{"_id":"60d0fb358ebc3e3231331044","slug":"in-zirakpur-people-demonstrated-against-the-builder-of-maya-garden-alleging-embezzlement-of-rs-25-crore-mohali-news-pkl4174945103","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीरकपुर में लोगों ने माया गार्डन के बिल्डर पर 25 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीरकपुर में लोगों ने माया गार्डन के बिल्डर पर 25 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन
विज्ञापन
जीरकपुर। अंबाला हाईवे पर स्थित माया गार्डन सिटी में रहने वाले लोगों ने सोमवार को सोसायटी की मेन गेट पर बिल्डर सतीश जिंदल के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने बिल्डर पर सोसायटी के फंड से करोड़ों रुपये गबन करने का आरोप लगाया है। माया गार्डन सिटी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर गुंडागर्दी पर उतारू हो चुका है और सोसायटी के मामलों में बिल्डर जबरन दखल अंदाजी कर रहा है।
इस प्रदर्शन में मौजूद स्थानी निवासियों में एडवोकेट कंचन मल्होत्रा, सोनिया, गुरंग कर्नल, रमेश घई, अरिंदम, पूजा, रवि, अनिल, मीता रानी, राकेश रंजन, कविता रानी, दीपक, कर्मचंद और सोसायटी के दर्जनों लोगों ने बताया कि उनकी सोसायटी के बिल्डर ने पहले बनी आरडब्ल्यूए को खत्म कर अपने हक में काम करने वाले लोगों को लेकर एक नई वेलफेयर एसोसिएशन बना दी है और लोगों से मेंटेनेंस के लिए और पैसे मांगे जा रहे हैं। जबकि बहुत से एसोसिएशन के सदस्य यहां के स्थानीय निवासी ही नहीं हैं। जबकि एसोसिएशन में स्थानीय निवासी ही शामिल होते हैं। वहीं उनकी आरडब्ल्यूए के खाते में करीब 25 करोड़ रुपये का फंड पड़ा है जिसका बिल्डर कोई हिसाब नहीं दे रहा है और जबरन उनके पैसों को हड़पना चाहता है। वहीं इस पैसे का आज तक कोई ऑडिट भी नहीं करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि बिल्डर ने नई एसोसिएशन बनाकर गाड़ियों के पुराने स्टीकर रद्द कर नए बना दिए हैं और उन पर घर का पूरा पता भी डाल दिया है जो कि उनकी प्राइवेसी को खत्म कर रहा है। जिस गाड़ी पर नया स्टीकर नहीं लगा होता उसका सोसाइटी में प्रवेश वर्जित कर दिया है। भले ही वह सोसायटी का निवासी ही क्यों न हों। इस तरह बिल्डर स्थानीय लोगों को ही परेशान करने पर तुला है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में दखलंदाजी कर हमारी समस्या का समाधान किया जाए।
विज्ञापन
वहीं इस मामले में जब माया गार्डन के बरनाला बिल्डर्स के मालिक सतीश जिंदल से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
विज्ञापन
इस प्रदर्शन में मौजूद स्थानी निवासियों में एडवोकेट कंचन मल्होत्रा, सोनिया, गुरंग कर्नल, रमेश घई, अरिंदम, पूजा, रवि, अनिल, मीता रानी, राकेश रंजन, कविता रानी, दीपक, कर्मचंद और सोसायटी के दर्जनों लोगों ने बताया कि उनकी सोसायटी के बिल्डर ने पहले बनी आरडब्ल्यूए को खत्म कर अपने हक में काम करने वाले लोगों को लेकर एक नई वेलफेयर एसोसिएशन बना दी है और लोगों से मेंटेनेंस के लिए और पैसे मांगे जा रहे हैं। जबकि बहुत से एसोसिएशन के सदस्य यहां के स्थानीय निवासी ही नहीं हैं। जबकि एसोसिएशन में स्थानीय निवासी ही शामिल होते हैं। वहीं उनकी आरडब्ल्यूए के खाते में करीब 25 करोड़ रुपये का फंड पड़ा है जिसका बिल्डर कोई हिसाब नहीं दे रहा है और जबरन उनके पैसों को हड़पना चाहता है। वहीं इस पैसे का आज तक कोई ऑडिट भी नहीं करवाया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बिल्डर ने नई एसोसिएशन बनाकर गाड़ियों के पुराने स्टीकर रद्द कर नए बना दिए हैं और उन पर घर का पूरा पता भी डाल दिया है जो कि उनकी प्राइवेसी को खत्म कर रहा है। जिस गाड़ी पर नया स्टीकर नहीं लगा होता उसका सोसाइटी में प्रवेश वर्जित कर दिया है। भले ही वह सोसायटी का निवासी ही क्यों न हों। इस तरह बिल्डर स्थानीय लोगों को ही परेशान करने पर तुला है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में दखलंदाजी कर हमारी समस्या का समाधान किया जाए।
विज्ञापन
वहीं इस मामले में जब माया गार्डन के बरनाला बिल्डर्स के मालिक सतीश जिंदल से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।