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कुराली मास्टर प्लान: पड़ियाला के किसानों का कृषि जोन प्रस्ताव पर विरोध, रिहायशी जोन की मांग

Tue, 21 Jul 2026 02:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:13 AM IST
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Kurali Master Plan: Padiyala farmers oppose agricultural zone proposal, demand residential zone
मोहाली। मोहाली के गांव पड़ियाला के किसानों ने कुराली मास्टर प्लान में अपनी जमीन को कृषि जोन में शामिल करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। किसानों ने गमाडा के मुख्य प्रशासक को विस्तृत आपत्ति पत्र भेजा है। उन्होंने जिला उपायुक्त के माध्यम से पंजाब सरकार से गांव की पूरी भूमि को रिहायशी जोन में शामिल करने की मांग की है।
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किसान यूनियन राजेवाल के जिला प्रधान महिंदर सिंह और अन्य जमीन मालिकों ने बताया कि पड़ियाला गांव वर्ष 2008 से नगर परिषद कुराली की सीमा में है। इसके बावजूद 3 जुलाई 2026 को जारी ड्राफ्ट लैंड यूज मास्टर प्लान में गांव के बड़े हिस्से को कृषि जोन में रखा गया है। किसानों का कहना है कि यह नगर परिषद क्षेत्र के विकास की अवधारणा के विपरीत है। नगर परिषद सीमा में आने वाले क्षेत्रों का उपयोग भविष्य की आबादी और शहरी जरूरतों के लिए होता है। इन क्षेत्रों को आमतौर पर आवासीय या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। मांगपत्र में बताया गया कि पिछले करीब 18 से 20 वर्षों में गांव और आसपास 30 से 35 आवासीय कॉलोनियां विकसित हुई हैं या निर्माणाधीन हैं। इससे गांव की लगभग 70 फीसदी भूमि शहरी विकास के दायरे में आ चुकी है। केवल 30 फीसदी भूमि ही खेतों के रूप में बची है। किसानों ने कहा कि शेष जमीन को कृषि जोन में रखना अव्यावहारिक है। यह किसानों के साथ भेदभाव भी है।
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आर्थिक नुकसान की आशंका

किसानों का कहना है कि यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-205, राष्ट्रीय राजमार्ग-205ए और कुराली बाईपास से सटा है। यहां भविष्य में आवासीय और व्यावसायिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यदि इस भूमि को कृषि जोन में रखा गया तो किसानों की संपत्ति का मूल्य घट जाएगा। इससे विकास की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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किसानों की मुख्य मांग

किसानों ने मांग की है कि अंतिम मास्टर प्लान जारी करने से पहले पूरे गांव पड़ियाला को कृषि जोन से बाहर किया जाए। इसे रिहायशी जोन में शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे किसानों के हित सुरक्षित होंगे। कुराली शहर का योजनाबद्ध विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा। यह कदम किसानों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
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