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इंडस्ट्रियल एरिया को निगम में शामिल तो किया, पर समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया

Mon, 06 Sep 2021 02:02 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 02:02 AM IST
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Industrial area was included in the corporation, but did not pay attention to the problems
मोहाली। शहर में आईटी हब के नाम से विकसित किए गए इंडस्ट्रियल एरिया फेज 8ए और बी से वीआईपी शहर को अलग पहचान मिलती है। कई बड़ी इकाईयां और नामी कंपनियां के यहां चलाई जा रही हैं। नगर निगम को उद्योगपतियों की ओर से करोड़ों रुपये का राजस्व दिया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद इंडस्ट्रियल एरिया की हालत काफी खस्ता है। यहां की सड़कें पूरी तरह से टूटी पड़ी हैं, पार्कों की हालत खराब है और सड़कों किनारे गंदगी के ढेर लगे हैं साथ ही डंपिंग ग्राउंड में बेतरतीब तरीके से फैला कूड़ा भी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। यहां के उद्योगपतियों का कहना है कि नगर निगम ने करीब एक महीना पहले इंडस्ट्रियल एरिया को अपने अधीन ले लिया था, लेकिन इसके बाद से कोई काम नहीं किया गया और यहां के उद्योगपतियों की ओर से लाखों का टैक्स देने के बाद भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। इसलिए इस समस्या से हमें पहल के आधार पर छुटकारा दिलाया जाए।
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जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसआइईसी) ने औद्योगिक क्षेत्र के रखरखाव का काम नगर निगम को सौंप जरूर दिया है। लेकिन एक महीना होने को आया है नगर निगम इलाके में विकास कार्य शुरू तक नहीं कर पाया है। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू और उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की देखरेख में अगस्त की शुरूआत में काफी जद्दोजहद के साथ पीएसआईईसी से निगम को काम सौंपा गया था। जिससे इलाके का सुधार हो सके। वहीं दूसरी ओर इलाके की बदहाल स्थिति के कारण उद्योगपतियों को काफी परेशानी भी आ रही है। इलाके में ज्यादा तर आईटी कंपनियां हैं और कई नामी बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे की एशियन पेंट, क्वार्क सिटी, एसटीपीआई, सनफार्मा समेत कई शामिल हैं। पिछले कई साल से इलाके के उद्योगपतियों की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये टैक्स भरा जा रहा है। कई साल से ही उद्योगपति इलाके के सुधार की मांग भी करते आ रहे हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई न होने के कारण यहां के उद्योगपतियों का जीवन नर्क बनता जा रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि इलाके में एक बड़ा पार्क है, जो पार्क कम और डंपिंग ग्राउंड ज्यादा दिखता है। पार्क के अंदर घास और गंदगी के ढेर लगे हैं और बैठने के लिए बनाए गए शेड पूरी तरह से टूट चुके हैं। स्ट्रीट लाइटों के खंभे टूटे पड़े हैं, गाइड मैप झाड़ियों के बीच छिपा पड़ा है। बी-रोड की सड़क पर दोनों तरफ 5-6 फुट ऊंची घास उगी हुई है। यहीं नहीं कुछ सड़कें घास और कूड़े के बीच भी इस तरह से छुप गई हैं कि किसी को दिखती तक नहीं है। यहां पर जगह-जगह टूटी सड़के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं और बारिश में इन गड्ढों में पानी भरने के कारण लोगों के साथ हादसे तक हो चुके हैं। इसलिए उद्योगपतियों ने मांग की है कि नगर निगम को इस समस्या का पहले के आधार पर हल करना चाहिए।
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