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एनएचएम कर्मियों ने जलाए कोरोना वारियर्स के रूप में मिले प्रशस्ति पत्र
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मोहाली। संघर्ष पर चल रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने अब सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है। सोमवार को मुलाजिमों ने फेज-छह में प्रदर्शन किया। साथ ही कोरोनाकाल में बढ़िया काम के लिए दिए प्रशस्ति पत्र तक जला दिए।
मुलाजिमों का कहना है कि जब सरकार उनकी सुन ही नहीं रही है तो ऐसे में उन्हें ऐसे प्रशस्ति पत्रों की कोई जरूरत नहीं है। यह पत्र उनके किसी काम के नहीं है। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा मांगों को लेकर चलाई जा रही हड़ताल को एक हफ्ते से भी ज्यादा का समय हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ओपी सोनी से बैठक के बाद भी उनकी मांगे नहीं मानी हैं। मुलाजिमों का नेतृत्व कर रहे धर्म दास ने बताया एनएचएम के कर्मचारियों द्वारा पिछले एक हफ्ते से सड़कों पर संघर्ष किया जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि एनएचएम कर्मचारी केंद्र के अधीन हैं, जिसके चलते केंद्र सरकार ही फैसला करेगी। ऐसे में हम सभी कर्मचारियों ने फैसला किया कि पंजाब सरकार की और से हमें कोरोना वरियर के तौर पर प्रशस्ति पत्र सौंपे गए थे। उन्हें आग के हवाले किया गया।
मुलाजिमों ने बताया कि उन्हें कर्मचारियों की परवाह ही नहीं है, ऐसे में उनकी झूठी प्रशंसा की हमें कोई जरूरत नहीं। सरकार हमारी मांगें मान ले तो हम हड़ताल को अगले ही दिन वापस ले लेंगे। वहीं, एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएम के गढ़ में जाकर रैली करने का फैसला किया है जहां पंजाब भर से एनएचएम कर्मचारी शामिल होंगे।
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मुलाजिमों का कहना है कि जब सरकार उनकी सुन ही नहीं रही है तो ऐसे में उन्हें ऐसे प्रशस्ति पत्रों की कोई जरूरत नहीं है। यह पत्र उनके किसी काम के नहीं है। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा मांगों को लेकर चलाई जा रही हड़ताल को एक हफ्ते से भी ज्यादा का समय हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ओपी सोनी से बैठक के बाद भी उनकी मांगे नहीं मानी हैं। मुलाजिमों का नेतृत्व कर रहे धर्म दास ने बताया एनएचएम के कर्मचारियों द्वारा पिछले एक हफ्ते से सड़कों पर संघर्ष किया जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि एनएचएम कर्मचारी केंद्र के अधीन हैं, जिसके चलते केंद्र सरकार ही फैसला करेगी। ऐसे में हम सभी कर्मचारियों ने फैसला किया कि पंजाब सरकार की और से हमें कोरोना वरियर के तौर पर प्रशस्ति पत्र सौंपे गए थे। उन्हें आग के हवाले किया गया।
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मुलाजिमों ने बताया कि उन्हें कर्मचारियों की परवाह ही नहीं है, ऐसे में उनकी झूठी प्रशंसा की हमें कोई जरूरत नहीं। सरकार हमारी मांगें मान ले तो हम हड़ताल को अगले ही दिन वापस ले लेंगे। वहीं, एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएम के गढ़ में जाकर रैली करने का फैसला किया है जहां पंजाब भर से एनएचएम कर्मचारी शामिल होंगे।
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