{"_id":"5437966fdec55f8ccad647374cc9a6f7","slug":"just-killed-in-auto-collision-two-with-the-death-of-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस ने ऑटो में मारी टक्कर, छात्र समेत दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस ने ऑटो में मारी टक्कर, छात्र समेत दो की मौत
अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 10 Oct 2013 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर बुधवार सुबह स्थानीय आईटीआई चौक पर हरियाणा रोडवेज की चपेट में आने से ऑटो में सवार इंजीनियरिंग के छात्र एवं ऑटो चालक की दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे में करीब एक दर्जन व्यक्ति जख्मी हो गए। घायलों को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के अस्पताल को रैफर किया गया है। बस चंडीगढ़ से जयपुर जा रही थी।
प्राप्त जानकारी अनुसार सरबन सिंह (55) पुत्र अमर सिंह निवासी भगवासी ऑटो में सवारियां बैठाकर मलकपुर की ओर जा रहा था। इनमें अधिकांश स्थानीय स्वामी परमानंद इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी थे।
जैसे ही वह ऑटो को मुख्य मार्ग से मलकपुर की ओर मोड़ने लगा, तो चंडीगढ़ से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस ने ऑटो को चपेट में ले लिया। इस कारण ऑटो में सवार सभी व्यक्ति तथा ऑटो चालक सरबन सिंह जख्मी हो गए। घायलों को तुरंत सरकारी अस्पताल डेराबस्सी ले जाया गया।
विज्ञापन
वहां से गंभीर जख्मियों को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के अस्पताल रैफर कर दिया गया। वहां डाक्टरों ने ऑटो चालक सरबन सिंह तथा मैैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र मुकेश कुमार (20) पुत्र रामसेवक निवासी मधुबनी, बिहार को मृत करार दे दिया।
घायलों में अमरनाथ पुत्र रणजीत सिंह निवासी मनीमाजरा, संजे कुमार पुत्र मुंशी निवासी सेक्टर-30-ए चंडीगढ़, सौरभ पुत्र सरबन कुमार निवासी अभयपुर, पंचकूला, धरज पुत्र रामरतन, विनोद पुत्र मामराज निवासी मनीमाजरा, हरनेक निवासी चंडीगढ़, विनोद कुमार पुत्र वैदनाथ, गौरव पुत्र कुलदीप, जतिन, धीरज कुमार, स्वतंत्र पुत्र लछमन दास, तथा अजय पुत्र गुरप्रीत शामिल हैं।
क्या कहते हैं लोग-
चश्मदीदों के अनुसार हादसे का शिकार हुए ऑटो में सामर्थ्य से अधिक सवारियां थीं। इनकी गिनती करीब एक दर्जन रही होगी। लालडू से रोजाना गांवों की ओर खास तौर पर इंजीनियरिंग कॉलेजों को जाने वाले ऑटो 12 से 15 सवारियां बैठा कर चलते है।
हैरानी की बात है कि यह ऑटो आईटीआई चौक स्थित ट्रैफिक पुलिस के नाका-बूथ, जहां हर समय ट्रैफिक कर्मचारी मौजूद रहते हैं, के सामने से गुजरते है, परंतु कोई इन्हें नहीं देखता। लोगों का कहना है कि अधिक सवारियां बैठाने के कारण जहां ऑटो चालक को ऑटो चलाने में दिक्कत पेश आती है, वहीं इन ऑटो में ऊंची आवाज में लगे गाने ऑटो चालक का ध्यान भटकाते हैं, परंतु चंद पैसों के लालच में ऑटो चालक खुद अपनी तथा सवारियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
विज्ञापन
हादसे में करीब एक दर्जन व्यक्ति जख्मी हो गए। घायलों को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के अस्पताल को रैफर किया गया है। बस चंडीगढ़ से जयपुर जा रही थी।
प्राप्त जानकारी अनुसार सरबन सिंह (55) पुत्र अमर सिंह निवासी भगवासी ऑटो में सवारियां बैठाकर मलकपुर की ओर जा रहा था। इनमें अधिकांश स्थानीय स्वामी परमानंद इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी थे।
विज्ञापन
जैसे ही वह ऑटो को मुख्य मार्ग से मलकपुर की ओर मोड़ने लगा, तो चंडीगढ़ से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस ने ऑटो को चपेट में ले लिया। इस कारण ऑटो में सवार सभी व्यक्ति तथा ऑटो चालक सरबन सिंह जख्मी हो गए। घायलों को तुरंत सरकारी अस्पताल डेराबस्सी ले जाया गया।
विज्ञापन
वहां से गंभीर जख्मियों को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के अस्पताल रैफर कर दिया गया। वहां डाक्टरों ने ऑटो चालक सरबन सिंह तथा मैैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र मुकेश कुमार (20) पुत्र रामसेवक निवासी मधुबनी, बिहार को मृत करार दे दिया।
घायलों में अमरनाथ पुत्र रणजीत सिंह निवासी मनीमाजरा, संजे कुमार पुत्र मुंशी निवासी सेक्टर-30-ए चंडीगढ़, सौरभ पुत्र सरबन कुमार निवासी अभयपुर, पंचकूला, धरज पुत्र रामरतन, विनोद पुत्र मामराज निवासी मनीमाजरा, हरनेक निवासी चंडीगढ़, विनोद कुमार पुत्र वैदनाथ, गौरव पुत्र कुलदीप, जतिन, धीरज कुमार, स्वतंत्र पुत्र लछमन दास, तथा अजय पुत्र गुरप्रीत शामिल हैं।
क्या कहते हैं लोग-
चश्मदीदों के अनुसार हादसे का शिकार हुए ऑटो में सामर्थ्य से अधिक सवारियां थीं। इनकी गिनती करीब एक दर्जन रही होगी। लालडू से रोजाना गांवों की ओर खास तौर पर इंजीनियरिंग कॉलेजों को जाने वाले ऑटो 12 से 15 सवारियां बैठा कर चलते है।
हैरानी की बात है कि यह ऑटो आईटीआई चौक स्थित ट्रैफिक पुलिस के नाका-बूथ, जहां हर समय ट्रैफिक कर्मचारी मौजूद रहते हैं, के सामने से गुजरते है, परंतु कोई इन्हें नहीं देखता। लोगों का कहना है कि अधिक सवारियां बैठाने के कारण जहां ऑटो चालक को ऑटो चलाने में दिक्कत पेश आती है, वहीं इन ऑटो में ऊंची आवाज में लगे गाने ऑटो चालक का ध्यान भटकाते हैं, परंतु चंद पैसों के लालच में ऑटो चालक खुद अपनी तथा सवारियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।