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महाशिवरात्रि आज, मंदिरों में भव्य सजावट
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मोहाली। भगवान शिव और मां पार्वती के शुभ विवाह का पावन पर्व महाशिवरात्रि आज मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर पूजा-पाठ के लिए वीआईपी सिटी के मंदिरों में भव्य सजावट की गई है। हालांकि कोरोना काल के चलते इस साल शहर में भव्य आयोजन नहीं करवाए जा रहे, फिर भी भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। मंदिरों में जलाभिषेक सहित विशेष पूजा अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कोरानो काल के चलते इस साल शहर में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन नहीं करवाए जा रहे। इसके बावजूद इस पावन पर्व पर शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में भव्य सजावट की गई है, जिसमें मंदिरों को रोशनी से सजाया गया है। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम के समय मंदिरों में संकीर्तन के कार्यक्रम होंगे। जबकि कोरोना काल के चलते इस साल महाशिवरात्रि पर निकाली जाने वाली शोभा यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधकों ने मंदिरों में सैनिटाइजेशन के इंतजाम के साथ सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की है।
महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। आचार्य इंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि चतुर्दशी 11 मार्च को दोपहर 2: 39 बजे से शुरू होकर 12 मार्च को दोपहर 3: 02 बजे तक रहेगी। 11 मार्च सुबह 9: 25 तक शिव योग रहेगा। उसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा। जो कि 12 मार्च सुबह 8: 29 बजे तक रहेगा। शिव योग में किए गए मंत्रजाप और अनुष्ठान शुभफलदायक होते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर घनिष्ठा नक्षत्र होगा और सुबह 9:25 बजे तक चंद्रमा मकर राशि में फिर कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।
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101 साल बाद आज विशेष संयोग
केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान पंडित जगदंबा प्रसाद रतूड़ी बताते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन शिवयोग, सिद्धियोग और घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग आने से इस पावन पर्व का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। इन शुभ संयोगों के बीच महा शिवरात्रि पर पूजा बेहद कल्याणकारी होगी। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वीरवार को त्रयोदशी और चतुर्दशी मिल रही हैं। इस दिन 101 साल के बाद शिव योग, सिद्धि योग और घनिष्ठ नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है।
गोशाला में होगी शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर फेज-1 की गोशाला में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। गौरी शंकर सेवा दल के प्रधान रमेश शर्मा ने बताया कि शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के लिए वैदिक रीति अनुसार अनुष्ठान किया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर सुबह 6 से 8 बजे तक यज्ञ किया जाएगा। इसके बाद सवा 9 बजे शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही यज्ञ में पूर्णाहूति दी जाएगी। पूर्णाहूति से पहले भगवान शिव का रुद्राभिषेक होगा। रमेश शर्मा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों को दूध और फल का लंगर वितरित किया जाएगा।
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कोरानो काल के चलते इस साल शहर में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन नहीं करवाए जा रहे। इसके बावजूद इस पावन पर्व पर शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में भव्य सजावट की गई है, जिसमें मंदिरों को रोशनी से सजाया गया है। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम के समय मंदिरों में संकीर्तन के कार्यक्रम होंगे। जबकि कोरोना काल के चलते इस साल महाशिवरात्रि पर निकाली जाने वाली शोभा यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधकों ने मंदिरों में सैनिटाइजेशन के इंतजाम के साथ सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की है।
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महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। आचार्य इंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि चतुर्दशी 11 मार्च को दोपहर 2: 39 बजे से शुरू होकर 12 मार्च को दोपहर 3: 02 बजे तक रहेगी। 11 मार्च सुबह 9: 25 तक शिव योग रहेगा। उसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा। जो कि 12 मार्च सुबह 8: 29 बजे तक रहेगा। शिव योग में किए गए मंत्रजाप और अनुष्ठान शुभफलदायक होते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर घनिष्ठा नक्षत्र होगा और सुबह 9:25 बजे तक चंद्रमा मकर राशि में फिर कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।
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101 साल बाद आज विशेष संयोग
केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान पंडित जगदंबा प्रसाद रतूड़ी बताते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन शिवयोग, सिद्धियोग और घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग आने से इस पावन पर्व का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। इन शुभ संयोगों के बीच महा शिवरात्रि पर पूजा बेहद कल्याणकारी होगी। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वीरवार को त्रयोदशी और चतुर्दशी मिल रही हैं। इस दिन 101 साल के बाद शिव योग, सिद्धि योग और घनिष्ठ नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है।
गोशाला में होगी शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर फेज-1 की गोशाला में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। गौरी शंकर सेवा दल के प्रधान रमेश शर्मा ने बताया कि शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के लिए वैदिक रीति अनुसार अनुष्ठान किया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर सुबह 6 से 8 बजे तक यज्ञ किया जाएगा। इसके बाद सवा 9 बजे शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही यज्ञ में पूर्णाहूति दी जाएगी। पूर्णाहूति से पहले भगवान शिव का रुद्राभिषेक होगा। रमेश शर्मा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों को दूध और फल का लंगर वितरित किया जाएगा।