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Mohali News: दो दिन में मानसून की दस्तक, नगर निगम अलर्ट... सात कंट्रोल रूम बनाए, हेल्पलाइन नंबर जारी
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चंडीगढ़। शहर में अगले दो दिन में मानसून दस्तक देने वाला है। पिछले वर्ष जुलाई महीने में बारिश की वजह से भीषण तबाही हुई थी। इस बार ऐसा न हो, नगर निगम ने एक जुलाई से 15 सितंबर तक के लिए फ्लड प्लान तैयार किया है। सात कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। एरिया के अनुसार हेल्पलाइन नंबर और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। निगम और प्रशासन ने सभी फील्ड स्टाफ व अधिकारियों को मानसून के दिनों में अलर्ट रहने को कहा है। मानसून के दौरान उचित जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए शहरभर में लगभग 30,000 रोड-गलियों और स्ट्रॉम वाटर नालियों की सफाई की जा चुकी है। 18 समर्पित स्पेशल रिस्पांस टीम (एसआरटी) गठित किए गए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। ये दल मानसून के मौसम में आपात स्थितियों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे काम करेंगे। शहर के 7 फायर स्टेशनों को कंट्रोल रूम के रूप में नामित किया गया है, जो पूरे मानसून के मौसम में 24/7 काम करेंगे। ये कंट्रोल रूम नागरिकों के लिए जल आपूर्ति में व्यवधान, जलभराव, गिरे हुए पेड़, बिजली कटौती, भवन संबंधी मुद्दों और सड़क संबंधी समस्याओं से संबंधित आपात स्थितियों की रिपोर्ट करने के लिए केंद्रीय संपर्क बिंदु के रूप में काम करेंगे। वीरवार को नगर निगम ने इन कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी कर दिए। शहरवासी एरिया के अनुसार संबंधित कंट्रोल रूम पर फोन पर जल भराव आदि की जानकारी दे सकेंगे।
अब तक देखे जा सकते हैं पिछले साल की बर्बादी के निशान
पिछले वर्ष जुलाई में हुई बारिश की वजह से विकास नगर रेलवे अंडरपास, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गौशाला के पुल, सेक्टर-26 से मनीमाजरा की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुल और किशनगढ़ के पुल का रास्ता बंद हो गया था। लोगों के पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा था कि वो पंचकूला से कलाग्राम से होते हुए ट्रांसपोर्ट लाइटों से चंडीगढ़ में प्रवेश करें। इस घटना को करीब एक साल बीच चुका है, लेकिन अभी भी पिछले साल की बर्बादी के निशान यहां देखे जा सकते हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गौशाला का पुल पूरी तरह से बह गया था। इसे दोबारा बनाया गया है। कई महीने रास्ता बंद रहा। अधिकारियों ने बताया कि पुल के पास सफाई कराई गई है। रास्ते में आने वाले अवरोधों को हटाया गया है, ताकि पानी रुके नहीं। सेक्टर-26 से मनीमाजरा की तरफ जाने वाले रास्ते का पुल अभी तक पूरी तरह से नहीं बना है। बारिश में पानी की लाइन टूट गई थी, जिसे आनन-फानन में ठीक कर सड़क पर रख दी गई। वह पाइप आज भी सड़क पर ही रखी गई है। वहीं, किशनगढ़ के पुल के पास भी सफाई की गई है ताकि पानी न रुके। निगम के अधिकारियों का दावा है कि सभी पुलों के पास सफाई कराई गई है ताकि पानी न रुके। इसके अलावा बारिश के दिनों में मौके पर नजर भी रखी जाएगी।
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अब तक देखे जा सकते हैं पिछले साल की बर्बादी के निशान
पिछले वर्ष जुलाई में हुई बारिश की वजह से विकास नगर रेलवे अंडरपास, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गौशाला के पुल, सेक्टर-26 से मनीमाजरा की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुल और किशनगढ़ के पुल का रास्ता बंद हो गया था। लोगों के पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा था कि वो पंचकूला से कलाग्राम से होते हुए ट्रांसपोर्ट लाइटों से चंडीगढ़ में प्रवेश करें। इस घटना को करीब एक साल बीच चुका है, लेकिन अभी भी पिछले साल की बर्बादी के निशान यहां देखे जा सकते हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गौशाला का पुल पूरी तरह से बह गया था। इसे दोबारा बनाया गया है। कई महीने रास्ता बंद रहा। अधिकारियों ने बताया कि पुल के पास सफाई कराई गई है। रास्ते में आने वाले अवरोधों को हटाया गया है, ताकि पानी रुके नहीं। सेक्टर-26 से मनीमाजरा की तरफ जाने वाले रास्ते का पुल अभी तक पूरी तरह से नहीं बना है। बारिश में पानी की लाइन टूट गई थी, जिसे आनन-फानन में ठीक कर सड़क पर रख दी गई। वह पाइप आज भी सड़क पर ही रखी गई है। वहीं, किशनगढ़ के पुल के पास भी सफाई की गई है ताकि पानी न रुके। निगम के अधिकारियों का दावा है कि सभी पुलों के पास सफाई कराई गई है ताकि पानी न रुके। इसके अलावा बारिश के दिनों में मौके पर नजर भी रखी जाएगी।
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