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यूक्रेन से भारत लौटीं मोहाली की तीन छात्राओं से बातचीत

Sat, 26 Feb 2022 01:50 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:50 AM IST
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Interaction with three girls from Mohali who returned to India from Ukraine
मोहाली। यूक्रेन में फंसे हुए विद्यार्थियों की ओर से वहां से वापस लेकर आने के लिए लगातार भारत सरकार से गुहार लगाई जा रही है। वहीं जो छात्र भारत लौट आए हैं उन्हेें वहां फंसे अपने दोस्तों की और अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। जिन विद्यार्थियों की डिग्री खत्म होने में अभी काफी साल बाकी हैं उनकी ओर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है, वहीं कुछ विद्यार्थी जिनका यह आखिरी साल है वह आज भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। अमर उजाला ने यूक्रेन से मोहाली में पहुंची तीनों छात्राओं के साथ बातचीत की है।
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मैं 20 फरवरी को लौटी, मेरे दोस्त वहीं फंसे
मैं यूक्रेन में एमबीबीएस पहले साल की छात्रा हूं। 20 फरवरी को भारत लौटी हूं और मेरे दोस्त अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जिस फ्लाइट से मैं आई हूं, उसमें कोई समस्या नहीं आई। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह थी कि जिस टिकट को वे कभी 30 हजार रुपये में खरीदते थे, उस पर उनके पिता ने 57 हजार खर्च करके बुलाया है। यूक्रेन के हालातों से हमारी पढ़ाई का नुकसान हो सकता है। पहले ही कोरोना के कारण पढ़ाई का नुकसान हुआ है। हमारा कॉलेज यूक्रेन बस स्टैंड से 12 घंटे की दूरी पर है। वहां पर 24 फरवरी को 45 बच्चे बस में राजधानी कीव पहुंच रहे थे। बस चालक को पता चला कि राजधानी में हमला हुआ है तो बस चालक ने भारतीय छात्रों को बस स्टैंड में ही छोड़ दिया। अब वे वहीं फंसे हुए हैं। -जसलीन कौर, फेज- 10, मोहाली।
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हॉस्टल नजदीक था और कॉलेज के दोस्त सुरक्षित
हमारा हॉस्टल बस स्टैंड के नजदीक है। वहां पर मेरे कॉलेज के दोस्त सुरक्षित हैं। उन्हें यूक्रेन के सुरक्षाकर्मी ने सही जगह पहुंचा दिया है, लेकिन उनके पास अन्य कपड़े नहीं हैं और वे सिर्फ जरूरी सामान और कागजात लेकर भारत आ रहे थे। उन्होंने बताया कि जिस हिसाब से मीडिया बढ़-चढ़कर खबरें बता रहा, वैसे हालात नहीं हैं। फिलहाल वे सुरक्षित हैं और जल्द भारत लौटना चाहते हैं। हमारी यूनिवर्सिटी हमें ऑनलाइन पढ़ाई करवा रही है। हां पढ़ाई में थोड़ी दिक्कत है क्योंकि हमारे प्रेक्टिकल के लिए लैब में जाना जरूरी होता था। ऐसे में भी प्रोफेसरों की ओर से हमें ऑनलाइन बहुत अच्छे ढंग से पढ़ाया जा रहा है। -निशा, टीडीआई मोहाली।
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मैं हर साल जून में भारत आती थी, इस बार पहले पहुंची
मैं एमबीबीएस की चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रही हूं। अक्सर मैं जून की छुट्टियों में ही भारत आती थी। पिछले चार साल में मुझे कभी कोई समस्या नहीं आई। भारत सरकार की एडवाइजरी जारी होने के कुछ दिन बाद ही मेरे माता-पिता ने मेरे लिए टिकट करवा दी और मैं अब यहां पर हूं। वहीं, यूनिवर्सिटी कह रही है कि उनकी पढ़ाई ऑनलाइन करवाई जाएगी। लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के लिए उन्हें कॉलेज से कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। इसकी मुझे बहुत चिंता है कि अब ऐसे हालातों से हमारी पढ़ाई पर असर पड़ेगा। यहां तक कि हमारे कॉलेज के डीन भी हमें कोई राहत नहीं दे रहे हैं। वहां से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी समस्या टिकट खरीदना है, जो कभी 20 हजार की होती थी आज वह 90 हजार रुपये तक की मिल रही है। -तरन्नुम, फेज- 9, मोहाली।
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