नम आंखों से मेहरम को विदाई, नाना बेहोश
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छह वर्षीय मेहरम को शनिवार को सेक्टर-57 के श्मशानघाट पर सैकड़ों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। एक ओर जहां लोगों की आंखें नम थी, वहीं दिलों में पुलिस के प्रति गुस्से का गुबार। बेसुध हालत में मेहरम के नाना बलविंदर सिंह ने उसकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके सीने में अचानक दर्द उठने पर उन्हें आईबीवाई अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शनिवार को छह वर्षीय मेहरम की अंतिम विदाई में हुजूम उमड़ पड़ा। इस हृदयविदारक घटना के बाद हर किसी की आंख नम थी। इससे पहले कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा था। अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
शव के फेज-9 स्थित घर पर पहुंचते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। मां और नानी मेहरम के शव से लिपट-लिपट कर रोती रही। इसे देख वहां मौजूद लोगों की आंखें छल-छला गईं और दिल रो उठा।
श्मशानघाट बन गया पुलिस छावनी
वहीं हालात को पहले से ही भांपते हुए पुलिस ने घर और श्मशानघाट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया हुआ था। इसके बाद परिजन शव को लेकर श्मशान घाट के लिए रवाना हुए। इस दौरान बच्चे की नानी, मां और नाना का बुरा हाल था। उनकी आंखों से आंसू और जुबां पर बस मेहरम का ही नाम था। लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला।
अंतिम विदाई में शामिल लोग भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सके। वहां मौजूद हर आंख नम थी और दिलों में पुलिस की लापरवाही के प्रति गुस्सा।
काश पुलिस ने शुरू में ही तेजी दिखाई होती
हर कोई बस यहीं कह रहा था कि ‘काश पुलिस ने शुरू में ही तेजी दिखाई होती तो आज ये दिन न देखना पड़ता’। एक महिला का गुस्सा तो विधायक के खिलाफ ही फूट पड़ा। हालांकि बाद में लोगों के शांत कराने पर मामला शांत हो गया।
वहीं अंतिम संस्कार के बाद नाना बलविंदर सिंह के सीने में दर्द शुरू हो गया। इस पर वहां मौजूद लोग उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए। उन्हें 24 घंटे के लिए आब्जरवेशन पर रखा गया है। अंतिम संस्कार में विधायक बलबीर सिंह सिद्धू, एसडीएम लखमीर सिंह भी मौजूद रहे।