फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Husbands lose, wives win; Zirakpur election reveals interesting political dynamics

Mohali News: पति हारे, पत्नियां जीतीं<bha>;</bha> जीरकपुर चुनाव में दिखे दिलचस्प सियासी समीकरण

Wed, 03 Jun 2026 02:04 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
Husbands lose, wives win; Zirakpur election reveals interesting political dynamics
जीरकपुर। नगर परिषद चुनाव 2026 के नतीजों ने शहर की राजनीति में कई दिलचस्प और चर्चित किस्सों को जन्म दिया है। भले ही चुनाव में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिला हो, लेकिन चुनावी मैदान में बने पारिवारिक और राजनीतिक समीकरण अब शहरभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
विज्ञापन

2021 के बाद दूसरी बार हुए नगर परिषद चुनाव में चार प्रमुख राजनीतिक दल मैदान में उतरे। जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी दलों ने अलग-अलग रणनीतियां अपनाईं। भाजपा और कांग्रेस ने कई वार्डों में नेताओं के साथ उनकी पत्नियों को भी उम्मीदवार बनाया। चुनाव परिणामों में दिलचस्प स्थिति तब देखने को मिली, जब कई मौजूदा या पूर्व पार्षद पति चुनाव हार गए, जबकि उनकी पत्नियां जीतकर पार्षद बन गईं।
विज्ञापन

भाजपा ने वार्ड-13 से हरजीत सिंह मिंटा और वार्ड-14 से उनकी पत्नी स्वर्ण कौर को उम्मीदवार बनाया था। वार्ड-13 से हरजीत मिंटा को कांग्रेस उम्मीदवार सुखवीर सिंह लवली ने हरा दिया, जबकि वार्ड-14 से स्वर्ण कौर जीत हासिल करने में सफल रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह कांग्रेस ने वार्ड-27 से पूर्व पार्षद नवतेज नवीं और वार्ड-30 से उनकी पत्नी निशा कुमारी को चुनाव मैदान में उतारा। परिणामों में नवतेज नवीं को हार का सामना करना पड़ा, जबकि निशा कुमारी अपनी सीट जीतने में कामयाब रहीं।



ससुर-बहू की जोड़ी भी नहीं चला सकी जादू
पीरमुछल्ला और ढकोली क्षेत्र में भाजपा ने ससुर और पुत्रवधू की जोड़ी पर दांव खेला। वार्ड-9 से जगदेव सिंह पीरमुछल्ला और वार्ड-10 से उनकी पुत्रवधू जसप्रीत कौर को टिकट दिया गया। हालांकि दोनों उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। वार्ड-9 से आम आदमी पार्टी के संजीव बांसल विजयी रहे, जबकि वार्ड-10 में कांग्रेस उम्मीदवार नीतू शर्मा ने जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि नीतू शर्मा के पति हर्ष ऋषि ने क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों का भरोसा जीता, जिसका लाभ चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।

कोट्स :
वार्ड-9 में पार्टी के ही नेता आजाद तौर पर चुनाव लड़ने के लिए खड़े हो गए, जिसकी वजह से भाजपा का कोर वोटर कन्फयूज हो गया और वोट भाजपा के उम्मीदवार की जगह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को मिल गई। इसके अलावा, वार्ड-10 में अग्रवाल समाज ने इस बार भाजपा की जगह कांग्रेस को वोट देना बेहतर समझा, जो सबसे बड़ा कारण है वार्ड-10 में भाजपा के उम्मीदवार के हारने का। -संजीव खन्ना, इंचार्ज, डेराबस्सी हलका भाजपा।







नोट : कांग्रेस के सीनियर लीडर से बात करके उसका वर्जन भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed