Mohali: अवैध फार्म हाउस मामले में डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह गिरफ्तार, ठेकेदार सहित दो अन्य अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में
29 मई को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में डब्लूडब्लूआईसीएस के डायरेक्टर देवेंद्र संधू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीएफओ पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने फेयर हैवन मामले में 30 अप्रैल को एक मीटिंग की थी। जिसमें उनकी तरफ से एक करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इसी मामले में विजिलेंस ने कार्रवाई की है।
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अवैध फार्म हाउस मामले में मोहाली विजिलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए जिला वन अधिकारी गुरअमनप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गुरअमनप्रीत सिंह के खिलाफ देवेंद्र संधू द्वारा शिकायत दी गई थी। शिकायत के साथ उन्होंने रिश्वत लेने संबंधी एक वीडियो भी जारी किया था। जिला वन अधिकारी की बैठक से पहले विभाग के ही दो अधिकारियों ने देवेंद्र संधू को बैठक का संदेश दिया था। बैठक की मध्यस्थता विभाग के ठेकेदार हरमनिंदर सिंह उर्फ हम्मी ने की थी।
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह वन विभाग के डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह के खिलाफ रिश्वत मामले में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। 29 मई को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में डब्लूडब्लूआईसीएस के डायरेक्टर देवेंद्र संधू द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीएफओ पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने फेयर हैवन मामले में 30 अप्रैल को एक मीटिंग की थी। जिसमें उनकी तरफ से एक करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इसके अलावा फार्म हाउस की बिक्री पर पांच लाख एवं हर महीने दस लाख की भी मांग की गई थी। मीटिंग के दौरान उन्हें दो लाख रिश्वत के तौर पर दिए थे। संधू द्वारा उनकी मीटिंग का एक वीडियो भी मीडिया को सौंपा गया था।
संधू ने बताया था कि मामले संबंधी उन्होंने शिकायत राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, मुख्यमंत्री, विजिलेंस एवं दूसरे अन्य विभागों को भी की गई थी। विजिलेंस ब्यूरो ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए ठेकेदार एवं डीएफओ को गिरफ्तार कर लिया है।
यह था मामला
गांव टांडी एवं मसोल के बीच में कुछ फार्म हाउस बनाए जाने संबंधी शिकायत डीएफओ द्वारा नयागांव पुलिस को 24 अप्रैल को दी गई थी। उसके बाद 27 अप्रैल को विभाग के दो कर्मचारियों द्वारा देवेंद्र संधू से मुलाकात कर डीएफओ से मुलाकात का संदेश दिया गया था। वायरल वीडियो के अनुसार 30 अप्रैल को डीएफओ एवं देवेंद्र संधू की मुलाकात हुई थी। लेकिन 9 मई को वन विभाग की तरफ से कार्रवाई करते हुए पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 धारा 4 एवं 5 के तहत देवेंद्र संधू के पिता रिटायर्ड कर्नल बीएस संधू एवं तरसेम सिंह के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था। इसके बाद 26 मई को उस इलाके में कार्रवाई करते हुए वन विभाग की तरफ से दस हजार पेड़ लगवाए गए थे। साथ ही देवेंद्र संधू द्वारा बनाया गया मुख्य द्वार एवं सड़क को जेसीबी मशीन के द्वारा गिरा दिया गया था। देवेंद्र संधू ने मामले की शिकायत वीडियो के साथ उच्च स्तर तक की गई थी। जिसमें विजिलेंस ब्यूरो की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वन विभाग से चीफ कंजरवेटर (हिल्स) हर्ष कुमार की तरफ से 27 मई को डीएफओ के तबादले की सिफारिश की गई थी और विजिलेंस से वीडियो संबंधी जांच की मांग के लिए पत्र लिखा था ।