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Mohali News: व्यक्ति की मौत मामले में अब परिवार को मिलेगा दो लाख का मुआवजा
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मोहाली। खरड़ के पास बीडीओ कार्यालय के नजदीक वर्ष 2019 में हुए हादसे में घायल की मृत्यु के बाद उनके परिवार को मुआवजा देने का मामला सुलझ गया है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (मैक्ट) ने आपसी समझौते के आधार पर मृतक के कानूनी वारिसों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले के अनुसार, अश्वनी कुमार ने 9 जनवरी 2019 को हुए सड़क हादसे में चोट लगने के बाद याचिका दायर की थी। बताया गया कि यह हादसा कार चालक की लापरवाही के कारण हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान 26 नवंबर 2021 को अश्वनी कुमार की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी मीना रानी और बेटियां बृंदा शर्मा व निधि शर्मा को कानूनी वारिस के रूप में केस में शामिल किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
13 मार्च 2026 को बीमा कंपनी की ओर से दो लाख रुपये की फुल एंड फाइनल सेटलमेंट राशि देने का प्रस्ताव रखा गया। इसे मृतक के परिवार ने स्वीकार कर लिया। 19 मार्च को अन्य पक्षकारों ने भी इस समझौते पर सहमति जता दी। मैक्ट के प्रिजाइडिंग अधिकारी ने 23 मार्च 2026 को आदेश जारी करते हुए बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह 30 दिन के भीतर दो लाख रुपये की राशि का भुगतान करे। आदेश में यह भी कहा गया है कि तय समय में भुगतान न होने पर बीमा कंपनी को 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की राशि का बंटवारा भी तय किया है। इसके अनुसार मृतक की पत्नी मीना रानी को 80 प्रतिशत, जबकि दोनों बेटियों को 10-10 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए फाइल रिकॉर्ड रूम में भेजने के निर्देश दिए हैं।
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13 मार्च 2026 को बीमा कंपनी की ओर से दो लाख रुपये की फुल एंड फाइनल सेटलमेंट राशि देने का प्रस्ताव रखा गया। इसे मृतक के परिवार ने स्वीकार कर लिया। 19 मार्च को अन्य पक्षकारों ने भी इस समझौते पर सहमति जता दी। मैक्ट के प्रिजाइडिंग अधिकारी ने 23 मार्च 2026 को आदेश जारी करते हुए बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह 30 दिन के भीतर दो लाख रुपये की राशि का भुगतान करे। आदेश में यह भी कहा गया है कि तय समय में भुगतान न होने पर बीमा कंपनी को 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की राशि का बंटवारा भी तय किया है। इसके अनुसार मृतक की पत्नी मीना रानी को 80 प्रतिशत, जबकि दोनों बेटियों को 10-10 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए फाइल रिकॉर्ड रूम में भेजने के निर्देश दिए हैं।
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