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कल्याणी की मां को पद से हटाया जाए तभी मिलेगा इंसाफ : दीपिंदर कौर
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मोहाली। राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज और वकील सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की हत्या के मामले में सात साल बाद कल्याणी सिंह की गिरफ्तारी के बाद वीरवार को प्रेसवार्ता कर सिद्धू के परिजनों ने सीबीआई का आभार जताया। साथ ही कल्याणी की मां और हिमाचल हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सबीना सिंह को पद से हटाने की मांग की। कहा कि इससे जांच एजेंसियां बिना किसी दबाव के काम कर सकेंगी क्योंकि अब तक उनके बेटे को इंसाफ इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि बड़े पद पर बैठे लोगों का दबाव था।
पीड़ित परिवार ने अदालत से सिप्पी सिद्धू के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा की मांग की। मां दीपिंदर कौर ने कहा कि जब से सिप्पी की हत्या हुई है, तब से उनकी अंतरात्मा से एक ही आवाज आती है कि उनके जिगर के टुकड़े को कल्याणी ने ही मौत के घाट उतारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याणी सिंह की मां के दबाव में ही चंडीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ नहीं की लेकिन सच्चाई की हमेशा जीत होती है।
दीपिंदर कौर ने कहा कि कल्याणी और सिप्पी के दादा की आपस में गहरी दोस्ती थी और यह दोस्ती आगे परिवारों में साथ-साथ चलती रही। कल्याणी का उनके घर पर पारिवारिक सदस्य की तरह आना जाना था, जो कल्याणी और सिप्पी की शादी से इंकार के बाद भी बरकरार रहा। पता नहीं कल्याणी अंदर ही अंदर अपने मन में क्या पाले हुई थी और साजिश रचकर मेरे बेटे (सिप्पी सिद्धू) को मार दिया।
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सिप्पी के नाम पर लिया सिमकार्ड चलाती थी कल्याणी : दीपिंदर कौर
प्रेसवार्ता के दौरान दीपिंदर कौर ने बताया कि सिप्पी और कल्याणी के बीच अच्छे संबंध थे लेकिन पता नहीं जब कल्याणी के परिवार की तरफ से शादी का प्रस्ताव आया तो सिप्पी ने रिश्ते से इंकार कर दिया। सिप्पी को कल्याणी की ऐसी बात पता चल गई थी जो सिप्पी को पसंद नहीं थी। इसके चलते सिप्पी ने कल्याणी के साथ शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद कल्याणी के परिजनों से तो बातचीत जरूर बंद हो गई परंतु कल्याणी ने हमारे घर आना नहीं छोड़ा। कल्याणी कोई न कोई बहाना बनाकर आ जाती और घंटों सिप्पी के साथ बैठकर बातें करती रहती। बातों ही बातों में कल्याणी सिप्पी को बुरा अंजाम भुगतने की बात तक कहती, जिसको कभी गंभीरता से नहीं लिया। शादी से इंकार होने के बाद परिजन कल्याणी को डिप्रेशन का शिकार बताते थे, जिसका इलाज तक चल रहा था। कल्याणी ने फोन के लिए सिप्पी सिद्धू के नाम पर सिमकार्ड लिया था और उसी का इस्तेमाल करती थी।
‘हत्या से पहले भी दो दिन सिप्पी को पार्क ले गई थी कल्याणी’
दीपिंदर कौर ने बताया कि 20 सितंबर 2015 को सिप्पी और मैं बैठकर बातें कर रहे थे तभी कल्याणी ने सेक्टर-19 से किसी के फोन सिप्पी को कॉल की और उसे सेक्टर-27 चंडीगढ़ बुलाया। इसके बाद सिप्पी उठकर जाने लगा। मुझे ठीक से याद है कि उस समय बारिश हो रही थी और मेरे मन में एक बार सिप्पी को रोकने का ख्याल भी आया लेकिन यह नहीं पता था कि सिप्पी से अब मुलाकात नहीं होगी। 20 सितंबर के अलावा सिप्पी को कल्याणी 18 और 19 को भी सेक्टर-27 के पार्क ले गई थी। दीपिंदर कौर ने बताया कि कल्याणी ने कहा था कि अब उसने डिप्रेशन की दवाई लेनी बंद कर दी है और शाम के समय मेडिटेशन की क्लासेज लेती है। इससे उसे फर्क पड़ रहा है।
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पीड़ित परिवार ने अदालत से सिप्पी सिद्धू के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा की मांग की। मां दीपिंदर कौर ने कहा कि जब से सिप्पी की हत्या हुई है, तब से उनकी अंतरात्मा से एक ही आवाज आती है कि उनके जिगर के टुकड़े को कल्याणी ने ही मौत के घाट उतारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याणी सिंह की मां के दबाव में ही चंडीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ नहीं की लेकिन सच्चाई की हमेशा जीत होती है।
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दीपिंदर कौर ने कहा कि कल्याणी और सिप्पी के दादा की आपस में गहरी दोस्ती थी और यह दोस्ती आगे परिवारों में साथ-साथ चलती रही। कल्याणी का उनके घर पर पारिवारिक सदस्य की तरह आना जाना था, जो कल्याणी और सिप्पी की शादी से इंकार के बाद भी बरकरार रहा। पता नहीं कल्याणी अंदर ही अंदर अपने मन में क्या पाले हुई थी और साजिश रचकर मेरे बेटे (सिप्पी सिद्धू) को मार दिया।
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सिप्पी के नाम पर लिया सिमकार्ड चलाती थी कल्याणी : दीपिंदर कौर
प्रेसवार्ता के दौरान दीपिंदर कौर ने बताया कि सिप्पी और कल्याणी के बीच अच्छे संबंध थे लेकिन पता नहीं जब कल्याणी के परिवार की तरफ से शादी का प्रस्ताव आया तो सिप्पी ने रिश्ते से इंकार कर दिया। सिप्पी को कल्याणी की ऐसी बात पता चल गई थी जो सिप्पी को पसंद नहीं थी। इसके चलते सिप्पी ने कल्याणी के साथ शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद कल्याणी के परिजनों से तो बातचीत जरूर बंद हो गई परंतु कल्याणी ने हमारे घर आना नहीं छोड़ा। कल्याणी कोई न कोई बहाना बनाकर आ जाती और घंटों सिप्पी के साथ बैठकर बातें करती रहती। बातों ही बातों में कल्याणी सिप्पी को बुरा अंजाम भुगतने की बात तक कहती, जिसको कभी गंभीरता से नहीं लिया। शादी से इंकार होने के बाद परिजन कल्याणी को डिप्रेशन का शिकार बताते थे, जिसका इलाज तक चल रहा था। कल्याणी ने फोन के लिए सिप्पी सिद्धू के नाम पर सिमकार्ड लिया था और उसी का इस्तेमाल करती थी।
‘हत्या से पहले भी दो दिन सिप्पी को पार्क ले गई थी कल्याणी’
दीपिंदर कौर ने बताया कि 20 सितंबर 2015 को सिप्पी और मैं बैठकर बातें कर रहे थे तभी कल्याणी ने सेक्टर-19 से किसी के फोन सिप्पी को कॉल की और उसे सेक्टर-27 चंडीगढ़ बुलाया। इसके बाद सिप्पी उठकर जाने लगा। मुझे ठीक से याद है कि उस समय बारिश हो रही थी और मेरे मन में एक बार सिप्पी को रोकने का ख्याल भी आया लेकिन यह नहीं पता था कि सिप्पी से अब मुलाकात नहीं होगी। 20 सितंबर के अलावा सिप्पी को कल्याणी 18 और 19 को भी सेक्टर-27 के पार्क ले गई थी। दीपिंदर कौर ने बताया कि कल्याणी ने कहा था कि अब उसने डिप्रेशन की दवाई लेनी बंद कर दी है और शाम के समय मेडिटेशन की क्लासेज लेती है। इससे उसे फर्क पड़ रहा है।