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Mohali News: नगर परिषद प्रधान को हाईकोर्ट से राहत, सभी याचिकाएं खारिज
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जीरकपुर। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जीरकपुर नगर परिषद के प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके प्रधान पद के चुनाव को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
इस फैसले के बाद गुरप्रीत सिंह विर्क के प्रधान पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। विपक्षी दलों और आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षदों ने प्रधान पद के चुनाव को गलत बताया था। उन्होंने इस चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह चुनाव बीती 24 जून को हुआ था।
इसमें वार्ड-31 से पार्षद गुरप्रीत सिंह विर्क को एसडीएम कम कन्वीनर अमित गुप्ता के नेतृत्व में सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया था। याचिकाकर्ताओं ने प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान के चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट में 20 दिनों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
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अदालत के मंगलवार को आए फैसले के बाद जीरकपुर नगर परिषद में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पक्ष ने आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान केवल गुरप्रीत सिंह विर्क के नाम का प्रस्ताव रखा गया। इसे आम आदमी पार्टी के सभी 15 पार्षदों और विधायक ने हाथ थपथपाकर चुन लिया।
यही प्रक्रिया सीनियर उपप्रधान गुरविंदर सिंह रंगी और उपप्रधान जश्नप्रीत कौर के लिए भी अपनाई गई। विपक्षी दलों के अलावा, आम आदमी पार्टी के दो मौजूदा पार्षदों ने भी इस चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की थी। संवाद
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इस फैसले के बाद गुरप्रीत सिंह विर्क के प्रधान पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। विपक्षी दलों और आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षदों ने प्रधान पद के चुनाव को गलत बताया था। उन्होंने इस चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह चुनाव बीती 24 जून को हुआ था।
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इसमें वार्ड-31 से पार्षद गुरप्रीत सिंह विर्क को एसडीएम कम कन्वीनर अमित गुप्ता के नेतृत्व में सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया था। याचिकाकर्ताओं ने प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान के चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट में 20 दिनों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
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अदालत के मंगलवार को आए फैसले के बाद जीरकपुर नगर परिषद में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पक्ष ने आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान केवल गुरप्रीत सिंह विर्क के नाम का प्रस्ताव रखा गया। इसे आम आदमी पार्टी के सभी 15 पार्षदों और विधायक ने हाथ थपथपाकर चुन लिया।
यही प्रक्रिया सीनियर उपप्रधान गुरविंदर सिंह रंगी और उपप्रधान जश्नप्रीत कौर के लिए भी अपनाई गई। विपक्षी दलों के अलावा, आम आदमी पार्टी के दो मौजूदा पार्षदों ने भी इस चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की थी। संवाद