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डेढ़ महीने बाद जीरकपुर उप तहसील में नायब तहसीलदार नियुक्त
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जीरकपुर। राजस्व विभाग ने डेढ़ माह से जीरकपुर उप तहसील में खाली पड़े नायब तहसीलदार के पद पर पक्के तौर पर अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। अब उप तहसील का कार्यभार नायब तहसीलदार पुनीत बांसल को सौंपा गया है, जिन्होंने मंगलवार को कार्यभार संभाल लिया।
बता दें कि उप तहसील जीरकपुर के पूर्व नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन की धोखाधड़ी के मामले में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से इस पद पर किसी अधिकारी की पक्के तौर पर तैनाती नहीं की गई थी। इससे पहले तक तहसीलदार नवप्रीत सिंह शेरगिल को डेराबस्सी के साथ-साथ जीरकपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हुआ था।
परेशान हो रहे थे लोग
जीरकपुर सब-तहसील में नायब तहसीलदार की पक्की तौर पर तैनाती न होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा था। यहां काम करवाने के लिए आने वाले लोग परेशान हो रहे थे। लोग दूर दराज के क्षेत्रों से अपने कामों को लेकर जीरकपुर पहुंचते हैं। तहसीलदार नवप्रीत शेरगिल पहले डेराबस्सी का काम निपटाकर दोपहर बाद जीरकपुर पहुंचते हैं और ऐसे में लोगों को अपने दस्तावेजों को तस्दीक करवाने के लिए डेराबस्सी जाना पड़ता है या फिर जीरकपुर उप तहसील में खड़े होकर तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ता है।
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पहले के नायब तहसीलदार हुए थे गिरफ्तार
दो नवंबर को विजिलेंस ने जीरकपुर उप तहसील के नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को गिरफ्तार किया था। उन पर ब्लॉक माजरी के अधीनस्थ गांव स्यूंक में सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर गलत इंतकाल चढ़ाकर उसे आगे लोगों में बेचने का आरोप था। मामले की लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग के पास पहुंची, जिन्होंने मामले में संलिप्त आरोपियों खिलाफ केस दर्ज होने के करीब साल साल बाद नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया।
डेराबस्सी के तहसीलदार देख रहे थे अतिरिक्त कार्यभार
नायब तहसीलदार का पद खाली होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक किसी अधिकारी की तैनाती नहीं की गई थी। अब तक डेराबस्सी के तहसीलदार नवप्रीत शेरगिल को अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे। उनके पास डेराबस्सी तहसील का भी कार्यभार था। इसलिए उन्हें दोनों जगह आना-जाना पड़ता था।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
जीरकपुर उप तहसील में पक्के तौर पर किसी अधिकारी की तैनाती न होने का मुद्दा ‘अमर उजाला’ ने उठाया था। लोगों की परेशानियों को देखते हुए दो दिसंबर को ‘तहसीलदार के जिम्मे कार्यालय का काम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद मामला पंजाब राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो जिला और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी हरकत में आया और पुनीत बांसल को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कोट्..
राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों ने सोमवार देर शाम जीरकपुर सब-तहसील के लिए पुनीत बांसल को नायब तहसीलदार कार्यभार सौंपने के आदेश पारित किए हैं, जिन्होंने मंगलवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। -नवप्रीत सिंह शेरगिल, तहसीलदार, डेराबस्सी।
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बता दें कि उप तहसील जीरकपुर के पूर्व नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन की धोखाधड़ी के मामले में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से इस पद पर किसी अधिकारी की पक्के तौर पर तैनाती नहीं की गई थी। इससे पहले तक तहसीलदार नवप्रीत सिंह शेरगिल को डेराबस्सी के साथ-साथ जीरकपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हुआ था।
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परेशान हो रहे थे लोग
जीरकपुर सब-तहसील में नायब तहसीलदार की पक्की तौर पर तैनाती न होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा था। यहां काम करवाने के लिए आने वाले लोग परेशान हो रहे थे। लोग दूर दराज के क्षेत्रों से अपने कामों को लेकर जीरकपुर पहुंचते हैं। तहसीलदार नवप्रीत शेरगिल पहले डेराबस्सी का काम निपटाकर दोपहर बाद जीरकपुर पहुंचते हैं और ऐसे में लोगों को अपने दस्तावेजों को तस्दीक करवाने के लिए डेराबस्सी जाना पड़ता है या फिर जीरकपुर उप तहसील में खड़े होकर तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ता है।
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पहले के नायब तहसीलदार हुए थे गिरफ्तार
दो नवंबर को विजिलेंस ने जीरकपुर उप तहसील के नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को गिरफ्तार किया था। उन पर ब्लॉक माजरी के अधीनस्थ गांव स्यूंक में सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर गलत इंतकाल चढ़ाकर उसे आगे लोगों में बेचने का आरोप था। मामले की लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग के पास पहुंची, जिन्होंने मामले में संलिप्त आरोपियों खिलाफ केस दर्ज होने के करीब साल साल बाद नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धुत्त को जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया।
डेराबस्सी के तहसीलदार देख रहे थे अतिरिक्त कार्यभार
नायब तहसीलदार का पद खाली होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक किसी अधिकारी की तैनाती नहीं की गई थी। अब तक डेराबस्सी के तहसीलदार नवप्रीत शेरगिल को अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे। उनके पास डेराबस्सी तहसील का भी कार्यभार था। इसलिए उन्हें दोनों जगह आना-जाना पड़ता था।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
जीरकपुर उप तहसील में पक्के तौर पर किसी अधिकारी की तैनाती न होने का मुद्दा ‘अमर उजाला’ ने उठाया था। लोगों की परेशानियों को देखते हुए दो दिसंबर को ‘तहसीलदार के जिम्मे कार्यालय का काम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद मामला पंजाब राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो जिला और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी हरकत में आया और पुनीत बांसल को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कोट्..
राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों ने सोमवार देर शाम जीरकपुर सब-तहसील के लिए पुनीत बांसल को नायब तहसीलदार कार्यभार सौंपने के आदेश पारित किए हैं, जिन्होंने मंगलवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। -नवप्रीत सिंह शेरगिल, तहसीलदार, डेराबस्सी।