का कार्यभार
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जीरकपुर। नगर परिषद की ओर से नक्शों की फाइलें को मंजूरी में लगने वाले लंबे समय से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। अमर उजाला में समस्या के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद एमई मुकेश कुमार राय से बिल्डिंग ब्रांच का कार्यभार वापस ले लिया और अब उन्हें केवल इंजीनियरिंग ब्रांच से जुड़े कार्यों का कार्यभार सौंपा गया है।
बता दें कि लंबे समय से शहरवासियों को अपनी बिल्डिंग निर्माण से जुड़े नक्शों की फाइल को मंजूरी करवाने में कई-कई महीनों का समय लग रहा था। इस पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली से परेशान होकर लोगों ने शिकायत विभाग से करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, पंजाब की राज्य सरकार की ओर से बिल्डिंग निर्माण से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता लाने व भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इसका मकसद था कि मकान व दुकान का नक्शा पास करवाने के लिए लोगों को अधिकारियों के पास चक्कर न काटने पड़ें। पोर्टल पर विभिन्न अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच का जिम्मा सौंपा गया। वहीं, इसका असर यह हुआ कि फाइल को क्लीयर होने में कई-कई महीनों का समय लगने लगा और अधिकारियों की कारगुजारी से परेशान लोगों ने शिकायत फिर विभाग के अधिकारियों को दी, जिनकी तरफ से पोर्टल में ‘आटो जंप’ नामक नियम को लागू करते हुए प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई। दूसरी ओर, आटो जंप नियम को लागू हुए आठ महीनों से अधिक का समय बीत चुका है, परंतु समस्या ज्यों की त्यों ही बनी हुई है और आज भी लोगों को अपना नक्शा के फाइल को क्लीयर करवाने में 3 से 4 महीने लग रहे हैं।
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अधिकारियों के विभाग में हुआ फेरबदल
एमई विनय महाजन अभी खरड़ नगर परिषद का कार्यभार देख रहे हैं, जिनको निकाय विभाग की तरफ से बीते दिनों स्थानीय नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। खास बात यह है कि लंबे समय से एमई विनय महाजन को नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार तो सौंपा गया, परंतु स्थानीय नगर परिषद के आलाधिकारियों की ओर से उन्हें किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई। दूसरी ओर, लोगों की परेशानियों को अमर उजाला ने प्रकाशित किया। इसके बाद आलाधिकारियों ने हरकत में आकर अधिकारियों के विभागों में फेरबदल करते हुए एमई विनय महाजन को बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी।
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार बिल्डिंग ब्रांच का कार्यभार एमई मुकेश कुमार राय से वापस लेकर एमई विनय महाजन को सौंपा गया है। -संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद।
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बता दें कि लंबे समय से शहरवासियों को अपनी बिल्डिंग निर्माण से जुड़े नक्शों की फाइल को मंजूरी करवाने में कई-कई महीनों का समय लग रहा था। इस पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली से परेशान होकर लोगों ने शिकायत विभाग से करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
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ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, पंजाब की राज्य सरकार की ओर से बिल्डिंग निर्माण से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता लाने व भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इसका मकसद था कि मकान व दुकान का नक्शा पास करवाने के लिए लोगों को अधिकारियों के पास चक्कर न काटने पड़ें। पोर्टल पर विभिन्न अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच का जिम्मा सौंपा गया। वहीं, इसका असर यह हुआ कि फाइल को क्लीयर होने में कई-कई महीनों का समय लगने लगा और अधिकारियों की कारगुजारी से परेशान लोगों ने शिकायत फिर विभाग के अधिकारियों को दी, जिनकी तरफ से पोर्टल में ‘आटो जंप’ नामक नियम को लागू करते हुए प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई। दूसरी ओर, आटो जंप नियम को लागू हुए आठ महीनों से अधिक का समय बीत चुका है, परंतु समस्या ज्यों की त्यों ही बनी हुई है और आज भी लोगों को अपना नक्शा के फाइल को क्लीयर करवाने में 3 से 4 महीने लग रहे हैं।
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अधिकारियों के विभाग में हुआ फेरबदल
एमई विनय महाजन अभी खरड़ नगर परिषद का कार्यभार देख रहे हैं, जिनको निकाय विभाग की तरफ से बीते दिनों स्थानीय नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। खास बात यह है कि लंबे समय से एमई विनय महाजन को नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार तो सौंपा गया, परंतु स्थानीय नगर परिषद के आलाधिकारियों की ओर से उन्हें किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई। दूसरी ओर, लोगों की परेशानियों को अमर उजाला ने प्रकाशित किया। इसके बाद आलाधिकारियों ने हरकत में आकर अधिकारियों के विभागों में फेरबदल करते हुए एमई विनय महाजन को बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी।
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार बिल्डिंग ब्रांच का कार्यभार एमई मुकेश कुमार राय से वापस लेकर एमई विनय महाजन को सौंपा गया है। -संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद।