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दवा के दाम ब्रांड देखकर नहीं बल्कि साल्ट के हिसाब से तय हों : सिद्धू

Wed, 08 Jan 2020 08:24 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2020 08:24 PM IST
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medicine price should set by salt, not brand : Sidhu
मोहाली। मरीजों को सस्ती दवाइयां मुहैया करवाने के लिए कंपनी का ब्रांड देखकर मूल्य निर्धारित करने की जगह दवाई के साल्ट के मुताबिक दाम तय होने चाहिएं। यह बात पंजाब के सेहत व परिवार भलाई मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने केंद्र सरकार को सुझाव देते कही।
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सिद्धू फेज-एक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में उपभोक्ता संरक्षण मंच की तरफ से खुराक व नागरिक आपूर्ति विभाग के सहयोग से करवाए गए ग्राहक जागरूकता समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के रसायन व खाद मंत्रालय के अधीन आती राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) भारत में दवाइयों के दाम तय करती है लेकिन अफसोस की बात है कि प्राधिकरण की तरफ से मूल्य निर्धारण में कोई नियंत्रण नहीं है। दवा का मूल्य निर्माता कंपनी व व्यापारी तय करके लोगों पर डाल देते हैं।
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उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार केंद्र को साल्ट के मूल्य निर्धारित करने के लिए जोर डाल रही है। इस संबंधी उन्होंने कुछ दिन पहले दिल्ली में एनपीपीए के सीनियर अधिकारियों से मीटिंग की है। समागम में सेहत मंत्री के राजनीतिक सचिव हरकेश चंद शर्मा मछली कलां, जिला सेहत अफसर डॉ. सुभाष, जल आपूति व स्वच्छता एक्सईएन अनिल कुमार, पार्षद एनपीएस सिद्धू, पार्षद कुलजीत बेदी, बीबी मैनी, गुरमीत कौर, संस्था के प्रधान इंजीनियर पीएस विरदी, संरक्षक जेएस अरोड़ा, महासचिव पीके कपूर, खजानची गुरचरण सिंह, उपप्रधान एसएस गरेवाल व केएस भिंडर, वरिष्ठ उपप्रधान एमएम चोपड़ा, कानूनी सलाहकार टीपीएस वालिया, गुरुद्वारा साहिब के प्रधान बिक्रमजीत सिंह, चंडीगढ़ अवेयरनेस ग्रुप के सुरिंदर कुमार, स्टेज सचिव जसवंत शर्मा, बलविंदर सिंह, एसएस लखोवाल व रविंदर सिंह सैनी हाजिर थे।
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नकली घी बनाने वाले कई अड्डे करवाए बंद
सिद्धू ने कहा कि जब उन्होंने सेहत मंत्रालय संभाला तो लोगों को शुद्ध आहार मुहैया करवाने के लिए उन्होंने फूड सेफ्टी विभाग के माध्यम से नकली घी तैयार करने वाले करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं जब से पशु पालन विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित करते हुए सही दूध लोगों तक पहुंचाने के लिए दूध की टेस्टिंग करवाई।

गलत विज्ञापन से गुमराह किया तो लग सकता है प्रतिबंध
जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की पूर्व जज मधु पी. सिंह ने उपभोक्ता सुरक्षा एक्ट 2019 के बारे में जानकारी सांझी की। यह भी बताया कि नए एक्ट में गुमराह करने वाले विज्ञापन के खिलाफ भी जुर्माने की व्यवस्था है। केंद्रीय उपभोक्ता सुरक्षा अथारिटी ऐसा करने वाली कंपनी को संबंधित उत्पाद या वस्तु का एक साल तक विज्ञापन देने से भी रोक सकती है। नए एक्ट के तहत जिला स्तरीय कमिश्नर के पास एक करोड़ रुपये तक के मूल्य वाली वस्तुओं या उत्पादों के बारे में शिकायत दी जा सकती है और उनकी सुनवाई वहां ही होगी।
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