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नयागांव : जानलेवा हमले के आरोपियों पर नहीं की कार्रवाई, एसएचओ लाइन हाजिर, एएसआई निलंबित
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हमले में घायल गुरप्रीत सिंह पप्पी। (फाइल फोटो)
- फोटो : ???????
नयागांव। जानलेवा हमले के आरोपियों पर कार्रवाई न करने के मामले में पुलिस विभाग ने नया गांव थाने के एसएचओ कैलाश बहादुर को लाइन हाजिर जबकि एएसआई जसवीर सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग ने यह कार्रवाई हाईकोर्ट की फटकार के बाद की है।
डीएसपी गुरशेर सिंह ने बताया कि ड्यूटी में कोताही बरतने पर यह कार्रवाई की गई है। उधर, गुरप्रीत सिंह पप्पी का कहना है कि उन्हें पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है।
यह मामला 31 अगस्त 2020 का है। नगर काउंसिल की पूर्व प्रधान बलविंदर कौर के पति गुरप्रीत सिंह पप्पी पर करोरां रोड स्थित उनके दफ्तर में कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीजीआई में उनका इलाज चला। पता चला है कि उनकी अब तक पांच सर्जरी हो चुकी हैं। वह बिना सहारे के नहीं चल पाते हैं।
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इस जानलेवा हमले की शिकायत गुरप्रीत ने पुलिस को देकर सोनू व अन्य अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया था। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हुए कहा कि वह मौके पर नहीं था। हालांकि पप्पी ने अदालत में उसके घटनास्थल पर होने के सुबूत पेश कर दिए। इसके बाद उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने जांच में शामिल होने की शर्त पर आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। जांच के दौरान आरोपी ने तीन चार लोगों के नाम पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद ही पुलिस विभाग ने एसएचओ और एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की है।
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डीएसपी गुरशेर सिंह ने बताया कि ड्यूटी में कोताही बरतने पर यह कार्रवाई की गई है। उधर, गुरप्रीत सिंह पप्पी का कहना है कि उन्हें पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है।
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यह मामला 31 अगस्त 2020 का है। नगर काउंसिल की पूर्व प्रधान बलविंदर कौर के पति गुरप्रीत सिंह पप्पी पर करोरां रोड स्थित उनके दफ्तर में कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीजीआई में उनका इलाज चला। पता चला है कि उनकी अब तक पांच सर्जरी हो चुकी हैं। वह बिना सहारे के नहीं चल पाते हैं।
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इस जानलेवा हमले की शिकायत गुरप्रीत ने पुलिस को देकर सोनू व अन्य अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया था। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हुए कहा कि वह मौके पर नहीं था। हालांकि पप्पी ने अदालत में उसके घटनास्थल पर होने के सुबूत पेश कर दिए। इसके बाद उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने जांच में शामिल होने की शर्त पर आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। जांच के दौरान आरोपी ने तीन चार लोगों के नाम पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद ही पुलिस विभाग ने एसएचओ और एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की है।