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Mohali News: फायर एनओसी के बिना सिविल अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में जांच शुरू

Thu, 22 Oct 2026 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:02 AM IST
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Inspections begin in the Civil Hospital's pediatric ward despite the absence of a fire NOC.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीजों की जरूरत पर सीमित क्षेत्र में शुरू की है जांच
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अंजिता मिश्रा
मोहाली। फेज-6 के सिविल अस्पताल के नए पीडियाट्रिक वार्ड में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने पर सवाल उठे हैं। फायर एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यहां मरीजों के पैथोलॉजी सैंपल लिए जा रहे हैं। डेंगू और हैजा जैसी बीमारियों की जांच के लिए सैंपल लेने की व्यवस्था शुरू होने से अस्पताल की फायर सेफ्टी पर चर्चा तेज हो गई है। अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड की चौथी मंजिल पर यह नया पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया गया है। किसी भी नए वार्ड या सुविधा को पूरी तरह संचालित करने से पहले सुरक्षा मानकों का पूरा होना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि फायर एनओसी का इंतजार होने के बावजूद जांच सुविधा किस स्तर पर शुरू की गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की जरूरत को देखते हुए फिलहाल सीमित स्तर पर जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य मरीजों को जांच के लिए दूसरी जगह जाने से रोकना है। प्रबंधन के अनुसार, वार्ड की सभी सुविधाएं फायर एनओसी मिलने के बाद ही पूरी तरह संचालित की जाएंगी। संवाद
सुरक्षा मानकों पर सवाल
नए वार्ड में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इसके बीच फायर सेफ्टी से जुड़ी औपचारिकताओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के साथ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अस्पताल प्रशासन के लिए अहम है। अब सभी की निगाहें फायर एनओसी मिलने और वार्ड को पूरी तरह शुरू किए जाने पर टिकी हैं।
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कोट
मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए कुछ जांचें की जा रही है। फायर एनओसी मिलने के बाद ही सुविधा को पूरी तरह शुरू किया जाएगा। फिलहाल केवल आवश्यक जांचें ही की जा रही हैं ताकि मरीजों को परेशानी न हो। -अमित अग्रवाल, एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट
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कोट
फायर विभाग की तरफ से अस्पताल प्रशासन को एक गाड़ी मुहैया कराई गई है। बिना एनओसी पीडियाट्रिक वार्ड में जो सेवाएं शुरू की गईं हैं, यह देखना अस्पताल प्रशासन का काम है। मानक पूरे होने पर फायर विभाग की तरफ से एनओसी दे दी जाएगी। - शहबाज सिंह, जिला फायर आफिसर
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