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Mohali News: पोस्ट ऑफिस घोटाले में बड़ा खुलासा.. पूर्व सब-पोस्टमास्टर संजीव कुमार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का दर्ज किया मामला
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मोहाली। डायरेक्टरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट (ईडी) जालंधर जोनल कार्यालय ने पोस्ट ऑफिस घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 21 नवंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ( पीएमएलए) के तहत मोहाली स्थित माननीय विशेष अदालत में पूर्व सब-पोस्टमास्टर संजीव कुमार और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है। मामला सार्वजनिक धन की भारी हेराफेरी और उसे अवैध तरीके से ठिकाने लगाने से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत संजीव कुमार समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि संजीव कुमार ने 54 फर्जी बचत खातों को खोलकर सरकारी खजाने को 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा 41 बचत खातों में हेराफेरी कर 2.79 करोड़ रुपये, 51 आरडी खातों में गड़बड़ी कर 1.89 करोड़ रुपये तथा पीपीएफ व टर्म डिपॉजिट खातों में फर्जीवाड़ा कर कुल 8.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
ईडी के अनुसार, संजीव कुमार ने यह धनराशि नकद और कई बैंक खातों के माध्यम से निकाली, जिन्हें वह खुद नियंत्रित करता था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपनी आपराधिक कमाई का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने, जुआ खेलने, निजी खर्चों और संपत्तियां खरीदने में करता था। इसके लिए उसने सजनी बाला और केवल कृष्ण के नाम से कई बैंक अकाउंट भी खोले और उनका उपयोग प्रोसीड्स ऑफ क्राइम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए साफ करने में किया।
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इस मामले में ईडी पहले ही 21 मार्च 2025 को सजनी बाला और केवल कृष्ण के नाम पर दर्ज 42 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है, जिसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि कर दी थी। ईडी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और और भी खुलासे होने की संभावना है।
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ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत संजीव कुमार समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि संजीव कुमार ने 54 फर्जी बचत खातों को खोलकर सरकारी खजाने को 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा 41 बचत खातों में हेराफेरी कर 2.79 करोड़ रुपये, 51 आरडी खातों में गड़बड़ी कर 1.89 करोड़ रुपये तथा पीपीएफ व टर्म डिपॉजिट खातों में फर्जीवाड़ा कर कुल 8.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
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ईडी के अनुसार, संजीव कुमार ने यह धनराशि नकद और कई बैंक खातों के माध्यम से निकाली, जिन्हें वह खुद नियंत्रित करता था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपनी आपराधिक कमाई का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने, जुआ खेलने, निजी खर्चों और संपत्तियां खरीदने में करता था। इसके लिए उसने सजनी बाला और केवल कृष्ण के नाम से कई बैंक अकाउंट भी खोले और उनका उपयोग प्रोसीड्स ऑफ क्राइम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए साफ करने में किया।
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इस मामले में ईडी पहले ही 21 मार्च 2025 को सजनी बाला और केवल कृष्ण के नाम पर दर्ज 42 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है, जिसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि कर दी थी। ईडी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और और भी खुलासे होने की संभावना है।