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बजट पेश न होने की सूरत में होने वाले नुकसान के लिए ईओ समेत लेखा शाखा के अधिकारी होंगे जिम्मेदार : जसप्रीत कौर

Wed, 22 Mar 2023 01:57 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Updated Wed, 22 Mar 2023 01:57 AM IST
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loss due to non-presentation of budget: Jaspreet Kaur
बजट पेश न होने पर नुकसान के लिए ईओ-लेखा शाखा के अधिकारी जिम्मेदार : जसप्रीत कौर
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इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रतिनिधि बार-बार बैठक रखने के बावजूद आनाकानी पर उतरे
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। नगर परिषद की प्रधान जसप्रीत कौर लौंगिया ने कार्यकारी अधिकारी को पत्र जारी करके कहा है कि पंजाब म्यूनिसिपल अकाउंट मैनुअल 2017 के उपबंधों के अनुसार नगर परिषद द्वारा हर साल का बजट मंजूर करके सरकार को 28 फरवरी से पहले भेजना अति जरूरी था। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी द्वारा उक्त उपबंधों के अनुसार 10 फरवरी तक बजट तैयार करके एक कॉपी के रूप में सरकार को भेजते मंजूरी और विचार के लिए प्रधान नगर परिषद के पास पेश करनी होती है ताकि प्रधान नगर परिषद द्वारा इस उद्देश्य के लिए विशेष बैठक करके बजट मंजूर करने के बाद सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके परंतु नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी द्वारा अभी तक बजट के आंकड़े तैयार करके परिषद प्रधान के पास पेश नहीं किए गए हैं। इस कारण परिषद प्रधान द्वारा बजट संबंधी कोई बैठक नहीं बुलाई जा सकी है।
परिषद प्रधान लौंगिया ने बताया कि बजट की महत्ता को ध्यान में रखते उन्होंने दोबारा फिर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखा है कि 22 मार्च 2023 तक वर्ष 2023-24 का बजट तैयार करके टिप्पणी तथा दस्तावेजों सहित पेश किया जाए ताकि इसे सदन में रखा जा सके। ऐसा न करने की सूरत में नगर परिषद को होने वाले नुकसान और नगर परिषद खरड़ की खराब होने वाली छवि के लिए कार्यकारी अधिकारी तथा लेखा शाखा के अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार होंगे।
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उन्होंने आगे कहा कि इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रतिनिधि बार-बार मांगों संबंधी बैठक रखने के बावजूद नहीं आ रहे हैं। नए बहाने लगाकर सरकार की शह पर जानबूझ कर बैठक के लिए आनाकानी कर रहे हैं। जब सदन की मीटिंग रखी जाती है तो कर्मचारियों को धरने पर बैठा दिया जाता है। वह दो बार कर्मचारियों की मांगों संबंधी कार्यकारी अधिकारी तथा प्रतिनिधियों को बैठक की कॉल कर चुके हैं। बैठक में अधिकारियों का हाजिर होना जरूरी है क्योंकि नगर परिषद पर पड़ने वाले वित्तीय खर्च के बारे में सारा खाका अधिकारियों द्वारा ही तय करना होता है। पंजाब सरकार की शह पर अधिकारी विकास कार्यों में अड़ंगा बन रहे हैं जिस कारण शहर का नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि सदन की बैठक 22 से 24 मार्च के बीच रखी जानी है। इससे पहले उनके साथ तालमेल करके कर्मचारियों की मांगों संबंधी डाटा तैयार करके उन्हें दिया जाए ताकि कर्मचारियों की मांगों संबंधी सदन में विचार किया जा सके। शहर में बिजली ग्रिड लगाने तथा नाले की सफाई संबंधी भी एक विशेष बैठक की जानी है। परिषद प्रधान द्वारा नगर परिषद खरड़ के कार्यकारी अधिकारी को लिखे पत्र की प्रतियां संबंधित मंत्री के साथ चीफ सेक्रेटरी तथा डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग पंजाब आदि को भेजी गई हैं।
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