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बिजली बिल के बोझ तले दबी एमएसएमई, सोलर पैनल लगाने में केंद्र दे सब्सिडी
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मोहाली। जिले की एमएसएमई इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा परेशानी हर महीने आने वाले बिजली के भारी भरकम बिल हैं और केंद्र सरकार सोलर पैनल लगाने में एमएसएमई को सब्सिडी प्रदान करे, ताकि बिजली बिल के बोझ को कम किया जा सके। इसके साथ ही एमएसएमई इंडस्ट्री सक्षम नहीं कि ऊंची दर ब्याज वाले लोन बैंकों से लेकर अपने कारोबार को बड़ा कर सकें। यदि केंद्र सरकार कम ब्याज पर उन्हें लोन मुहैया करवा दे तो वे अपने कारोबार को देश से बाहर विदेशों तक पहुंचा सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक, मोहाली इंडस्ट्री में छोटी और बड़ी मिलाकर कुल 4 हजार से अधिक कंपनियां हैं, जिसको एमएसएमई कैटेगरी का दर्जा हासिल है। मोहाली की एमएसएमई इंडस्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की संख्या 4 लाख से अधिक है, लेकिन इंडस्ट्री में अभी बहुत परेशानियां हैं, जो इसका समाधान चाहते हैं। सबसे बड़ी समस्या बिजली के हर महीने आने वाले बड़े-बड़े बिल हैं, जिनकी अदायगी में कंपनियों का बजट तक बिगड़ जाता है। जबकि एमएसएमई सोलर पैनल लगाकर इस समस्या का कम कर सकती हैं, लेकिन सोलर पैनल में केंद्र सरकार हिस्सेदारी करके इन्हें सब्सिडी प्रदान करें।
यदि सोलर पैनल में सरकार सहयोग करती है तो बिजली बिल से बचने वाले पैसों को अन्य कार्यों में निवेश करके बढ़ा सकती है। इसी तरह, एमएसएमई इंडस्ट्री के पास सामान बनाने के लिए मशीनरी तो है, लेकिन इसकी मार्केटिंग के लिए अच्छे बाजारों कमी है, जिसको केंद्र सरकार गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाए। अगर मार्केट होगी तो कंपनियों को अपने तैयार किए सामान को बेचना आसान होगा।
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केंद्र सरकार करे प्रावधान
हमारी मांग है कि केंद्र सरकार अपने बजट में एमएसएमई इंडस्ट्री को सोलर पैनल लगाने में सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान करे, ताकि भारी भरकम बिजली के बिलों से कंपनियों को निजात मिल सके।
-अनुराग अग्रवाल, प्रेसीडेंट, मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन
मार्केट में सामान बेचना बहुत मुश्किल
एमएसएमई इंडस्ट्री के लिए सामान बनाना तो आसान है, लेकिन सामान को मार्केट में उतारकर बेचना बहुत मुश्किल है। इसके लिए अच्छे बाजारों की जरूरत है। इसके लिए केंद्र सरकार को जरूर सोचना चाहिए।
-इकबाल सिंह, मेंबर, मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन
महिलाओं को टैक्स में छूट देकर बढ़ाएं हौसला
एक कारोबारी होने के नाते एक सर्विस इंडस्ट्री में काम करती हूं और मैं चाहती हूं सर्विस टैक्स में केंद्र सरकार छूट प्रदान करे। जो महिला अपने काम की शुरुआत करती है उसे सरकार की तरफ से मदद प्रदान करने के लिए अच्छी स्कीम लांच करनी चाहिए, जिससे वह आर्थिक रूप से मजबूत बनकर दूसरों को रोजगार देने लायक बन जाएं। इसके साथ ही महिलाओं को टैक्स में छूट देकर उनका हौसला बढ़ाया जाए।
-सुप्रीत कौर महिला उद्यमी
पढ़ाई के साथ निकल जाए जेब खर्च
सरकार द्वारा युवाओं के लिए कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ऐसे कोर्स और सेंटर खोले जाएं जहां युवा अपनी स्किल पर काम कर सकें। साथ ही अपना जेब खर्च निकाल सकें। आमतौर पर मिडल क्लास फेमिली से जुड़े युवाओं को जेब खर्च निकलने के लिए पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
-मोहम्मद हसन, छात्र
पढ़ाई पूरी होने के बाद युवाओं को मिले रोजगार
आजकल युवाओं में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है, जिस पर सरकार कुछ नहीं कर रही। मेरी रिश्तेदारी में काफी ऐसे युवा हैं जो ग्रेजुएशन करने के बाद दो तीन सालों से नौकरी ढूंढ रहे हैं। ऐसे युवाओं के लिए सरकार को चाहिए कि वे युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करें ताकि उनके द्वारा की गई पढ़ाई व्यर्थ न जाए।
-प्रियांशु, छात्र
गृहणियों की रसोई का विशेष ध्यान रखे सरकार
मैं एक गृहिणी हूं और मुझ पर घर खर्च की सारी जिम्मेदारी है। नमक, तेल, सब्जियां और गैस के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से सारा बजट बिगड़ गया है। समझ नहीं आता इतने भाव कैसे बढ़ गए और ऊपर से हर महीने राशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी हो रही है, जिसको ध्यान में रखते हुए आम बजट में गृहणियों का विशेष ध्यान रखा जाए। -परमिंदर कौर, गृहिणी
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जानकारी के मुताबिक, मोहाली इंडस्ट्री में छोटी और बड़ी मिलाकर कुल 4 हजार से अधिक कंपनियां हैं, जिसको एमएसएमई कैटेगरी का दर्जा हासिल है। मोहाली की एमएसएमई इंडस्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की संख्या 4 लाख से अधिक है, लेकिन इंडस्ट्री में अभी बहुत परेशानियां हैं, जो इसका समाधान चाहते हैं। सबसे बड़ी समस्या बिजली के हर महीने आने वाले बड़े-बड़े बिल हैं, जिनकी अदायगी में कंपनियों का बजट तक बिगड़ जाता है। जबकि एमएसएमई सोलर पैनल लगाकर इस समस्या का कम कर सकती हैं, लेकिन सोलर पैनल में केंद्र सरकार हिस्सेदारी करके इन्हें सब्सिडी प्रदान करें।
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यदि सोलर पैनल में सरकार सहयोग करती है तो बिजली बिल से बचने वाले पैसों को अन्य कार्यों में निवेश करके बढ़ा सकती है। इसी तरह, एमएसएमई इंडस्ट्री के पास सामान बनाने के लिए मशीनरी तो है, लेकिन इसकी मार्केटिंग के लिए अच्छे बाजारों कमी है, जिसको केंद्र सरकार गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाए। अगर मार्केट होगी तो कंपनियों को अपने तैयार किए सामान को बेचना आसान होगा।
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केंद्र सरकार करे प्रावधान
हमारी मांग है कि केंद्र सरकार अपने बजट में एमएसएमई इंडस्ट्री को सोलर पैनल लगाने में सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान करे, ताकि भारी भरकम बिजली के बिलों से कंपनियों को निजात मिल सके।
-अनुराग अग्रवाल, प्रेसीडेंट, मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन
मार्केट में सामान बेचना बहुत मुश्किल
एमएसएमई इंडस्ट्री के लिए सामान बनाना तो आसान है, लेकिन सामान को मार्केट में उतारकर बेचना बहुत मुश्किल है। इसके लिए अच्छे बाजारों की जरूरत है। इसके लिए केंद्र सरकार को जरूर सोचना चाहिए।
-इकबाल सिंह, मेंबर, मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन
महिलाओं को टैक्स में छूट देकर बढ़ाएं हौसला
एक कारोबारी होने के नाते एक सर्विस इंडस्ट्री में काम करती हूं और मैं चाहती हूं सर्विस टैक्स में केंद्र सरकार छूट प्रदान करे। जो महिला अपने काम की शुरुआत करती है उसे सरकार की तरफ से मदद प्रदान करने के लिए अच्छी स्कीम लांच करनी चाहिए, जिससे वह आर्थिक रूप से मजबूत बनकर दूसरों को रोजगार देने लायक बन जाएं। इसके साथ ही महिलाओं को टैक्स में छूट देकर उनका हौसला बढ़ाया जाए।
-सुप्रीत कौर महिला उद्यमी
पढ़ाई के साथ निकल जाए जेब खर्च
सरकार द्वारा युवाओं के लिए कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ऐसे कोर्स और सेंटर खोले जाएं जहां युवा अपनी स्किल पर काम कर सकें। साथ ही अपना जेब खर्च निकाल सकें। आमतौर पर मिडल क्लास फेमिली से जुड़े युवाओं को जेब खर्च निकलने के लिए पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
-मोहम्मद हसन, छात्र
पढ़ाई पूरी होने के बाद युवाओं को मिले रोजगार
आजकल युवाओं में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है, जिस पर सरकार कुछ नहीं कर रही। मेरी रिश्तेदारी में काफी ऐसे युवा हैं जो ग्रेजुएशन करने के बाद दो तीन सालों से नौकरी ढूंढ रहे हैं। ऐसे युवाओं के लिए सरकार को चाहिए कि वे युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करें ताकि उनके द्वारा की गई पढ़ाई व्यर्थ न जाए।
-प्रियांशु, छात्र
गृहणियों की रसोई का विशेष ध्यान रखे सरकार
मैं एक गृहिणी हूं और मुझ पर घर खर्च की सारी जिम्मेदारी है। नमक, तेल, सब्जियां और गैस के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से सारा बजट बिगड़ गया है। समझ नहीं आता इतने भाव कैसे बढ़ गए और ऊपर से हर महीने राशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी हो रही है, जिसको ध्यान में रखते हुए आम बजट में गृहणियों का विशेष ध्यान रखा जाए। -परमिंदर कौर, गृहिणी