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खरड़ को नसीब होगा अपना बस स्टैंड, ट्रासपोर्ट मंत्री आज रखेंगे नींव पत्थर
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मोहाली। सीएम सिटी को आखिर अब अपना बस स्टैंड नसीब होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने अब खरड़ में बस स्टैंड बनाने का फैसला लिया है। वीरवार को पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वंड़िग बस स्टैंड का नींव पत्थर रखेंगे। इसके बाद इसके निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस संबंधी समागम वीडीपीओ दफ्तर खरड़ में समागम करवाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे-5 पर खरड़ बसा हुआ है। लेकिन अभी तक इलाके को अपना बस स्टैंड नसीब नहीं हो पाया है। जबकि यह शहर अंग्रेेजों के जमाने का है। अब से 14 साल पहले 2006 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यहां मौजूदा नेशनल हाईवे-5 पर बस स्टैंड का नींव पत्थर रखा था, लेकिन यह प्रोजेक्ट उससे आगे नहीं बढ़ पाया और यह नींव पत्थर धरा ही रह गया। लेकिन परेशान स्थानीय लोग बारिश, सर्दी, तपती धूप में हाईवे पर खड़े होकर बसेें पकड़ने को मजबूर हैं। जब भी चुनाव आते हैं तो इस बस स्टैंड के प्रोजेक्ट पर राजनीति जमकर होती है। नेता ऐसे बड़े-बड़े दावे करते हैं कि मानों बस अब जल्द ही शहर में बस स्टैंड बन जाएगा। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद इसे सब भूल जाते हैं।
बता दें कि खरड़ नेशनल हाईवे-5 के दोनों तरफ बसा हुआ है। यह पंजाब का सबसे बड़ा विधानसभा हलका है और खरड़ बस स्टैंड की लोकेशन काफी अहम है। क्योंकि यहां से एक नेशनल हाईवे आगे चंडीगढ़ तो दूसरी तरफ बनूड़ की ओर जाता है। इस शहर की आबादी तीन लाख से ज्यादा है। यहां पर हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, बिहार और जम्मू-कश्मीर के अधिकतर लोग बसे हुए हैं। रोजाना 7-8 हजार लोग उक्त बस स्टैंड की खाली जगह से बसों में सफर करते हैं। लेकिन बस स्टैंड नहीं बना होने के कारण लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। जिसमें महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है।
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बता दें कि अमर उजाला की ओर से 15 जुलाई के अंक में अंग्रेजों के जमाने से बसे खरड़ में अभी तक नहीं बना बस स्टैंड शीर्षक से इस मामले को उठाया था। इसमें प्रशासन के अधिकारियों से लेकर सभी राजनेताओं से बाचतीत की गई थी। यह मामला काफी गर्माया रहा था। जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
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जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे-5 पर खरड़ बसा हुआ है। लेकिन अभी तक इलाके को अपना बस स्टैंड नसीब नहीं हो पाया है। जबकि यह शहर अंग्रेेजों के जमाने का है। अब से 14 साल पहले 2006 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यहां मौजूदा नेशनल हाईवे-5 पर बस स्टैंड का नींव पत्थर रखा था, लेकिन यह प्रोजेक्ट उससे आगे नहीं बढ़ पाया और यह नींव पत्थर धरा ही रह गया। लेकिन परेशान स्थानीय लोग बारिश, सर्दी, तपती धूप में हाईवे पर खड़े होकर बसेें पकड़ने को मजबूर हैं। जब भी चुनाव आते हैं तो इस बस स्टैंड के प्रोजेक्ट पर राजनीति जमकर होती है। नेता ऐसे बड़े-बड़े दावे करते हैं कि मानों बस अब जल्द ही शहर में बस स्टैंड बन जाएगा। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद इसे सब भूल जाते हैं।
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बता दें कि खरड़ नेशनल हाईवे-5 के दोनों तरफ बसा हुआ है। यह पंजाब का सबसे बड़ा विधानसभा हलका है और खरड़ बस स्टैंड की लोकेशन काफी अहम है। क्योंकि यहां से एक नेशनल हाईवे आगे चंडीगढ़ तो दूसरी तरफ बनूड़ की ओर जाता है। इस शहर की आबादी तीन लाख से ज्यादा है। यहां पर हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, बिहार और जम्मू-कश्मीर के अधिकतर लोग बसे हुए हैं। रोजाना 7-8 हजार लोग उक्त बस स्टैंड की खाली जगह से बसों में सफर करते हैं। लेकिन बस स्टैंड नहीं बना होने के कारण लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। जिसमें महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है।
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बता दें कि अमर उजाला की ओर से 15 जुलाई के अंक में अंग्रेजों के जमाने से बसे खरड़ में अभी तक नहीं बना बस स्टैंड शीर्षक से इस मामले को उठाया था। इसमें प्रशासन के अधिकारियों से लेकर सभी राजनेताओं से बाचतीत की गई थी। यह मामला काफी गर्माया रहा था। जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।