{"_id":"68b8a7eca7866712ca00466b","slug":"kurali-powercom-office-is-running-in-a-dilapidated-building-administration-should-pay-attention-mohali-news-c-71-1-spkl1025-133060-2025-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: खस्ताहाल इमारत में चल रहा कुराली पावरकॉम का दफ्तर, प्रशासन दे ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: खस्ताहाल इमारत में चल रहा कुराली पावरकॉम का दफ्तर, प्रशासन दे ध्यान
विज्ञापन
कुराली। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जन-जीवन को प्रभावित किया है। कुराली के मोरिंडा मार्ग पर स्थित पावरकॉम दफ्तर की इमारत की हालत बारिश के कारण और भी दयनीय हो गई है। थोड़ी सी बारिश होने पर दफ्तर की छत से पानी टपकने लगता है जिससे अंदर आने वाले लोगों और कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है।
इलाके के लोगों ने इस खंडहर हो चुकी इमारत को असुरक्षित घोषित कर एक नई इमारत बनाने की मांग की है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अपने काम के लिए दफ्तर आए कुलजीत सिंह, ब्रिज मोहन, रवि कुमार, रविंदर सिंह, जगप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह ने बताया कि यह इमारत पिछले कई सालों से खस्ताहालत में है जिसमें कर्मचारी अपना गुजारा कर रहे हैं। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
परमिंदर सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि जब वे दफ्तर पहुंचे तो बारिश बंद हो चुकी थी। इसके बावजूद दफ्तर की छतों से लगातार पानी टपक रहा था और सभी कमरों में पानी भर गया था। यहां तक कि विभाग के एसडीओ के दफ्तर वाले कमरे की हालत भी बहुत खराब थी। दफ्तर में रखी टेबल-कुर्सियां पूरी तरह से पानी से भीग चुकी थीं।
विज्ञापन
कर्मचारियों के साथ लोगों की जान का भी खतरा
लोगों ने तिरपाल से ढके हुए विभाग के कंप्यूटर दिखाते हुए कहा कि इमारत की इस खस्ताहालत से न सिर्फ विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। बल्कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों और आने-जाने वाले लोगों के लिए भी जान का खतरा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार इस दफ्तर की इमारत की हालत पहले से ही खराब थी। पिछले साल छत पर सोलर सिस्टम लगाए जाने के कारण छत और भी कमजोर हो गई है।
विज्ञापन
इलाके के लोगों ने इस खंडहर हो चुकी इमारत को असुरक्षित घोषित कर एक नई इमारत बनाने की मांग की है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अपने काम के लिए दफ्तर आए कुलजीत सिंह, ब्रिज मोहन, रवि कुमार, रविंदर सिंह, जगप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह ने बताया कि यह इमारत पिछले कई सालों से खस्ताहालत में है जिसमें कर्मचारी अपना गुजारा कर रहे हैं। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
विज्ञापन
परमिंदर सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि जब वे दफ्तर पहुंचे तो बारिश बंद हो चुकी थी। इसके बावजूद दफ्तर की छतों से लगातार पानी टपक रहा था और सभी कमरों में पानी भर गया था। यहां तक कि विभाग के एसडीओ के दफ्तर वाले कमरे की हालत भी बहुत खराब थी। दफ्तर में रखी टेबल-कुर्सियां पूरी तरह से पानी से भीग चुकी थीं।
विज्ञापन
कर्मचारियों के साथ लोगों की जान का भी खतरा
लोगों ने तिरपाल से ढके हुए विभाग के कंप्यूटर दिखाते हुए कहा कि इमारत की इस खस्ताहालत से न सिर्फ विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। बल्कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों और आने-जाने वाले लोगों के लिए भी जान का खतरा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार इस दफ्तर की इमारत की हालत पहले से ही खराब थी। पिछले साल छत पर सोलर सिस्टम लगाए जाने के कारण छत और भी कमजोर हो गई है।