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Mohali: टेरर फंडिंग में पकड़े हर्षवीर को कोर्ट ने भेजा जेल, जल्द हो सकती हैं कुछ और गिरफ्तारियां
Mon, 21 Nov 2022 04:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Nov 2022 04:00 PM IST
सार
चार नवंबर को पंजाब के कोटकपूरा में डेरा प्रेमी की हत्या के मामले में पकड़े गए गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ मनी के खाते में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के कहने पर 20 हजार रुपये डाले थे। मनप्रीत से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उसे हर्षवीर ने पैसे भेजे थे।
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मोहाली कोर्ट में पेश हुआ हर्षवीर सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
टेरर फंडिंग में गिरफ्तार पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र हर्षवीर सिंह बाजवा का तीन दिन का रिमांड खत्म होने पर सोमवार को उसे दोबारा मोहाली की अदालत में पेश किया गया। पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने अदालत को बताया कि आरोपी ने रिमांड के दौरान अपने दो साथियों के नाम बताए हैं। जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद अदालत ने हर्षवीर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत में पेशी के दौरान एसएसओसी ने कहा कि हर्षवीर ने जिस गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ मनी को पैसे भेजे थे। उसके जीजा भोला का भी इस केस से संबंध है। वह इस समय फरीदकोट जेल में है। उससे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट की मांग करते हुए अदालत में अर्जी लगाई। हर्षवीर ने दो और लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस उनके बारे में जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एसएसओसी हर्षवीर के मोबाइल फोन को भी लगातार खंगाल रही है। पता लगाया जा रहा है कि वह किस-किस के संपर्क में था और टेरर फंडिंग का नेटवर्क कहां-कहां से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, हर्षवीर विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ का साथी है। पुलिस जांच में पता चला है कि विदेश में बैठे आईएसआई के गुर्गे लगातार हर्षवीर के खाते में पैसे डाल रहे थे। मूलरूप से संगरूर (पंजाब) के रहने वाले हर्षवीर सिंह बाजवा को एसएसओसी ने कुछ दिन पहले चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधीयन एंड पीस स्टडी विभाग में एमए (तृतीय वर्ष) का छात्र है। बीए की पढ़ाई भी उसने पीयू से ही की है।
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एक अन्य आरोपी को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में दबिश
एसएसओसी की टीम ने हर्षवीर से पूछताछ के बाद चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर दबिश दी लेकिन हर्षवीर का साथी नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दूसरा आरोपी भी पीयू का ही छात्र है और वह भी यूनिवर्सिटी की राजनीति में काफी सक्रिय है। हर्षवीर की गिरफ्तारी के बाद से ही वह चकमा देने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा है। जांच टीम के अधिकारियों का कहना है कि इसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मनप्रीत ने उगला था हर्षवीर का नाम
एसएसओसी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या में हर्षवीर की भूमिका की जांच कर रही है। बीते दस नवंबर को कोटकपूरा (पंजाब) में छह हमलावरों ने बरगाड़ी बेअदबी मामले के आरोपी प्रदीप सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस हमले में पंजाब पुलिस का एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ था। एसएसओसी के मुताबिक, हर्षवीर सिंह ने प्रदीप सिंह की हत्या में पकड़े गए गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ मनी के खाते में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के कहने पर 20 हजार रुपये डाले थे। मनप्रीत से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उसे हर्षवीर ने ही पैसे भेजे थे। वहीं, एसएसओसी का कहना है कि काफी समय से हर्षवीर के खाते में विदेश से पैसे आ रहे थे, जिस वजह से उसपर नजर रखी जा रही थी। मनप्रीत द्वारा हर्षवीर का नाम उगलने पर साक्ष्य मिल गया, जिसके बाद उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
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अदालत में पेशी के दौरान एसएसओसी ने कहा कि हर्षवीर ने जिस गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ मनी को पैसे भेजे थे। उसके जीजा भोला का भी इस केस से संबंध है। वह इस समय फरीदकोट जेल में है। उससे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट की मांग करते हुए अदालत में अर्जी लगाई। हर्षवीर ने दो और लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस उनके बारे में जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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एसएसओसी हर्षवीर के मोबाइल फोन को भी लगातार खंगाल रही है। पता लगाया जा रहा है कि वह किस-किस के संपर्क में था और टेरर फंडिंग का नेटवर्क कहां-कहां से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, हर्षवीर विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ का साथी है। पुलिस जांच में पता चला है कि विदेश में बैठे आईएसआई के गुर्गे लगातार हर्षवीर के खाते में पैसे डाल रहे थे। मूलरूप से संगरूर (पंजाब) के रहने वाले हर्षवीर सिंह बाजवा को एसएसओसी ने कुछ दिन पहले चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधीयन एंड पीस स्टडी विभाग में एमए (तृतीय वर्ष) का छात्र है। बीए की पढ़ाई भी उसने पीयू से ही की है।
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एक अन्य आरोपी को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में दबिश
एसएसओसी की टीम ने हर्षवीर से पूछताछ के बाद चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर दबिश दी लेकिन हर्षवीर का साथी नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दूसरा आरोपी भी पीयू का ही छात्र है और वह भी यूनिवर्सिटी की राजनीति में काफी सक्रिय है। हर्षवीर की गिरफ्तारी के बाद से ही वह चकमा देने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा है। जांच टीम के अधिकारियों का कहना है कि इसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मनप्रीत ने उगला था हर्षवीर का नाम
एसएसओसी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या में हर्षवीर की भूमिका की जांच कर रही है। बीते दस नवंबर को कोटकपूरा (पंजाब) में छह हमलावरों ने बरगाड़ी बेअदबी मामले के आरोपी प्रदीप सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस हमले में पंजाब पुलिस का एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ था। एसएसओसी के मुताबिक, हर्षवीर सिंह ने प्रदीप सिंह की हत्या में पकड़े गए गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ मनी के खाते में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के कहने पर 20 हजार रुपये डाले थे। मनप्रीत से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उसे हर्षवीर ने ही पैसे भेजे थे। वहीं, एसएसओसी का कहना है कि काफी समय से हर्षवीर के खाते में विदेश से पैसे आ रहे थे, जिस वजह से उसपर नजर रखी जा रही थी। मनप्रीत द्वारा हर्षवीर का नाम उगलने पर साक्ष्य मिल गया, जिसके बाद उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।