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इसी महीने मोहाली को मिलने लगेगा बीस एमजीडी पानी
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मोहाली। वीआईपी शहर में अब पानी की दिक्कत दूर जाएगी। इसी महीने शहर को कजौली से 20 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलना शुरू जाएगा। इसके लिए सिंहपुर में 20 एमजीडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। शुक्रवार को विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। इस मौके पर विधायक सिद्धू ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी करेंगे। जैसे ही बिजली का कनेक्शन मिलेगा, उसके बाद यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जानकारी के मुुताबिक कजौली वाटर वर्क्स मोरिंडा जिले में स्थित है। वहीं से चंडीगढ़, मोहाली और चंडीमंदिर को पानी मुुहैया करवाया जाता है। कजौली वाटर वर्क्स के पहले दो फेज से 35 एमजीडी पानी का अतिरिक्त हिस्सा मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मोहाली को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा था। इसके पीछे की वजह यह थी कि सिंहपुरा में बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अधर में था। पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का की समय अवधि दिसंबर 2020 तय की गई थी, लेकिन कोविड की वजह से इस प्रोजेक्ट की समय अवधि जुलाई 2021 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद फिर प्रोजेक्ट की समय अवधि बढ़ाई गई है। हालांकि इसी प्रोजेक्ट को लेकर चीफ सेक्रेटरी पंजाब की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। इसमें गमाडा अधिकारियों ने माना था कि कोरोना महामारी की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों से चल रहा। अब सौ फीसदी काम पूरा कर लिया गया।
200 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
जानकारी के मुताबिक मई 2012 में गमाडा ने 200 करोड़ की लागत से कजौली वाटर वर्क्स से मोहाली और चंडीगढ़ को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाना शुरू कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में आधा खर्च चंडीगढ़ की तरफ से उठाया जाना था। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए कोर्ट तक जंग लड़ चुके डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी मानते हैं कि अधिकारियों के उदासीन रवैये से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार समय से पानी शहर को मिलेगा।
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12 एमजीडी पानी की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में इस समय 32 एमजीडी पानी की जरूरत है। लेकिन शहर को अभी तक केवल 20 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें 10 एमजीडी पानी कजौली वाटर वर्क्स से मिलता है। जबकि 10 एमजीडी पानी 76 ट्यूबवेलों से मिल रहा है और 12 एमजीडी की कमी है, जो कि आने वाले समय में दूर हो जाएगी। वहीं, नए सेक्टरों को भी कजौली से पानी मुहैया करवाने की योजना है। इसके लिए सिंहपुर से नए सेक्टरों के लिए पानी की लाइन बिछाने का किया गया है। दूसरी तरफ मोहाली नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की पूरी मशीनरी बदल रही है। साथ ही एडवांस सिस्टम लगाया जा रहा है।
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जानकारी के मुुताबिक कजौली वाटर वर्क्स मोरिंडा जिले में स्थित है। वहीं से चंडीगढ़, मोहाली और चंडीमंदिर को पानी मुुहैया करवाया जाता है। कजौली वाटर वर्क्स के पहले दो फेज से 35 एमजीडी पानी का अतिरिक्त हिस्सा मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मोहाली को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा था। इसके पीछे की वजह यह थी कि सिंहपुरा में बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अधर में था। पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का की समय अवधि दिसंबर 2020 तय की गई थी, लेकिन कोविड की वजह से इस प्रोजेक्ट की समय अवधि जुलाई 2021 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद फिर प्रोजेक्ट की समय अवधि बढ़ाई गई है। हालांकि इसी प्रोजेक्ट को लेकर चीफ सेक्रेटरी पंजाब की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। इसमें गमाडा अधिकारियों ने माना था कि कोरोना महामारी की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों से चल रहा। अब सौ फीसदी काम पूरा कर लिया गया।
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200 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
जानकारी के मुताबिक मई 2012 में गमाडा ने 200 करोड़ की लागत से कजौली वाटर वर्क्स से मोहाली और चंडीगढ़ को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाना शुरू कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में आधा खर्च चंडीगढ़ की तरफ से उठाया जाना था। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए कोर्ट तक जंग लड़ चुके डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी मानते हैं कि अधिकारियों के उदासीन रवैये से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार समय से पानी शहर को मिलेगा।
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12 एमजीडी पानी की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में इस समय 32 एमजीडी पानी की जरूरत है। लेकिन शहर को अभी तक केवल 20 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें 10 एमजीडी पानी कजौली वाटर वर्क्स से मिलता है। जबकि 10 एमजीडी पानी 76 ट्यूबवेलों से मिल रहा है और 12 एमजीडी की कमी है, जो कि आने वाले समय में दूर हो जाएगी। वहीं, नए सेक्टरों को भी कजौली से पानी मुहैया करवाने की योजना है। इसके लिए सिंहपुर से नए सेक्टरों के लिए पानी की लाइन बिछाने का किया गया है। दूसरी तरफ मोहाली नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की पूरी मशीनरी बदल रही है। साथ ही एडवांस सिस्टम लगाया जा रहा है।