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मोहाली बनेगा कूड़ा मुक्त शहर, गंदगी के पहाड़ से भी मिलेगी निजात, प्रोजेक्ट का शुभारंभ
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मोहाली में नगर निगम के डंपिग प्वाइंट पर काम शुरू करवाने उद्योगपतियों के साथ पहुंचे मेयर अमरजीत स?
- फोटो : MOHALI
मोहाली। वीआईपी शहर को कूड़े के पहाड़ से निजात दिलाने और कूड़ा मुक्त बनाने के प्रोजेेक्ट पर सोमवार को काम शुरू हो गया। इस काम पर चार करोड़ 35 लाख रुपये की लागत आएगी। करीब एक साल में यह काम पूरा होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट में कूड़े की सेग्रिगेशन की प्रक्रिया चलेगी। इससे जहां पर्यावरण में प्रदूषण नहीं फैलेगा, वहीं कूड़े से निकलने वाले सामान को निगम द्वारा री-साइक्लिंग प्रक्रिया से गुजारा जाएगा। इतना ही नहीं इस दौरान यहां पर आने वाले गीले कूड़े से खाद बनाई जाएगी और सूखे कूड़े का उचित तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने किया। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी मौजूद रहे।
जानकारी के मुताबिक मोहाली का डंपिंग ग्राउंड दिल्ली में कूड़े के पहाड़ जैसा बन गया था। इस कारण यहां इससे उठने वाली बदबू से आसपास के रिहायशी इलाके के लोगों और इसके नजदीक कंपनियों में काम करने वाले लोगों को दिक्कत आ रही थी। इतना ही नहीं चप्पड़चिड़ी स्थित देश की सबसे ऊंची फतेह मीनार की खूबसूरती पर इसकी वजह से ही ग्रहण लग रहा था।
वहीं, इस संबंध में मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भी गया था। ऐसे में इस दिशा में नगर निगम ने पहले अपने स्तर पर मशीनें मंगवाकर काम शुरू कर दिया था। लेकिन इस काम में दिक्कत आ रही थी। इसके बाद निगम ने कंपनियों से आवेदन मांगे थे। तीन कंपनियों ने आवेदन किया था। इसके बाद कंपनी के पूरे तथ्य और चीजों को देेखने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया है। मेयर जीती सिद्धू ने कहा कि यह करीब तीन लाख टन कूड़े का पहाड़ है। कंपनी इसे एक साल में प्रोसेस करके प्लेन कर देगी और साथ ही इस पहाड़ को एक मैदान के रूप में तब्दील कर देगी। बता दें कि कुछ माह पहले जब चंडीगढ़ के डंपिंग ग्राउंड में आग लगी थी तो उसी दौरान मोहाली के डंपिंग ग्राउंड में भी आग लग गई थी और कई दिन तक आग सुलगने के कारण धुआं निकलता रहा था। ग्राउंड से उठने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल गया था। इस कारण सड़कों पर कुछ नहीं दिख रहा था और लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया था। इसके बाद करीब पांच दिन में आग पर काबू पाया गया था। इस मौके पर मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान योगेश सागर ने विशेष तौर पर सबका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस काम से पूरे शहर का फायदा होगा।
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रोजाना 600 टन कूडे़ का होगा निस्तारण
इस मौके पर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिस कंपनी को यह पहाड़ खत्म करने का ठेका दिया जा रहा है, उस कंपनी द्वारा साइट पर बड़ी मशीनें स्थापित की जाएंगी। हर घंटे 50 टन कूड़े के निपटारे के हिसाब से एक दिन में करीब 600 टन कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी ने नौ फीसदी लैस पर 4.35 करोड़ में हासिल किया है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से स्वच्छ भारत रैंकिंग में भी इलाके का सुधार होगा। इस मौके पर नगर निगम के कमिश्नर डॉ. कमल कुमार गर्ग, एसई संजय कंवर, एक्सईएन हरप्रीत सिंह और अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली का डंपिंग ग्राउंड दिल्ली में कूड़े के पहाड़ जैसा बन गया था। इस कारण यहां इससे उठने वाली बदबू से आसपास के रिहायशी इलाके के लोगों और इसके नजदीक कंपनियों में काम करने वाले लोगों को दिक्कत आ रही थी। इतना ही नहीं चप्पड़चिड़ी स्थित देश की सबसे ऊंची फतेह मीनार की खूबसूरती पर इसकी वजह से ही ग्रहण लग रहा था।
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वहीं, इस संबंध में मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भी गया था। ऐसे में इस दिशा में नगर निगम ने पहले अपने स्तर पर मशीनें मंगवाकर काम शुरू कर दिया था। लेकिन इस काम में दिक्कत आ रही थी। इसके बाद निगम ने कंपनियों से आवेदन मांगे थे। तीन कंपनियों ने आवेदन किया था। इसके बाद कंपनी के पूरे तथ्य और चीजों को देेखने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया है। मेयर जीती सिद्धू ने कहा कि यह करीब तीन लाख टन कूड़े का पहाड़ है। कंपनी इसे एक साल में प्रोसेस करके प्लेन कर देगी और साथ ही इस पहाड़ को एक मैदान के रूप में तब्दील कर देगी। बता दें कि कुछ माह पहले जब चंडीगढ़ के डंपिंग ग्राउंड में आग लगी थी तो उसी दौरान मोहाली के डंपिंग ग्राउंड में भी आग लग गई थी और कई दिन तक आग सुलगने के कारण धुआं निकलता रहा था। ग्राउंड से उठने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल गया था। इस कारण सड़कों पर कुछ नहीं दिख रहा था और लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया था। इसके बाद करीब पांच दिन में आग पर काबू पाया गया था। इस मौके पर मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान योगेश सागर ने विशेष तौर पर सबका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस काम से पूरे शहर का फायदा होगा।
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रोजाना 600 टन कूडे़ का होगा निस्तारण
इस मौके पर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिस कंपनी को यह पहाड़ खत्म करने का ठेका दिया जा रहा है, उस कंपनी द्वारा साइट पर बड़ी मशीनें स्थापित की जाएंगी। हर घंटे 50 टन कूड़े के निपटारे के हिसाब से एक दिन में करीब 600 टन कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी ने नौ फीसदी लैस पर 4.35 करोड़ में हासिल किया है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से स्वच्छ भारत रैंकिंग में भी इलाके का सुधार होगा। इस मौके पर नगर निगम के कमिश्नर डॉ. कमल कुमार गर्ग, एसई संजय कंवर, एक्सईएन हरप्रीत सिंह और अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे।