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मोहाली मेयर की हो सकती है अकाली दल में वापसी
विशाल शंकर/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 02 May 2016 10:30 AM IST
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कुलवंत सिंह मेयर मोहाली
- फोटो : अमर उजाला
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मोहाली में आने वाले कुछ दिनों में राजनीतिक सभी समीकरण बदलने वाले हैं और अकाली दल में बड़ा बदलाव हो सकता है। चुनाव नजदीक आते देख अकाली दल समीकरण बदलने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, मेयर कुलवंत सिंह की अकाली दल में वापसी हो सकती है। उनकी वापसी आने वाले कुछ दिनों में होगी। उनके पार्टी में आने से शहर में पूरी तरह से समीकरण बदल जाएंगे। साथ ही नगर निगम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, अगर कुलवंत सिंह की अकाली दल वापसी हुई तो कांग्रेस को उनका साथ छोड़ना पड़ेगा।
ऐसी स्थित में कांग्रेस को नगर निगम में विपक्ष में बैठना पड़ेगा। मौजूदा समय में कांग्रेस ने आजाद ग्रुप के कुलवंत सिंह को समर्थन दिया था। इसके बाद कुलवंत सिंह नगर निगम के पहले मेयर बने थे। जबकि, कांग्रेस को सीनियर डिप्टी मेयर का पद मिला था। अकाली दल और भाजपा के पास पार्षदों की संख्या 23 है। अगर कुलवंत सिंह अकाली दल में जाते हैं तो उन्हें मिलाकर उनके ग्रुप के सभी 11 पार्षद अकाली दल के हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, अकाली दल के प्रधान एवं डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल और उनके सलाहकार मनजिंदर सिंह सिरसा और सीपीएस एनके शर्मा ने कुलवंत सिंह से कुछ दिन पहले एक मीटिंग हुई थी। इसमें सुखबीर बादल ने कुलवंत सिंह को पार्टी में वापसी के लिए मना भी लिया था। इसका रस्मी एलान आने वाले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा।
मीटिंग के दौरान कुलवंत सिंह को पार्टी में लाने के लिए अकाली दल मेंहलका इंचार्ज का पद देने की भी बात कही गई थी, जिसे कुलवंत सिंह ने ठुकरा दिया और सिर्फ पार्टी में आने के लिए हां कर दी। इससे साफ जाहिर है कि अकाली दल इस बार मोहाली विधानसभा जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रहा है। अकाली दल के लिए मोहाली सीट जीतना इज्जत का सवाल बन गया है, क्योंकि अकाली दल लगातार यह सीट हार रहा है। कांग्रेस लगातार तीन बार यह सीट जीत चुकी है। इस बार कांग्रेस के विधायक बलबीर सिंह सिद्घू को हराने के लिए अकाली दल समीकरण तैयार करने में लगा हुआ है। लेकिन, अकाली दल को मौजूदा विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को चुनाव में टक्कर देने के लिए कोई ऐसा चेहरा नहीं मिल रहा है। विधानसभा हलके में कांग्रेस के विधायक सिद्धू काफी सरगर्म हैं और हर घर व परिवार तक अपनी पहुंच बना चुके हैं।
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क्या होगा अकाली-भाजपा पार्षदों का
शिरोमणि अकाली दल को ठुकरा कर नगर निगम में जब कुलवंत सिंह मेयर बने थे तो अकाली-भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध किया था। अब जब कुलवंत सिंह अकाली दल में वापसी कर रहे हैं तो क्या अकाली-भाजपा पार्षद इनको पंसद करेंगे। यह पार्षदों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एनके शर्मा को मिलेगा हलका मोहाली का एडिशनल चार्ज
सूत्रों के मुताबिक, मेयर कुलवंत सिंह को अकाली दल में वापसी के लिए पूरा जोर लगाया और उन्हें मनाने में अकाली कामयाब भी हो गया। क्योंकि शहर निवासियों को पता है कि कुलवंत सिंह और एनके शर्मा बेहद करीबी दोस्त हैं। कुलवंत सिंह की ओर से अकाली दल में वापसी के लिए हां तो कर दी, लेकिन कुलवंत सिंह ने हलका इंचार्ज का पद लेने के लिए मना कर दिया। इसके बाद सुखबीर बादल को एनके शर्मा को मोहाली इंचार्ज हलके का एडिशनल चार्ज देने के कहा गया है, जिसका एलान आने वाले दिनों में हो सकता है।
हरिंदरपाल चंदूमाजरा है मौजूदा हलका इंचार्ज
अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बेटे हरिंदरपाल सिंह चंदूूमाजरा को हलका इंचार्ज बनवा दिया था। इसके बाद चंदूमाजरा परिवार ने शहर में अपनी गतिविधि बढ़ा दी थीं, जो कि मौजूदा समय में भी चल रही हैं। यहीं नहीं, शहर में बिखरे अकाली नेताओं को एक साथ करने में चंदूमाजरा ने पूरा जोर लगाया। सभी को इकट्ठा कर लिया है, लेकिन अब कुलवंत सिंह के अकाली दल में वापसी और एनके शर्मा को हलका इंचार्ज बनाए जाने की चर्चाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हरिंदरपाल चंदूमाजरा मोहाली छोड़ कर जाएंगे या मोहाली से ही चुनाव लड़ेंगे। इसका फैसला अकाली दल करेगा।
मनजिंदर सिरसा भी शहर में हो रहे हैं सरगर्म
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के सलाहकार एवं दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़े मनजिंदर सिंह सिरसा भी शहर में अपनी सरगर्मियों को बढ़ा रहे हैं। कुछ दिन पहले सुखबीर बादल के साथ गांव बाकरपुर में भी सिरसा साथ दिखे और कुलवंत सिंह के साथ हुई गुप्त मीटिंग में भी सिरसा मौजूद थे। इसके अलावा भी अकाली दल के स्थानीय नेताओं की एक होटल में हुई मीटिंग में भी सिरसा शामिल थे।
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ऐसी स्थित में कांग्रेस को नगर निगम में विपक्ष में बैठना पड़ेगा। मौजूदा समय में कांग्रेस ने आजाद ग्रुप के कुलवंत सिंह को समर्थन दिया था। इसके बाद कुलवंत सिंह नगर निगम के पहले मेयर बने थे। जबकि, कांग्रेस को सीनियर डिप्टी मेयर का पद मिला था। अकाली दल और भाजपा के पास पार्षदों की संख्या 23 है। अगर कुलवंत सिंह अकाली दल में जाते हैं तो उन्हें मिलाकर उनके ग्रुप के सभी 11 पार्षद अकाली दल के हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, अकाली दल के प्रधान एवं डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल और उनके सलाहकार मनजिंदर सिंह सिरसा और सीपीएस एनके शर्मा ने कुलवंत सिंह से कुछ दिन पहले एक मीटिंग हुई थी। इसमें सुखबीर बादल ने कुलवंत सिंह को पार्टी में वापसी के लिए मना भी लिया था। इसका रस्मी एलान आने वाले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा।
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मीटिंग के दौरान कुलवंत सिंह को पार्टी में लाने के लिए अकाली दल मेंहलका इंचार्ज का पद देने की भी बात कही गई थी, जिसे कुलवंत सिंह ने ठुकरा दिया और सिर्फ पार्टी में आने के लिए हां कर दी। इससे साफ जाहिर है कि अकाली दल इस बार मोहाली विधानसभा जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रहा है। अकाली दल के लिए मोहाली सीट जीतना इज्जत का सवाल बन गया है, क्योंकि अकाली दल लगातार यह सीट हार रहा है। कांग्रेस लगातार तीन बार यह सीट जीत चुकी है। इस बार कांग्रेस के विधायक बलबीर सिंह सिद्घू को हराने के लिए अकाली दल समीकरण तैयार करने में लगा हुआ है। लेकिन, अकाली दल को मौजूदा विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को चुनाव में टक्कर देने के लिए कोई ऐसा चेहरा नहीं मिल रहा है। विधानसभा हलके में कांग्रेस के विधायक सिद्धू काफी सरगर्म हैं और हर घर व परिवार तक अपनी पहुंच बना चुके हैं।
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क्या होगा अकाली-भाजपा पार्षदों का
शिरोमणि अकाली दल को ठुकरा कर नगर निगम में जब कुलवंत सिंह मेयर बने थे तो अकाली-भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध किया था। अब जब कुलवंत सिंह अकाली दल में वापसी कर रहे हैं तो क्या अकाली-भाजपा पार्षद इनको पंसद करेंगे। यह पार्षदों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एनके शर्मा को मिलेगा हलका मोहाली का एडिशनल चार्ज
सूत्रों के मुताबिक, मेयर कुलवंत सिंह को अकाली दल में वापसी के लिए पूरा जोर लगाया और उन्हें मनाने में अकाली कामयाब भी हो गया। क्योंकि शहर निवासियों को पता है कि कुलवंत सिंह और एनके शर्मा बेहद करीबी दोस्त हैं। कुलवंत सिंह की ओर से अकाली दल में वापसी के लिए हां तो कर दी, लेकिन कुलवंत सिंह ने हलका इंचार्ज का पद लेने के लिए मना कर दिया। इसके बाद सुखबीर बादल को एनके शर्मा को मोहाली इंचार्ज हलके का एडिशनल चार्ज देने के कहा गया है, जिसका एलान आने वाले दिनों में हो सकता है।
हरिंदरपाल चंदूमाजरा है मौजूदा हलका इंचार्ज
अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बेटे हरिंदरपाल सिंह चंदूूमाजरा को हलका इंचार्ज बनवा दिया था। इसके बाद चंदूमाजरा परिवार ने शहर में अपनी गतिविधि बढ़ा दी थीं, जो कि मौजूदा समय में भी चल रही हैं। यहीं नहीं, शहर में बिखरे अकाली नेताओं को एक साथ करने में चंदूमाजरा ने पूरा जोर लगाया। सभी को इकट्ठा कर लिया है, लेकिन अब कुलवंत सिंह के अकाली दल में वापसी और एनके शर्मा को हलका इंचार्ज बनाए जाने की चर्चाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हरिंदरपाल चंदूमाजरा मोहाली छोड़ कर जाएंगे या मोहाली से ही चुनाव लड़ेंगे। इसका फैसला अकाली दल करेगा।
मनजिंदर सिरसा भी शहर में हो रहे हैं सरगर्म
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के सलाहकार एवं दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़े मनजिंदर सिंह सिरसा भी शहर में अपनी सरगर्मियों को बढ़ा रहे हैं। कुछ दिन पहले सुखबीर बादल के साथ गांव बाकरपुर में भी सिरसा साथ दिखे और कुलवंत सिंह के साथ हुई गुप्त मीटिंग में भी सिरसा मौजूद थे। इसके अलावा भी अकाली दल के स्थानीय नेताओं की एक होटल में हुई मीटिंग में भी सिरसा शामिल थे।