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Mohali News: फेज-2, फेज-3ए और फेज-8 में बने अवैध बस स्टैंड, प्रशासन बेखबर
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रिहायशी इलाके में उतारी-चढ़ाई जा रही सवारियां, राजस्व का हो रहा नुकसान
फेज-8 का पुराना बस स्टैंड बंद होने के बाद भी निजी बस वाले यहीं खड़ी कर रहे बसें
माई सिटी रिपोर्टरमोहाली। राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए फेज-6 में करोड़ों की लागत से मॉडल एसी बस स्टैंड बनाया था। वहीं, प्रशासन के ढीले रवैये के चलते यह प्रोजेक्ट कामयाब नहीं हो पाया है। पुराना बस स्टैंड बंद होने के बाद भी निजी बस ऑपरेटर नए बस स्टैंड तक बसें भी नहीं ले जाते हैं। इस कारण सवारियां मजबूरी में फेज-8 के खुले मैदान में जाकर वहां से बसें पकड़ रही हैं। वहीं, गमाडा भी अवैध तरीके से चल रहे इस बस अड्डे पर कुछ नहीं कर रहा है। इसके अलावा निजी बस वालों ने फेज-2 की मार्केट, फेज-3ए में खालसा कॉलेज के पास अवैध रूप से बस स्टैंड बना लिया है। यहीं से निजी बसें सवारियां उतार-चढ़ा रही हैं। इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
फेज-2 में मार्केट के सामने रहने वाले लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां सवारियों के उतरने-चढ़ने से वे काफी परेशान हैं। इस बारे में कई बार बस वालों से बात की तो उन्होंने झगड़ते हुए कहा कि वे ऐसा ही करेंगे। एक-दो बार लोगों ने अफसरों से भी शिकायत की पर समस्या जस की तस है। लोगों का कहना है कि अब तो उन्हें आदत हो गई है, क्योंकि इन लोगों की अफसरों से भी सेटिंग है, इसलिए वे भी शिकायत पर कुछ नहीं करते हैं। वहीं अगर वे अपने स्तर पर कुछ करें तो बस वाले झगड़ने आ जाते हैं।
हर शहर में दो-तीन पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट से ले रहे सवारियांलोगों ने कहा कि इन बसों से सफर करना भी असुरक्षित, क्योंकि इनके कागजात पूरे नहीं होते हैं। इनके हर शहर में दो से तीन पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट होते हैं। वहीं से ये लोग सवारियां उतारते और चढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इन्हें अनदेखा कर रहा है। लोगों ने मांग की कि फेज-2, फेज-3ए और फेज-8 में बने अवैध बस स्टैंड को बंद किया जाए। मोहाली की बात करें तो फेज-2, फेज-3ए, फेज-8 और गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पास से सवारियां उठाई और उतारी जा रही हैं। वहीं जीरकपुर में केएफसी और बुधनपुर और चंडीगढ़ में आईएसबीटी-43 और ट्रिब्यून कॉलोनी के पास से सवारियां उठाई और उतारी जा रही हैं।
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एप पर बेची जा रहीं टिकट, विभाग नहीं कर रहा कार्रवाईबता दें कि निजी वॉल्वो बस चलाने वाले टूरिस्ट परमिट लेकर सवारियां उठा रहे हैं। ऐसा करके राजस्व विभाग को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। निजी बसों के चालक एप के माध्यम से टिकटें बेच रहे हैं। वहीं विभाग इन सबसे अनजान बना है। लोगों को कहना है कि जब सरेआम टिकटें एप पर बेची जा रही हैं तो विभाग इन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
देर रात सुनसान इलाके में उतारते-चढ़ाते हैं सवारियांलोगों ने कहा कि निजी बस वालों ने कई जगह सुनसान इलाकों में पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट बना रखे हैं। वे वहां पर देर रात उन्हें उतारते और चढ़ाते हैं। वहां से उतरते समय घर आने का कोई साधन नहीं मिलता है। इस कारण परेशानी होती है। इन बसों को बस स्टैंड पर जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासन को देखना चाहिए।
कोट
-मामला ध्यान में आ गया है। अगर ऐसी कोई बात है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। -महेश सैनी, डीएसपी ट्रैफिक
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फेज-8 का पुराना बस स्टैंड बंद होने के बाद भी निजी बस वाले यहीं खड़ी कर रहे बसें
माई सिटी रिपोर्टरमोहाली। राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए फेज-6 में करोड़ों की लागत से मॉडल एसी बस स्टैंड बनाया था। वहीं, प्रशासन के ढीले रवैये के चलते यह प्रोजेक्ट कामयाब नहीं हो पाया है। पुराना बस स्टैंड बंद होने के बाद भी निजी बस ऑपरेटर नए बस स्टैंड तक बसें भी नहीं ले जाते हैं। इस कारण सवारियां मजबूरी में फेज-8 के खुले मैदान में जाकर वहां से बसें पकड़ रही हैं। वहीं, गमाडा भी अवैध तरीके से चल रहे इस बस अड्डे पर कुछ नहीं कर रहा है। इसके अलावा निजी बस वालों ने फेज-2 की मार्केट, फेज-3ए में खालसा कॉलेज के पास अवैध रूप से बस स्टैंड बना लिया है। यहीं से निजी बसें सवारियां उतार-चढ़ा रही हैं। इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
फेज-2 में मार्केट के सामने रहने वाले लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां सवारियों के उतरने-चढ़ने से वे काफी परेशान हैं। इस बारे में कई बार बस वालों से बात की तो उन्होंने झगड़ते हुए कहा कि वे ऐसा ही करेंगे। एक-दो बार लोगों ने अफसरों से भी शिकायत की पर समस्या जस की तस है। लोगों का कहना है कि अब तो उन्हें आदत हो गई है, क्योंकि इन लोगों की अफसरों से भी सेटिंग है, इसलिए वे भी शिकायत पर कुछ नहीं करते हैं। वहीं अगर वे अपने स्तर पर कुछ करें तो बस वाले झगड़ने आ जाते हैं।
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हर शहर में दो-तीन पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट से ले रहे सवारियांलोगों ने कहा कि इन बसों से सफर करना भी असुरक्षित, क्योंकि इनके कागजात पूरे नहीं होते हैं। इनके हर शहर में दो से तीन पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट होते हैं। वहीं से ये लोग सवारियां उतारते और चढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इन्हें अनदेखा कर रहा है। लोगों ने मांग की कि फेज-2, फेज-3ए और फेज-8 में बने अवैध बस स्टैंड को बंद किया जाए। मोहाली की बात करें तो फेज-2, फेज-3ए, फेज-8 और गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पास से सवारियां उठाई और उतारी जा रही हैं। वहीं जीरकपुर में केएफसी और बुधनपुर और चंडीगढ़ में आईएसबीटी-43 और ट्रिब्यून कॉलोनी के पास से सवारियां उठाई और उतारी जा रही हैं।
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एप पर बेची जा रहीं टिकट, विभाग नहीं कर रहा कार्रवाईबता दें कि निजी वॉल्वो बस चलाने वाले टूरिस्ट परमिट लेकर सवारियां उठा रहे हैं। ऐसा करके राजस्व विभाग को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। निजी बसों के चालक एप के माध्यम से टिकटें बेच रहे हैं। वहीं विभाग इन सबसे अनजान बना है। लोगों को कहना है कि जब सरेआम टिकटें एप पर बेची जा रही हैं तो विभाग इन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
देर रात सुनसान इलाके में उतारते-चढ़ाते हैं सवारियांलोगों ने कहा कि निजी बस वालों ने कई जगह सुनसान इलाकों में पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट बना रखे हैं। वे वहां पर देर रात उन्हें उतारते और चढ़ाते हैं। वहां से उतरते समय घर आने का कोई साधन नहीं मिलता है। इस कारण परेशानी होती है। इन बसों को बस स्टैंड पर जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासन को देखना चाहिए।
कोट
-मामला ध्यान में आ गया है। अगर ऐसी कोई बात है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। -महेश सैनी, डीएसपी ट्रैफिक