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बड़े ब्रांड्स ने बढ़ाई मार्केट वैल्यू
अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 08 Oct 2013 02:13 AM IST
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सेक्टर 59 (फेज पांच) की सुनसान सी रहने वाली मार्केट में एक-एक करके कई बड़े ब्रांड्स आए। देखते ही देखते मार्केट में किराया काफी बढ़ गया। गमाडा ने भी बाजार की नब्ज भांप ली और अपना दांव खेला।
जो बिल्कुल निशाने पर लगा। इस मार्केट के दो एससीओ नीलाम करके गमाडा ने एक ही झटके 30.77 करोड़ रुपये कमा लिए।
फेज पांच मार्केट का तीसरा ब्लॉक काफी समय से उजाड़ रहता था। कोई बड़ा ब्रांड न होने के कारण यहां आवाजाही कम ही रहती थी। पार्किंग कई सालों से खस्ताहाल थी, जहां-तहां मलबा पड़ा रहता था। कुछ समय पहले यहां की पार्किंग पर री-कारपेटिंग की गई। उसके बाद से मार्केट के भाग्य खुल गए।
पहले एक्सिस बैंक खुला। उसके बाद बर्न जिम, बार्बेक्यू नेशन जैसे नामी ब्रांड आ गए। रिलायंस फ्रेश पहले ही यहां था। मार्केट का सबसे ज्यादा नाम हाल ही में खुले कल्याण ज्वेलर्स के चलते हुए।
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कल्याण ज्वेलर्स का मोटा किराया सारे बाजार में चर्चा का विषय बना। गमाडा अधिकारियों तक भी यह बात पहुंची। इसके बाद गमाडा ने ठंडे बस्ते में पड़ी अपनी प्रॉपर्टी पर दांव लगाने का फैसला किया।
इस मार्केट में दो एससीओ पड़े थे, जिन्हें पहले कभी नीलामी में रखा ही नहीं गया। बाकी एससीओ पहले से अलॉट हैं। गमाडा के थिंक टैंक को लग रहा था कि ब्रांड्स के साथ मार्केट की वैल्यू भी बढ़ गई है।
इसलिए गमाडा ने दोनों एससीओ नीलामी में रख दिए। इनमें से एक एससीओ कॉर्नर का था, जिसका एरिया भी ज्यादा था। उम्मीद के मुताबिक ही उसके लिए तगड़ी बोली लगी।
13.73 करोड़ से बोली शुरू हुई, गुरजीत सिंह, इंटरनेशनल इंफ्रा इन्वेस्टमेंट, संदीप और हैरी टाउनशिप ने बढ़-चढ़ कर बोलियां लगाईं। आखिर में गुरजीत सिंह ने इसे 16.65 करोड़ में अपने नाम किया।
एससीओ-9 के आगे और पीछे पार्किंग न होने के कारण इसकी बोली ज्यादा नहीं लगी, परंतु यह भी 14.12 करोड़ में गुरजीत सिंह ने ही खरीदा।
ग्रुप हाउसिंग एवं स्कूल साइट से टूटीं उम्मीदें
गमाडा अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार ग्रुप हाउसिंग और स्कूल साइट बिकेंगी। परंतु उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। सेक्टर 78 की स्कूल साइट के लिए कोई आगे नहीं आया। सेक्टर 66 में दो ग्रुप साइट भी रखी गई थीं, किंतु उनके लिए भी किसी ने बोली नहीं लगाई। मई में गुरुद्वारा सिंह शहीदां के सामने वाली ग्रुप हाउसिंग साइट बड़ी बोली देकर खरीदने वाले होमलैंड कंपनी के प्रबंधक आए थे, परंतु बाद में उन्होंने भी इरादा बदल लिया।
एक साइट पेंडिंग के बाद कैंसिल
नीलामी के दौरान सेक्टर 68 के कॉर्नर रेजिडेंशियल प्लॉट नंबर 4104 की बोली पेंडिंग कर दी गई। पहले एक बिडर ने बोली दी, कुछ देर बाद एक और बोली आई। पर अधिकारियों ने बोली पेंडिंग कर दी। बिडर का कहना था कि दूसरे प्लॉट भी तीन बोलियों पर दिए गए, उन्हें भी दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि बोली कम है। बाद में दोबारा इसकी बोली के लिए कहा गया, पर कोई आगे नहीं आया, तो बोली कैंसिल कर दी गई।
बिकी साइट्स
सेक्टर --------------- रिजर्व प्राइज --- नीलामी
सेक्टर 68 - रिहायशी प्लाट - 2,63,20,000 - 2.70 करोड़
सेक्टर 68 - रिहायशी प्लॉट - 2,63,20,000 - 2.78 करोड़
सेक्टर 69 - रिहायशी प्लॉट - 3,95,20,000 - 4.02 करोड़
सेक्टर 59 - एससीओ - 13.71 करोड़ - 16.65 करोड़
सेक्टर 59 - एससीओ - 13.40 करोड़ - 14.12 करोड़
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जो बिल्कुल निशाने पर लगा। इस मार्केट के दो एससीओ नीलाम करके गमाडा ने एक ही झटके 30.77 करोड़ रुपये कमा लिए।
फेज पांच मार्केट का तीसरा ब्लॉक काफी समय से उजाड़ रहता था। कोई बड़ा ब्रांड न होने के कारण यहां आवाजाही कम ही रहती थी। पार्किंग कई सालों से खस्ताहाल थी, जहां-तहां मलबा पड़ा रहता था। कुछ समय पहले यहां की पार्किंग पर री-कारपेटिंग की गई। उसके बाद से मार्केट के भाग्य खुल गए।
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पहले एक्सिस बैंक खुला। उसके बाद बर्न जिम, बार्बेक्यू नेशन जैसे नामी ब्रांड आ गए। रिलायंस फ्रेश पहले ही यहां था। मार्केट का सबसे ज्यादा नाम हाल ही में खुले कल्याण ज्वेलर्स के चलते हुए।
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कल्याण ज्वेलर्स का मोटा किराया सारे बाजार में चर्चा का विषय बना। गमाडा अधिकारियों तक भी यह बात पहुंची। इसके बाद गमाडा ने ठंडे बस्ते में पड़ी अपनी प्रॉपर्टी पर दांव लगाने का फैसला किया।
इस मार्केट में दो एससीओ पड़े थे, जिन्हें पहले कभी नीलामी में रखा ही नहीं गया। बाकी एससीओ पहले से अलॉट हैं। गमाडा के थिंक टैंक को लग रहा था कि ब्रांड्स के साथ मार्केट की वैल्यू भी बढ़ गई है।
इसलिए गमाडा ने दोनों एससीओ नीलामी में रख दिए। इनमें से एक एससीओ कॉर्नर का था, जिसका एरिया भी ज्यादा था। उम्मीद के मुताबिक ही उसके लिए तगड़ी बोली लगी।
13.73 करोड़ से बोली शुरू हुई, गुरजीत सिंह, इंटरनेशनल इंफ्रा इन्वेस्टमेंट, संदीप और हैरी टाउनशिप ने बढ़-चढ़ कर बोलियां लगाईं। आखिर में गुरजीत सिंह ने इसे 16.65 करोड़ में अपने नाम किया।
एससीओ-9 के आगे और पीछे पार्किंग न होने के कारण इसकी बोली ज्यादा नहीं लगी, परंतु यह भी 14.12 करोड़ में गुरजीत सिंह ने ही खरीदा।
ग्रुप हाउसिंग एवं स्कूल साइट से टूटीं उम्मीदें
गमाडा अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार ग्रुप हाउसिंग और स्कूल साइट बिकेंगी। परंतु उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। सेक्टर 78 की स्कूल साइट के लिए कोई आगे नहीं आया। सेक्टर 66 में दो ग्रुप साइट भी रखी गई थीं, किंतु उनके लिए भी किसी ने बोली नहीं लगाई। मई में गुरुद्वारा सिंह शहीदां के सामने वाली ग्रुप हाउसिंग साइट बड़ी बोली देकर खरीदने वाले होमलैंड कंपनी के प्रबंधक आए थे, परंतु बाद में उन्होंने भी इरादा बदल लिया।
एक साइट पेंडिंग के बाद कैंसिल
नीलामी के दौरान सेक्टर 68 के कॉर्नर रेजिडेंशियल प्लॉट नंबर 4104 की बोली पेंडिंग कर दी गई। पहले एक बिडर ने बोली दी, कुछ देर बाद एक और बोली आई। पर अधिकारियों ने बोली पेंडिंग कर दी। बिडर का कहना था कि दूसरे प्लॉट भी तीन बोलियों पर दिए गए, उन्हें भी दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि बोली कम है। बाद में दोबारा इसकी बोली के लिए कहा गया, पर कोई आगे नहीं आया, तो बोली कैंसिल कर दी गई।
बिकी साइट्स
सेक्टर --------------- रिजर्व प्राइज --- नीलामी
सेक्टर 68 - रिहायशी प्लाट - 2,63,20,000 - 2.70 करोड़
सेक्टर 68 - रिहायशी प्लॉट - 2,63,20,000 - 2.78 करोड़
सेक्टर 69 - रिहायशी प्लॉट - 3,95,20,000 - 4.02 करोड़
सेक्टर 59 - एससीओ - 13.71 करोड़ - 16.65 करोड़
सेक्टर 59 - एससीओ - 13.40 करोड़ - 14.12 करोड़